स्त्री और पुरूष के अलावा मनुष्य योनि में एक तीसरा वर्ग भी होता है जिसे आम भाषा में लोग किन्नर या हिजड़ा कहते हैं, इसे भगवान का एक क्रूर मजाक ही कहेंगे जो ये लोग जीवन भर तिरस्कार की जिंदगी जीने को मजबूर रहते हैं | ऊपर वाले ने तो इनके साथ क्रूर मजाक किया की साथ साथ हीं समाज के हर वर्ग में किन्नरों का तिरस्कार होता रहा हैं, पर आज हम बात करेंगे बिहार की राजधानी पटना के एक युवा भरत कौशिक ( Bharat Kaushik ) की जो किन्नरों और किन्नर समुदाय के लिए सामाजिक स्तर की लड़ाई लड़ रहे हैं और बिहार में रह रहे किन्नरों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए और इनके मान सम्मान के लिए दिन रात संघर्ष कर रहे हैं |

Bharat Kaushik

विरासत में मिली थी समाज सेवा की भावना

बिहार (Bihar ) के पटना ( Patna ) जिला में एक मध्यम परिवार में जन्मे भरत कौशिक ( Bharat Kaushik ) की पढ़ाई पटना विश्विद्यालय के समाजशास्त्र सामाजिक कार्य विभाग से पूरी हुई | पारिवारिक पृष्टभूमि को देखे तो सामाजिक कार्य की ओर पूरे परिवार का ध्यान ज्यादा था किसी को मदद करना किसी को हॉस्पिटल पहुँचना जैसे भी समाज के लोगों को मदद पहुँचने पहुचाने मे तनिक भी देरी नही होती थी | भरत कौशिक अपनी पढाई पुरी करने के बाद येभी अपने परिवार के पद चिन्हो पर चल पड़े | समाज के लोगों को मदद करना सहायता करना और जैसे भी किसी तरह की मदद की जरूरत हो भरत कौशिक सदैव तैयार रहते है |

Bharat Kaushik

किन्नरों से भेद-भाव को देख, इनके लिए कुछ करने की ठानी

इसी क्रम में भरत कौशिक ( Bharat Kaushik ) किन्नरों और किन्नर समुदाय की लोगों से मिले तो एक भयानक दर्द औऱ उनके सोशन और जीवन का संघर्ष इनकी आँखों की सामने था जिन्हें समाज मे आज भी स्वीकृति नही है और हेय दृष्टि से देखा जाता है | इन सब बातों ने भरत कौशिक के मन और मस्तिक को झकझोर कर रख दिया, मानव जाति में ही एक मानव के साथ इतना भेदभाव आखिर क्यों | तभी भरत कौशिक ( Bharat Kaushik ) ने प्राण लिया कि किन्नरों और उनके अधिकारों और उनकी समानता की लडाई लड़नी होगी |

समाज के बीच रखते हैं किन्नरों की परेशानी

भरत कौशिक ( Bharat Kaushik ) किन्नरों की परेशानियों को चलचित्र नाटकों बातचीत के माध्यम से लोगों को रु-ब-रु करा कर उन्हें शोषण से मुक्ति और समाज मे सम्मान दिलवाने का नेक कार्य करते हैं | पिछले वर्ष भरत कौशिक ने ट्रांसजेंडर मॉडल मैगज़ीन 2017 की नीव डाली जो एक E मैगज़ीन हैं और उस मैगज़ीन में भरत कौशिक लगातार किन्नर सामुदाय के सदस्यों जो कि अपने संमाज के रोल मॉडल हैं उनके बारे में पोस्ट करते है। ट्रांसजेंडर समुदाय दुनिया का सबसे तिरस्कृत समुदाय है किन्नर समुदाय के प्रति समाज इतना बर्बर है कि उनके साथ आये दिन मार पीट हत्या आम बात हो गई है |

किन्नरों को आज के युग में भी वो अधिकार नहीं मिला है जिनकी वो हक़दार है, और यही कारण है की उन्हें जीविकोपार्जन के लिए मजबूरन भीख मांगनी पड़ती है या फिर कोई अन्य कार्य जो उनके सुरक्षा और स्वस्थ दोनों पे ख़तरा उत्पन्न करे करना पड़ता है | आज जरुरत है समाज के हर वर्ग के लोग किन्नरों के प्रति अपनी ओछी सोंच को बदले और सरकार से भी गुजारिश है की किन्नरों के समुचित अधिकार के लिए ठोस कदम उठाये, तभी समाज में किन्नरों को वो स्थान मिल पायेगा जिनकी वो हक़दार हैं |

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
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