कहने को तो हमारा समाज बहुत तरक्की कर चूका है, समाज में महिलाओं को समान अधिकार दिया जा चूका है और देश और समाज की तरक्की में महिलाओं ने भी अपना योगदान बढ़-चढ़ कर दिया है, पर आज किसी भी दिन पा अख़बार उठा कर देख लीजिये आपको दर्जनों एसे मामले की खबर मिल जाएगी जिसमे महिलाएं घरेलु हिंसा का शिकार होती है और इससे कई गुणा वैसे मामले हैं जिनकी आवाज घर की चारदीवारी में ही सिमट कर रह जाती हैं | जहाँ प्रशासन भी पंगु नजर आती है वहीँ उन घरेलु या अन्य हिंसा की शिकार महिलाओं की हमदर्द बन कर उभरी हैं बिहार किशनगंज की बेटी रीता राजपूत |

मदद करने के लिए समय नहीं देखती है रीता राजपूत

फिलहाल पटना में रहती है रीता राजपूत | किसी भी तरह की हिंसा की शिकार महिलाओं की मदद के लिए रीता राजपूत के दरवाजे चौबीस घंटे खुली रहती है | रीता राजपूत कहती हैं- लोग आज भी महिलाओं को अबला हीं समझते हैं यही कारण है की महिलाये (ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र की) हिंसा की शिकार होती है और जानकारी के अभाव में और बदनामी के डर से चुप रहना हीं बेहतर समझती है | वैसी महिलाओं से रीता राजपूत अपील करती है कि आप अपनी चुप्पी तोड़िए और जवाब दीजिये ताकि वो दुबारा एसी हरकत आपके साथ या किसी अन्य के साथ न करे |

ग्रामीण क्षेत्र के जा कर महिलाओं को करती है जागरूक

पिछले दस वर्षों से समाज सेवा कर रही रीता राजपूत को जबभी समय मिलता है वो अपनी टीम या किसी अन्य संस्थाओं के साथ बिहार के गाँव में जा कर महिलाओं को जागरूक करती हैं, इसके अलावा वो महिलाओं एवं बच्चियों को स्वास्थ सम्बंधित जानकारी जैसे कुपोषण से कैसे अपने बच्चों को बचाएं या फिर सेनेटरी नैपकिन का इस्तेमाल क्यों जरुरी है, और सरकारी स्कूलों में जा कर वहाँ पढने वाली बच्चियों को गुडटच और बैडटच क्या होता है जैसी बातों से अवगत कराती है ताकि वो भविष्य में उनके साथ कुछ घटित हो तो वो समय रहते अपने माता-पिता को बता सके |

गरीबों की भूख मिटाने का भी काम करती हैं रीता राजपूत

आज भी हमारे देश के करोड़ो लोग पैसे या भोजन के अभाव में भूखे सोने को मजबूर हैं तो दूसरी तरफ शादी या किसी अन्य उत्सव में हजारों लोगों का भोजन यु हीं बर्बाद हो जाता है | वैसे में रीता राजपूत वहां के बचे भोजन को संग्रह कर गरीबों की थाली तक पहुँचाने का भी काम करती हैं रीता राजपूत

समाज सेवा के हर क्षेत्र में रहती हैं सक्रिय

अपने पिता जी को आदर्श मानने वाली रीता राजपूत को समाज सेवा का भाव अपने पिता जी से विरासत में मिली थी | रीता राजपूत के पिता जी का किशनगंज में अपना बिजनेस था और वे हमेशा निःस्वार्थ भाव से लोगों की सहायता किया करते थे | यही कारण है की आज समाज में जहाँ भी रीता राजपूत की जरुरत पड़ती है वहाँ रीता राजपूत पहुँच जाती है, और हर संभव मदद करती हैं | समाज में तो बहुत लोग है लेकिन जो रीता राजपूत लोगों के चेहरे पर मुस्कराहट लाने का नेक कार्य करती है, वो वाकई सराहनिय और काबिले तारीफ है | आज देश को एक नहीं हजारों रीता राजपूत की जरुरत है तभी एक विकसित समाज का निर्माण संभव हो सकेगा |