जलेबी (Popular ‘Dessert’ Jalebi) का नाम सुनते ही मुंह में पानी भर आता है, शायद हीं कोई इंसान होगा जो  गरमागरम जलेबी (Jalebi) देख इसे खाने को व्याकुल न उठा हो | सुबह-सबेरे  अगर नाश्ते के साथ जलेबी (Jalebi) भी हो तो कहने ही क्या हैं |शादी हो या मंगनी या फिर कोई त्योहार जलेबी (Jalebi) के बिना सब फीके हैं | जलेबी के  स्वाद ही ऐसी निराली है की जिन्हें शुगर की बीमारी है वो भी जलेबी  (Jalebi) को चखे बिना नहीं रहते हैं |

भारत के हर कोने में खाई जाती है (Jalebi) जलेबी

नारंगी, लाल रंग की चाशनी में डूबी जलेबी देख कर हर किसी का मन ललचा जाता है। बड़ी तथा छोटी सभी उम्र के लोग (Popular ‘Dessert’ Jalebi) जलेबी को खूब पसंद करते हैं। उत्तर पश्चिमी भारत और पाकिस्तान में जहां इसे जलेबी कहा जाता है, महाराष्ट्र में इसे जिलबी के नाम से जाना जाता है। जैनों की पुस्तक कर्णप कथा में जलेबी को भगवान की मिठाई माना गया है। भारत में में मैदा के अलावा उड़द की दाल और चावल की भी जलेबियां बनाई जाती हैं |भारतीयों को (Popular ‘Dessert’ Jalebi) जलेबी से इस क़दर प्यार है कि कई लोग तो इसे राष्ट्रीय मिठाई तक कहते हैं।

जलेबी (Jalebi) भारत में करीब 500 वर्ष पुरानी है

आपने सभी ने जलेबी का  स्वाद लिया ही होगा लेकिन क्या आप इसके इतिहास को जानते  हैं |   जलेबी(Jalabi)  का इतिहास भी इसकी तरह से गोल गोल और उलझी हुई ही है।  जलेबी का नाम अरबी शब्द “जलाबिया” या फ़ारसी शब्द “जलाबिया” से बना माना जाता है। “किताब-अल-तबीक़” नामक एक मध्यकालीन पुस्तक में इस शब्द का उल्लेख मिलता है। इस पुस्तक में “जलाबिया” नामक एक मिठाई का वर्णन मिलता है जिसका उद्भव पश्चिम एशिया में बताया गया है। यह किताब वर्तमान में ईरान में “जुलाबिया” के नाम से मिलती है। इस पुस्तक में “जुलुबिया” को बनाने की कई विधियों का उल्लेख मिलता है। इसके अलावा आपको बता दें की 17 वीं शताब्दी की किताब “भोजनकुटुहला” तथा संस्कृत भाषा की किताब “गुण्यगुणबोधिनी” में भी जलेबी बनाने की विधि का वर्णन मिलता है।

आपको जानकारी दे दें की जलेबी पर्शियन जुबान वाले तुर्की आक्रमणकारियों के द्वारा भारत में आई थी। इस प्रकार से देखा जाए तो जलेबी भारत में करीब 500 वर्ष पुरानी है। बीती 5 सदियों में जलेबी में कई परिवर्तन आये। इस कारण जलेबी का इतिहास एक प्रकार से उसके आकार की ही तरह गोल गोल माना जाता है।

विदेशों में भी खाई जाती है (Jalebi) जलेबी

आमतौर पर लोग सोचते हैं कि जलेबी सिर्फ भारत में ही खाई जाती है, लेकिन ऐसा नहीं है। जलेबी भारत के अलावा और भी कई देशों की लोकप्रिय मिठाइयों में से एक है। जलेबी के साथ कुछ लोग दूध तो कुछ दही खाना खूब पसंद करते हैं। विदेशों में जलेबी की काफी धूम है आपको लेबनान में “जेलाबिया” नामक एक पेस्ट्री मिलती है। इसका आकर लंबा होता है। इसी प्रकार से ईरान में “जुलुबिया” तथा ट्यूनीशिया में “जलाबिया” नाम से जलेबी मिलती है। अरब में यह काफी शौक से खाई जाती है। वहां पर इसको “जलाबिया” कहा जाता है। इसके अलावा अफगानिस्तान के लोग भी इसको बहुत पसंद करते हैं। अफगानिस्तान में जलेबी को मछली के साथ खाया जाता है। इस प्रकार से देखा जाएं तो भारत में जलेबी पार्शिया से आई है तथा यह दुनियां के अलग अलग हिस्सों में अलग अलग नामों से आज भी बिकती है।

niraj kumar

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