“जिंदगी के किस्से में ना जाने कब मोड़ आता है , वक्त आता है तो पत्थर भी पिघल जाता है , अपने हौसले और जज़्बे को बनाए रखना , जितना संघर्ष हो हुनर उतना ही निखर जाता है ।

एक कहानी ऐसी महिला की, जो सब कुछ हासिल करने के बाद भी उनके दिल में कुछ कसक बाकी सी रह गयी थी , जो हर समय उन्हें चुभती, “कुछ करो देश के लिए”, यह कहानी है बुशरा बानो की, जिन्होंने UPSC 2018 परीक्षा में 277 रैंक प्राप्त किया है ।

◆विदेश जाकर भी देश-सेवा की भावना रखती थी बुशरा बानो :-

बुशरा बानो यूपी के कन्नौज की रहने वाली है। बुशरा एक मध्यवर्गीय परिवार से आती है । बुशरा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी की भी छात्रा भी रही हैं । अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) से पीएचडी मैनेजमेंट से करने के दौरान ही बुशरा बानो की शादी मेरठ के असमद हुसैन से हो गई , असमद एएमयू से इंजीनियरिंग की डिग्री लेकर सउदी अरब की एक यूनिवर्सिटी में पढ़ा रहे थे ; शादी के बाद 2014 में बुशरा भी सउदी अरब पहुंच गईं और असिस्टेंट प्रोफेसर बन गईं ।

बुशरा बानो का सउदी अरब पहुंचने के बाद जीवन अच्छे से बीत तो रहा था मगर दिल-दिमाग में सिर्फ एक ही बात आ रही थी की उसे अपने देश में कुछ करना चाहिए ; जिससे लोगों का भला हो सकें, यह बात बुशरा बानो ने अपने शोहर को बताई तो वो मान गए । वर्ष 2016 में सऊदी अरब से बुशरा बानो अलीगढ वापस आ गयी और वही UPSC की तैयारी करने में जुट गई । घर का काम करने के अलावा परिवार और बच्चे को संभालती, रोजाना 10 से 15 घंटे पढ़ाई करती ।

◆सोशल मीडिया को हथियार बनाकर UPSC की तैयारी में जुट गई ;

लोगों का मानना था कि सोशल मीडिया से दूर रह कर पढ़ाई करो तो अच्छा रहता है मगर बुशरा बानो ने इसका भरपूर सहयोग लिया एवं आम जानकारियां , कर्रेंट अफेयर्स की सारी ज्ञान वे सोशल मीडिया के द्वारा प्राप्त करते गयी ।

◆बुशरा बानो ने यह साबित किया कि “कोशिश करने वालों की कभी हार नही होती” ;

बुशरा बानो का UPSC 2016 के रिजल्ट में नाम नहीं आया , पर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी, दोबारा वे मेहनत करके तैयारी की एवं वर्ष 2018 में नतीजा सामने आया तो बुशरा बानो के घर वालों का ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा ।आखिरकार बानो उन लोगों के लिए मिसाल बनी, जो जीवन में कुछ बड़ा हासिल करना चाहते हैं ।

काम करो ऐसा कि पहचान बन जाये, हर कदम ऐसा चलो कि निशान बन जाये, यहां जिन्दगी तो हर कोई काट लेता है, जिन्दगी जियो इस कदर कि मिसाल बन जाये ।।

subham Gupta

Associate Author at BiharStory.in
एक स्टोरी राइटर, जिसका मकसद सामाजिक गतिविधियों एवं अपनी लेखनी के माध्यम से सामाजिक परिदृश्य को दिखाना ही नहीं बल्कि बदलाव के लिए सदैव प्रयासरत भी रहनाहै |
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