जहाँ इस देश में पहले लड़कियों को लड़के की अपेक्षा कम  आंका जाता था | आज इसी देश की बेटी बेटों को कई गुना पीछे छोड़ आगे निकल चुकी है |  इस बात को प्रमाणित कर दिखाया है|

एटलांटिक महासागर के ऊपर उड़ान भरने वाली पहली महिला पायलट बनीं आरोही पंडित|

23 साल की कैप्टन आरोही पंडित जो मुंबई की मूल निवासी है | मुंबई की रहने वाली 23 साल की कैप्टन आरोही पंडित लाइट स्पोटर्स एयरक्राफ्ट (एलएसए) में अकेली अन्ध महासागार (अटलांटिक महासागर) को पार करने वाली दुनिया की पहली महिला बन गई हैं। वह 3000 किलोमीटर की दूरी तय कर अपने छोटे से एयरक्राफ्ट के साथ कनाडा के इकालुइट हवाईअड्डे पर उतरीं। इस दौरान वह ग्रीनलैंड और आइसलैंड में भी रुकी थीं।आरोही की इस उपलब्धि से उनका परिवार, दोस्त और ऐविएशन सर्किल के लोग खुश हैं।

एलएसए लाइसेंस धारक आरोही और उनकी दोस्त कैथर ने छोटे से जहीज ‘माही’ में भारत से भरी थी उड़ान|

इस सफर को प्रायोजित करने वाली संस्था सोशल एसेस के मुखिया लियन डीसूजा ने कहा, यह उनकी एक साल से पहले शुरू की वैश्विक जहीज योजना का हिस्सा है, जो उन्होंने अपनी दोस्त केथर मिसक्वेटा के साथ 30 जुलाई को लांच की थी। वह 30 जुलाई 2019 को भारत लौटेंगी।लिन ने कहा, इस दौरान वह एलएसए में ग्रीनलैंड को पार कर एक और विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर ले गई हैं। साथ ही जब तक वह भारत लौटेंगी तब वह कई अन्य रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लेंगी। एलएसए लाइसेंस धारक आरोही और उनकी दोस्त कैथर ने छोटे से जहीज ‘माही’ में भारत से उड़ान भरी थी।

400 का माही जो की विमानन महानिदेशालय की ओर से पंजीकृत पहला लाइट स्पोर्ट्स एयरक्राफ्ट है |

माही एक छोटा से सिंगल इंजन साइनस 912 जहाज है जो 400 किलोग्राम से थोड़ा ज्यादा है।माही को पिपिस्ट्रेल स्लोवेनिया  ने बनाया है और यह भारतीय नागर विमानन महानिदेशालय की ओर से पंजीकृत पहला लाइट स्पोर्ट्स एयरक्राफ्ट  है। आरोही ने बीते साल 30 जुलाई को इस अभियान की शुरूआत अपने सहयोगी पायलट और बेस्ट फ्रेंड कीथिर मिसक्विता  के साथ मिलकर की थी। उस दौरान दोनों ने माही के साथ पहले भारत के पंजाब, राजस्थान, गुजरात और फिर पाकिस्तान, ईरान, तुर्की, सर्बिया, स्लोवेनिया, जर्मनी, फ्रांस और युनाइटेड किंगडम  में उडान भरी। इसके बाद अब आरोही ने विमान के छोटे से कॉकपिट में जीवन बेड़ा, ऑक्सीजन प्रणाली और अन्य सुरक्षा उपकरणों के साथ अकेले उडान भरकर इतिहास रच दिया है।आरोही पंडित ने यह उपलब्धि हासिल करने के बाद कहा ‘मैं बहुत सम्मानित महसूस करती हूं और आभारी हूं कि मैं अपने देश वह हर महिला के लिए ऐसा कर सकी। अटलांटिक महासागर के उपर उड़ान भरना एक शानदार अनुभव है। वहां पर सिर्फ आप और आपका छोटा सा विमान है, उपर हल्का नीला आसमान और नीचे गहरे नीले रंग का समुद्र या चमकता सफेद बर्फ है।’ उन्होंने आगे कहा कि कुछ जगहों पर थोड़ी दिक्कतें थी लेकिन समुद्र और द्वीपों की खुबसूरती शानदार थी। मैं यह सब एक बार फिर दिल से करना चाहूंगी।

 

Srinu Parashar

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