फिल्मी दुनिया का एक जगमगाता चेहरा जो अपनी  एक्टिंग से जादूगरी जगाना बखूबी जानते है |जिनका नाम  मनोज बाजपेयी है।जिन्होंने  ने थिएटर से टीवी और टीवी से फिल्मों तक का बड़ा लंबा सफर तय किया है| इन्होने  हिंदी सिनेमा के साथ-साथ तेलुगु और तमिल फिल्मों मे भी अपनी एक्टिंग से लोगों को कायल किये हैं।

बिहार के एक किसान परिवार मे जन्मे मनोज बाजपेयी जिन्होंने अपने कलाकारी के दम पे फिल्मी दुनिया मे एक अलग ही पहचान बना चुके है |

ये  अपने एक्टिंग करियर मे अब तक दो नेशनल फिल्म अवार्ड और चार फिल्म फेयर अवार्ड जीत चुके हैं।23 अप्रैल 1969 को बिहार के नरकटियागंज,  में जन्मे   मनोज बाजपेयी  बचपन से एक्टर बनना चाहते थे। मनोज ने अपनी हाई स्कूल तक की पढ़ाई बिहार के बेतिया जिले के के. आर. हाई स्कूल से की। 17 की उम्र में बाजपयी अपने गांव नारकाटिया से दिल्ली शिफ्ट हो गये। कॉलेज के दिनों में मनोज ने थियेटर करना शुरू कर दिया था।पांच भाई- बहनों में दूसरे नंबर पर मनोज बाजपेयी  हैं जब मनोज एनएसडी के बाद दिल्ली में काम के लिए लगातार स्ट्रगल कर रहे थे, तब वे अपनी बहन को दो रुपये का सिक्का देकर बस में बिठा देते थे और खुद पैदल अपने थिएटर ग्रुप तक जाते थे|

सत्या, शूल जैसे हिट फिल्म देने वाले मनोज बाजपेयी के  संघर्ष की कहानी आज सबके  लिये एक मिसाल बन चुकी है |

इन्होने अपनी  स्ट्रगलिग के दौर में दिल्ली की एक लड़की से शादी की थी लेकिन दोनों 2 महीने में ही अलग हो गए थे| उनके अलग होने की वजह मनोज का स्ट्रगलिंग टाइम माना जाता है|सत्या, शूल, जुबैदा, पिंजर, अलीगढ़ जैसी  कमाल की फिल्में देने वाले मनोज बाजपेयी को बचपन से ही थिएटर में रुचि थी | मनोज बाजपेयी के  संघर्ष की कहानी आज हम  सबके  लिये एक मिसाल है|  उन्होने एनएसडी की पढ़ाई से लेकर दिल्ली के स्ट्रगल तक घर से एक पैसा नहीं लिया था| ये एनएसडी से चार बार रिजेक्ट किए जा चुके थे | इसके बाद उन्होंने सुसाइड का मन बना लिया था, लेकिन बाद में दोस्तों के समझाने के बाद वे नुक्कड़-नाटक में एक्टिंग करते रहे।  उन्होंने नुक्कड़ नाटकों के साथ थिएटर भी करना शुरू कर दिया । उन्होने एक मिनट की फिल्म ‘द्रोहकाल'(1994) से बतौर एक्टर डेब्यू किया|

2006 में बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा से शादी कीजो की इनकी दूसरी शादी थी |

बैंडिट क्वीन नामक  फिल्म में साल(1994) में  काम मिला| जो दर्शकों को कुछ ख़ास पसंद नहीं आयी |  करीब चार साल मेहनत के बाद साल फिर  1998 उनकी जिंदगी में ‘सत्या’ आई. इस फिल्म में गैंगस्टर में भीकू मात्रे के रोल ने ये  साबित कर  दिखाया  की  मनोज बाजपेयी कितना दम रखते हैं इन्होने अपनी दूसरी शादी साल 2006 में बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा से शादी की| जिनका असली नाम शबाना रजा है नेहा ने फिल्म ‘करीब’ से बॉलीवुड में साल 1998 में एंट्री की थी|फिल्म ‘करीब’ के डायरेक्टर विधू विनोद चोपड़ा ने उनका नाम बदलकर नेहा रखा था|  इसके बाद अब ज्यादातर लोग उन्हें नेहा नाम से ही जानते हैं|शादी के बाद नेहा ने 1-2 फिल्मों में ही काम किया और फिलहाल वो बॉलीवुड से दूर हैं. दोनों की एक बेटी भी है जिसका नाम अवा नायला है|

2019 मे राष्ट्रपति द्वारा पद्मश्री पुरस्कार से भी हो चुके है सम्मानित |

मनोज बाजपेयी ने कई यादगार और बेहतरीन शॉर्ट फ़िल्मों में भी काम किया है| ‘कीर्ति’ इस शॉर्ट फ़िल्म में मनोज बाजपेयी नजर आए हैं राधिका आप्टे और नेहा शर्मा के साथ|जो फ़िल्म काफी कॉन्ट्रोवर्सी में रही|  इसके बावजूद लोगों ने इसको खूब पसंद किया|  ‘ मनोज बाजपेयी स्टारर शॉर्ट फ़िल्म ‘तांडव’   में आपको मनोज बाजपेयी की एक्टिंग के बेजोड़ कारनामा देखने को मिला |  और फिर मनोज बाजपेयी और रवीना टंडन पर फ़िल्माई गई शॉर्ट फ़िल्म ‘जय हिन्द’ भी  चंद शब्दों में बहुत कुछ बातें प्रस्तुत करती है |  मनोज शॉर्ट फ़िल्मों से भी छाप छोड़ने में कामयाब रहे हैं|हाल ही में बाघी-2 और अय्यारी में उनकी परफॉर्मेंस को खूब तारीफें मिली थीं| एक बार तब्बू और कैटरीना ने उनके पैर छू लिये थे|  तो उन्होने कहा था मैं बुजुर्ग नहीं हूं इस पर उन्होने कहा था कि वो उनके अभिनय का सम्मान करती है|उन्हें फिल्मों से सम्बन्धित कई पुरस्कारों से भी  नवाजा जा चुका है साथ साथ  राष्ट्रपति द्वारा पद्मश्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।