प्रतिभा कभी किसी अवसर की मोहताज नहीं होती , इस कहावत को सही साबित किया है आरा के भोजपुर जिले के महज 24 वर्ष का नौजवान युवा “शैलेश कुमार राय “ ( Shailesh Kumar Rai ), मुख्यतः इस उम्र में सभी छात्र अपनी भविष्य को लेकर चिंतित रहते है लेकिन आज अपने समाज का एक ऐसा युवा जो महज 17 वर्ष का था तभी से ही समाज सेवा का आंतरिक जूनून प्रवाहित होने लगा , समाज सेवा के बदौलत शैलेश ( Shailesh Kumar Rai ) आज देश में ही नहीं बल्कि विदेश तक अपने हुनर का डंका बजा रहे है। यह  शख्स अपनी समाजिक कार्यो के बदौलत राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री तक के हाथो से सम्मान प्राप्त कर चूका है।

Shailesh Kumar Rai

भोजपुर जिले का समाजिक धुरंधर ” शैलेश “

जिसकी ताकत सत्यमेव जयते की है जिसकी सोच उच्चाईयो तक पहुंचने की है ,जिसका मेहनत राष्ट्रहित में दूसरे की सेवा करने का है तो उसकी कदम सफलता को चुमना ही पड़ता है और यही हुआ भोजपुर के शैलेश ( Shailesh Kumar Rai )  के साथ |

छोटे से उम्र में ही एक से बढ़कर एक समाजिक कार्य करने वाले शैलेश कुमार राय को सबसे पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के हाथों सम्मानित किया गया उसके बाद शैलेश कुमार ( Shailesh Kumar Rai ) को अपनी समाजिक कार्यो के बदौलत वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथो सम्मानित होने का मौका मिला और इसके बाद 16 जुलाई 2018 को “न्यू इंडिया कॉन्क्लेव “ के तहत विज्ञान भवन में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के हाथो सम्मानित होने का गर्वमानित अवसर प्राप्त हुआ | शैलेश की उम्र महज 24 वर्ष की है लेकिन इसके उपरांत भी शैलेश ने एक से बढ़कर एक सामाजिक कार्य कर रहे है |

पढाई के साथ-साथ समाज से रहा लगाव

अपने विद्यार्थी काल के दौरान ही शैलेश ( Shailesh Kumar Rai )के मन में समाजसेवा की भावना घर कर गयी थी और शैलेश ने 2011 में कॉलेज में नामांकन के बाद ‘राष्ट्रीय सेवा योजना’ नामक एक समाजिक संगठन  के तहत समाजिक कार्यो में हाथ बटाना  शुरू किया |

इसके बाद शैलेश ने एन०एस०एस के माध्यम से रक्तदान , रक्तदान शिविर ,बेटी बचाओ -बेटी पढ़ाओ , मतदाता जागरूकता अभियान , स्वच्छता अभियान ,  एड्स जागरूकता अभियान , जल-बचाओ -जीवन बचाओ कार्यक्रम, महिला सशक्तिकरण इत्यादि विभिन्न तरीके के सामाजिक कार्यो को शैलेश ने बखूबी से किया |यहाँ तक कि गरीब बच्चो को पढ़ाने का कार्य भी शैलेश करते  है और शिक्षा के प्रति बच्चों को जागरूक और जीवन में सफलता पाने के गुर भी सिखाते है |

Shailesh Kumar Rai

वर्ष 2016 में एक युवाओं की टीम बनाई 

समाजिक कार्यो को बढ़ावा देने के लिए शैलश ने वर्ष 2016 में युवाओ को संगठित करके एक टीम बनाई , जिसके तहत जो किडनी के मरीज थे जो कि पैसे की अभाव में अपना ईलाज उचित ढंग से नहीं करा पा रहे थे , उसके लिए पैसे इकठ्ठा करके उनकी उचित इलाज करना , घर घर से पुराने कपडे इकट्ठा करके जिन्हे कपड़ो की आवश्य्कता होती उन तक कपडे पहुंचने का कार्य करना ,ठण्ड के समय अलाव की व्यवस्था करना आदि जैसे कार्य शैलेश एवं उनकी युवा टीम करती थी |

शैलेश ( Shailesh Kumar Rai ) के सामजिक कार्यो के संदर्भ में शुरुवात में केवल 1 -2 लोगो ने साथ दिया पर उनकी समाजिक कार्य के प्रति लगन को देखते हुए लोग उनके समाजिक कार्य के प्रति जुड़ने लगे व धीरे धीरे शैलेश ने एक पूरी टीम को संगठित कर दिया और इसके तहत ही शैलेश को सामाजिक कार्य करने के लिए प्रोतसाहन मिला |

Shailesh Kumar Rai

एनºएस°एस के तरफ से इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय अवार्ड सामजिक कार्य हेतू राष्ट्रपति भवन में प्राप्त हुआ |

भविष्य में युवाओं को जागरूक करने हेतू कार्य करना चाहते है शैलेश 

शैलेश भविष्य में युवाओ के हित के लिए कार्य करना चाहते है क्योंकि युवा ही समाज का भविष्य है और युवा अगर 10 प्रतिशत भी अपनी सामजिक कार्य के प्रति भागीदारी दिखा दे तो एक सफल राष्ट्र के निर्माण में भारत का भविष्य उज्जवल होगा |

अभी हाल के दिनों में ही शैलेश बिहार छात्र संसद में कोऑडिनेटर बने जिसके तहत शैलेश पुरे बिहार राज्य में छात्र एवं युवा के हित का कार्य शैलेश के जिम्मे होगा |

subham Gupta

Associate Author at BiharStory.in
एक स्टोरी राइटर, जिसका मकसद सामाजिक गतिविधियों एवं अपनी लेखनी के माध्यम से सामाजिक परिदृश्य को दिखाना ही नहीं बल्कि बदलाव के लिए सदैव प्रयासरत भी रहनाहै |
subham Gupta

Latest posts by subham Gupta (see all)