वैसे तो मालपुआ पुरे भारत में बनाया और खाया जाता है, पर बिहार में खास कर होली में बनने वाले मालपुआ की बात हिन् निराली है | जिसे देखने मात्र से मुंह में पानी आ जाता है और कितना भी खाओ, पेट भर जाता है , पर मन नहीं भरता | बिहार में मालपुआ दो तरीके से बनाए जाते हैं एक चाशनी वाले और दूसरे बिना चाशनी के | और हर बिहारी है दोनों तरह के मालपुआ के स्वाद का दीवाना |

चीनी दूध और मैदे से होता है तैयार

मालपुआ  चीनी दूध और मैदे से होता है तैयार इसलिए इस में खराब होने वाला कुछ नहीं होता है | बेहतर मालपुआ बनाने के लिए दूध, सूजी और मैदे की क्वालिटी अच्छी होनी चाहिए | देशी घी में तले मालपुए ज्यादा ही स्वादिष्ठ होते हैं |  यह साधारण पुओं से एकदम अलग होता है और  सब से अच्छी बात यह है कि गांवों से ले कर शहरों तक सभी के घरों में  इसे पसंद किया जाता है |

मालपुआ बनाने  के लिए सामग्री

4 कप फुल क्रीम दूध, 1 बड़ा चम्मच सूजी, 4 बड़े चम्मच मैदा, 1 बड़ा चम्मच चीनी, 2 इलायची और तलने के लिए पर्याप्त घी

चाशनी के लिए सामग्री

1 कप चीनी, आधा कप पानी, 6 से 8 केसर के धागे, 1 बड़ा चम्मच इलायची. मालपुओं को सजाने के लिए कुछ पिस्ते व बादाम

मालपुआ बनाने की विधि

सब से पहले कड़ाही में दूध डाल कर उबालें, पहले उबाल के बाद आंच को धीमा कर दें और  दूध को गाढ़ा होने दें |  जब दूध गाढ़ा हो जाए तो आंच बंद कर दें |  गाढ़े दूध को ठंडा होने दें | चाशनी बनाने से पहले केसर के धागों को दूध में भिगो कर अलग रख दें और इलायची छील कर बारीक पीस लें |

इस के बाद पानी और चीनी को मिला कर चाशनी बनाने के लिए आंच पर चढ़ा दें | चाशनी को गाढ़ा होने तक पकाएं मालपुए के लिए 1 तार की चाशनी अच्छी  रहती है. चाशनी में केसर, दूध और इलायची पाउडर डाल कर अलग रख दें |

इस के बाद मालपुए बनाने की शुरुआत करें |  गाढ़े किए दूध में चीनी, सूजी और मैदा अच्छी तरह मिलाएं, यह घोल पकौड़े के घोल जैसा बनना चाहिए मिश्रण को आधे घंटे के लिए रख दें |

कड़ाही में घी गरम कर के उस में चम्मच से मिश्रण को गोलगोल आकार में डालें, इन का साइज छोटी पूरी जैसा होना चाहिए |  इन को पकने दें, जब ये ब्राउन कलर के हो कर ठीक से पक जाएं तो इन्हें तैयार चाशनी में डालें |  15 मिनट बाद मालपुओं को बाहर निकालें और कटे हुए पिस्तेबादाम से सजा कर खाने वालों को दें और खुद भी खाएं |

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
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