क्षेत्र  चाहे कोई भी हो आज भारत की बेटियां अपनी उपस्थिति दर्ज करा हीं  देती है | कुछ इसी तरह पुरुषों के वर्चस्व वाले क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा कर कोलकाता की बेटी तान्या सान्याल ने एक नया इतिहास रचते हुए बन गई भारत की पहली फायरफाइटर | बेटियों के प्रति लोगों की सोंच बदल रही है, और इसका उदाहरण है की देश में पहली बार एयरपोर्ट्स ऑथरिटी ऑफ इंडिया ने किसी महिला फायर फाइटर की नियुक्ति की है |

विमानों को लैंड कराते समय  जरुरत होती है फायर फाइटर्स की

विमानों को लैंड कराने के लिए एयरपोर्ट्स पर फायर सर्विस का मौजूद होना बहुत जरुरी होता है |  सरकारी अथॉरिटी के पास अभी 3,310 फायर फाइटर्स है और यह सब केवल पुरूष ही थे |  एएआइ के चेयरमैन गुरुप्रसाद महापात्रा ने कहा, ‘नए एयरपोर्ट्स के बनने और विस्तार के कारण हमें फायर फाइटर्स की कमी का सामना करना पड़ रहा था, ऐसे में  सरकार ने  नए नियम बनाए और इस क्षेत्र में महिलाओं की नियुक्ति का फैसला लिया, जिसमें फिजिकल स्टैंडर्ड्स एक आवश्यक मानदंड होता है |

देश की पहली महिला फायरफाइटर बनी  तान्या सान्याल

तान्या सान्याल मूल रूप से कोलकाता की रहने वाली है और बॉटनी की छात्रा रही है |  तान्या ने बॉटनी में मास्टर्स की पढ़ाई है | 27 वर्षीय तान्या का बतौर करियर फायर फाइटिंग को चुनना काफी चुनौती पूर्ण था, क्योंकि एविएशन में फायर फाइटिंग सामान्य फायर फाइटिंग से काफी अलग होती है | इसमें फाइटर्स को बहुत जल्द प्रतिक्रिया देनी होती है, पर तान्या सान्याल ने अपनी सूझ-बुझ और मेहनत के बल पर इस कठिन लक्ष्य को सफलता पूर्वक हासिल कर देश की प्रथम  महिला फायरफाइटर बनने का ख़िताब अपने नाम किया | नौकरी के लिए आवेदन देने और पहले दौर को सफलता पूर्वक पास करने के बाद हीं तान्या ने इसके बारे में अपने परिवार में जानकारी दी | तान्या को डर था की परिवार के लोग उन्हें जोखिम से भरे इस काम को करने से मना न कर दें, पर तान्या को अपने परिवार से भरपूर सहयोग मिला जिससे तान्या अपने सपने को पूरा कर पाई  |

niraj kumar

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