ट्रांसजेंडर  जिसे सभ्य समाज में अच्छी नज़र से नहीं देखा जाता है और न हीं उनके साथ अच्छा बर्ताव किया जाता है | आज की हमारी कहानी भी एक  ट्रांसजेंडर की है जो पिछले सत्रह वर्षों से ट्रांसजेंरर्स की समस्याओं को लेकर काम कर रही हैं और सेक्स वर्करों की बेटियों को सुरक्षित माहौल देने के लिए बनवा रही है शेल्टर | इसके अलावा पशु पक्षियों के बेहतरी के लिए भी कर रही है काम |  हम बात कर रहे हैं  मुंबई की ट्रांसजेंडर गौरी सावंत की जिसके पिता ने जिंदा रहते कर दिया था अंतिम संस्कार |

 

मराठा परिवार में हुआ था गौरी सावंत का जन्म

ट्रांसजेंडर गौरी का जन्म मुंबई में दादर के एक मराठा परिवार में हुआ था |  उनके पिता सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) थे  | माता-पिता ने उन्हें गणेश नंदन नाम दिया था | अपनी सेक्सुएलिटी के बारे में पिता से बात न कर पाने की वजह से गौरी ने छोड़ा था घर | इस कारण पिता ने जिंदा रहते  हीं  अंतिम संस्कार कर दिया था | गौरी सावंत  चाहती थी  कि जो परेशानियां उन्होंनेे झेली वे दूसरे ट्रांसजेंडर न झेले। वे चाहती हैं कि अगली पीढ़ी को स्वीकार्यता, शिक्षा और रोजगार सब कुछ मिले इसलिए वे घर से भागे हुए ट्रांसजेंडर के लिए मलाड के मलवाणी में ‘सखी चार चौघी’ नाम से आश्रय स्थल चलाती हैं |

सेक्स वर्कर की लड़कियों के लिए नानी घर

गौरी सावंत को जब  सेक्स वर्कर की लड़कियों की समस्याओं के बारे में पता चला तो गौरी ने इन्हें सुरक्षित माहौल देने के लिए शेल्टर बनाने का फैसला किया है। वह milaap.org की सहायता से इस काम के लिए पैसे जुटा रही हैं | गौरी सावंत  दोस्त और एलजीबीटी कार्यकर्ता हरीश अय्यर ने उन्होंने मिलाप का सहयोग लेने के सुझाव दिया था |

सेक्स वर्कर की युवा बेटियों के लिए कर्जत में 1 हजार स्क्वेयर फीट का दो मंजिला शेल्टर बनाने की प्लानिंग की जा रही है और इसे  नानी का घर नाम दिया जाएगा। नानी के घर से जुड़ सबकी बचपन की यादें जुड़ी होती हैं, इस शेल्टर का रखरखाव भी ट्रांसजेंडर ही करेंगे |

आवारा कुत्तों के लिए भी शुरू की  मुहिम

गौरी ने अब पशुओं और पंछियों के लिए भी मुहिम शुरु कर दी है। उन्होंनेे आवारा भटकने वाले कुत्तों के लिए भी काम करना शुरू कर दिया है | वह अब लोगों को कुत्ते पालने से रोकने की मुहिम चलाने वाली है। उसे पालतू जानवर के रुप में देखने का नजरिया बदलने के लिए वह यह अभियान चलाएगी |

सेक्स वर्कर की बेटी को गोद ले चुकी हैं गौरी

गौरी ने एक सेक्स वर्कर की मौत के बाद उसकी 6 साल की बच्ची को गोद लिया था | इस सेक्स वर्कर की बच्ची को उधार न चुकाने से कुछ लोग बेचना चाहते थे लेकिन गौरी ने उसे बचाया | वह अब 11 वीं कक्षा की पढ़ाई करती है |

niraj kumar

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एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
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