2018 के सर्वे के अनुसार आज भारत बहुत बड़े जल संकट से होकर गुजर रहा है , जिसमे 61करोड़ लोगों को साफ पानी  पिने को नहीं मिल रहा  इसी वजह  से कई लोग अपनी जान गवा रहे है | शोधकर्ताओं के मुताबिक  2030 में पानी की मांग दोगुनी हो जाएगी |इस मुसीबत को रोकने के लिया अपने आस पास मौजूद जल स्रोतों को सूखने से बचाएं |

इस काम में अपनी भागीदारी निभाने के लिए बहुत सारे एनजीओ और संस्थाएं हिस्सा ले रही है |  जिनमें से एक नाम रामवीर तंवर ( Ramveer Tanwar ) का भी है। जिनकी उम्र महज 26 साल है , जो की पेशे से इंजीनियर है | इन्होने मैकेनिकल  इंजीनियरिंग में बीटेक किया है| इन्होने इंजीनियरिंग की नौकरी छोर कर जब इनके मन में गांव के लोगों के लिए कुछ करने का विचार आया|.इन्होने जल संरक्षण नाम प्रोजेक्ट क्र माधयम से उत्तर प्रदेश में 10 झीलों को सूखाग्रस्त होने से बचाया है इनकी ये कोशिश आस पास के गांव  में लोगों को जागरूक कर चुकी है |  ।

Ramveer Tanwar

बचपन की दिलचस्प बातें

रामवीर ( Ramveer Tanwar ) ने अपना बचपन  नॉएडा के दाधा  नमक गांव  में गुजरी  है | जहाँ बहुत सारी  झीले थी | वो  जगह आज भी इनके जीवन का महतवपूर्ण भाग बना हुआ है| बीतते वक़्त के साथ वो झीले सूखती जा रही है , क्युकी वहां कचरा फेकने की चरमसीमा पार  हो चुकी है | रामवीर एक किसान के बेटे हैं इसलिए अच्छी तरह से समझते हैं कि गांव के लोगों के लिए पानी कितना जरूरी है और उसका संरक्षण उससे भी ज्यादा. रामवीर बताते हैं कि यहां के तालाब सूख रहे हैं और उनका इस्तेमाल कूड़ा फेंकने के लिए किया जाता है. इन्हीं जलाशयों के पानी पर यहां के कई परिवारों का जीवन निर्भर करता है|

Ramveer Tanwar

नौकरी छोड़ किया जल संरक्षण का काम

रामवीर ( Ramveer Tanwar ) ने अपने अंतिम वर्ष की पढाई में इसकी जिम्मेवारी ली | इनके अनुशार नॉएडा में अब तक २०० झीले सुख चुकी है |  इन्ही सब के बचाव को रोकने के लिए इन्होने एक चौपाल का आयोजन किया जिसका मुख्या उद्देश्य लोगों को पानी से जुडी समस्या के प्रति जागरूक करना था, क्योंकि उनका मानना था की गांव के लोग जागरूकता की कमी के कारण  पानी के महत्व को नहीं समझ पा रहे है | इन्होने 2014 में  डबल फिल्ट्रेशन सिस्टम की वजह से तथा गांव वालों की मदद से झीलों को साफ़ किया |  इस प्रोसेस में झील में प्रवेश करने वाले पानी को पहले लकड़ी के तख़्ते के जाल से गुज़र कर पुनः घास के जाल से गुज़रना पड़ता है।

Ramveer Tanwar

रामवीर ( Ramveer Tanwar ) ने झील में पड़े कीचड़ को दोस्तों के साथ मिलकर वहां के किसानो को जागरूक किया की  कीचड़ खाने वाली मछलियों का उत्पादन करे | इनकी  मेहनत और ‘जल चौपाल’ सम्मलेन कि कोशिश देखकर वहां की सरकार ने भूजल सेना का निर्माण उत्तर प्रदेश के हर जिले में कर दिया और रामवीर को वहां का इंचार्ज बना दिया |रामवीर ने अपने इस लक्ष्य को आगे बढ़ने के लिया सोशल मीडिया का सहारा लिए जहाँ पे उन्होंने एक ऑनलाइन कैंपेन की शुरुआत  की और उसके  माधयम से लोगों को अपने आस पास के झीलों को साफ़ रखने के लिया जागरूक किया |