जीवन की शुरुआत  में ज्यादातर बच्चे बोलना और खेलना सीखते  है, वही एक बच्ची ने महज 4 साल की उम्र में संगीत सीखना शुरू कर दी | आज हम बात कर रहे है राइजिंग स्टार की 2ण्ड रनर अप रह चुकी मधुबनी की बेटी ( Maithli Thakur ) मैथिली ठाकुर की |

मधुबनी जिले के बेनीपट्टी की रहने वाली है मैथिली ठाकुर |

मधुबनी जिले के बेनीपट्टी में रहने वाली ( Maithli Thakur ) मैथिली ठाकुर आज किसी पहचान की मोहताज नहीं है |आज वो भारत के उभरते सितारों में से एक है | आज इनकी  लोकप्रियता के दम पे  शास्त्रीय संगीत, मिथिला और अन्य लोकभाषाओं में गायन करने वाली ( Maithli Thakur ) मैथिली ठाकुर को आकाशवाणी ने अपने साथ  अनुबंध किया हैं जिसमे ठाकुर के द्वारा गाए जाने वाले शास्त्रीय संगीत को 99 साल तक आकाशवाणी प्रसारित करेगा।

Maithli Thakur

जीवन के शुरुआती दौड़ से ही था संगीत से लगाव |

Maithli Thakur

ब्राह्मण जाती से ताल्लुक रखने वाली ( Maithli Thakur ) मैथिली  ठाकुर का जन्म  25 जुलाई 2000 को बेनीपट्टी, मधुबनी बिहार में हुआ था इनके पिता का नाम रमेश ठाकुर है| जो की पेशे से बतौर सगीत शिक्षक है | मैथिली  बचपन से हे संगीत के वातावरण में पली  बड़ी है |इनकी  माता का नाम पूजा ठाकुर हैं जो पेशे से गृहणी है | परिवार में मैथिली के अलावा एक बड़ा भाई रिषभ ठाकुर व छोटा भाई अयाची ठाकुर हैं। इन्होने बाल भवन इंटरनेशनल स्कूल से  प्राथमिक शिक्षा  प्राप्त की और साथ साथ अपने दादाजी से संगीत की प्रारंभिक शिक्षा भी  ली |

तमाम असफलताओं के बावजूद भी हार नहीं मानी और देती रही अपने हौसलों को एक नई उड़ान |

Maithli Thakur

मैथिली ( Maithli Thakur ) को वर्ष 2011 में लिटिल चैंप्स में असफलता मिला उसके बाद भी  वो हार  नहीं  मानी  | इसके वावजूद इनको कई बार संगीत प्रतियोगिता में रिजेक्शन भी मिला फिर भी ये अपने कदम को रुकने नहीं दिया |जब  2015  में आई जीनियस यंग सिंगिंग स्टार सीजन 2 का खिताब अपने नाम कर ली और साथ साथ इंडियन आइडल जूनियर 2 में भी टॉप 20 में अपना परचम लहराया है।उसके बाद मैथिली  ने साल 2017 में राइजिंग स्टार नामक सिंगिंग रियलिटी शो में भाग लिया जिसमे उन्हें 94 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। ठाकुर 5 बार की दिल्ली राज्य की शास्त्रीय संगीत प्रतियोगिता की विजेता रह चुकी हैं।