इंसान अगर चाहे तो अपने सच्चे लग्न  और मेहनत  के दम पे वो दुनिया के तमाम बुलंदियों को छू सकता है | इसी बात को सिद्ध कर दिखाया है गोरखपुर के राजेंद्र नगर के ललितापुर इलाके में रहने वाली वंदना यादव ने |

25 अप्रैल 2017 की वो काली सुबह जो बदल दी वंदना यादव की ज़िन्दगी |

जिनको  बचपन से ही मॉडलिंग में काफी रूचि थी | अपने इसी शौख को पूरा करने के लिये वो  दिन रात मेहनत करती थी | . लेकिन उनके सपनो को बिखरते देर नहीं लगी  25 अप्रैल 2017 की वो काली सुबह जो उनके चेहरे पे एक ऐसा   दाग दे गया जो उनके सपनो को बिखेर के रख दिया |   दरअसल उस  सुबह वह किचन में गैस के सामने खड़ी होकर आलू उबाल रही थी कि अचानक कूकर फटने के कारण उनका बायीं तरफ का चेहरा पूरी तरह से झुलस  गया और माथा फट गया। डॉक्टरों को इलाज के दौरान 16 टांके लगाने पड़े फिर भी वो  निशान आज भी चेहरे पर हैं।

 

लोगों के तानो से हार नहीं माना  और अपने सपने को पूरा करने वापस से उठ खड़ी  हुई वंदना |

अस्पताल से घर लौटी तो वह पूरी  तरह से टूट चुकीऔर  लोगों ने ताने मारने भी शुरू कर दिए कि बड़ी खूबसूरत बनती थी, अब टूट गया सारा घमंड,कौन करेगा इससे शादी कैसे होगी तुम्हारी शादी। लोगों के इस प्रकार के ताने मानो वंदना को झकझोर के रख दिया लेकिन उनके  माता-पिता और भाई ने उन्हें  सहारा दिया और उन्हें उठ  खड़ा होने की हिम्मत देने में जुट गए | उनके घर वाले वंदना की  मॉडलिंग के शौक से वाकिफ थे  इसलिये उनलोगों ने इन्हे   उसी दिशा में  प्रोत्साहित करने लग गए |इन तमाम परेशानियों को झेलने के बाद भी इन्होने  हार नहीं माना  और अपने सपने को पूरा करने उठ खड़ी  हुई |शायद  किसी शायर ने ठीक ही कहा है :

अपने हिम्मत  को कभी ये मत बताओ की तुम्हारा दुःख  कितना  बड़ा  है

अपने दुःख को कभी  ये मत  बताओ की तुम्हारा  हौसला कितना मजबूत है |

मानो ये लाइन जैसे इन्ही के लिये बनी  हो |उन्होने कुछ तमाम छोटे बड़े  वर्कशॉप में भाग लेना शुरू कर दी जिससे इनके हौसले को  उड़ान मिलनी शुरू हो गयी । आखिरकार इन्होने कामयाबी का रास्ता तय कर ही लिया।

 

देहरादून में देश भर की 12 प्रतिभागियों के साथ उन्होंने अपनी सुन्दरता और बौद्धिकता का परिचय देते हुए  गोरखपुर का प्रतिनिधित्व किया|

देहरादून में हुई डीसी मिस इंडिया प्रतियोगिता में रनरअप बन गयी उसके  बाद वंदना यादव अपने शहर वापस लौट आयी हैं। जहाँ बधाइयों का तांता लगा हुआ है।जो लोग कल तक ताना मार रहे थे आज उन्हें बधाइयाँ देने उनके उनके घर के सामने खड़े है | उन्होंने  अपनी इस उपलब्धि के बारे में बताते हुए कहा  कि देहरादून में देश भर की 12 प्रतिभागियों के साथ उन्होंने अपनी सुन्दरता और बौद्धिकता का परिचय देते हुए  गोरखपुर का प्रतिनिधित्व किया। शो में देश के कई मशहूर हस्तियों ने भी शिरकत की थी।

वंदना ने बताया कि हादसे से उबरने के बाद उन्होंने घरवालों से कहा कि मैं कुछ करना चाहती हूं और ताने देने वाले लोगों को जवाब देना चाहती हूं। तब घर वाले इसके लिए तैयार हुए। इसके बाद वंदना ने  मिस गोरखपुर में हिस्सा लिया और  विजेता बनी। बाद में उसे देहरादून में आयोजित डीसी मिस इंडिया 2019 में भाग लिया| अपने इस  सदमे के बावजूद भी  वंदना  उठ खड़ी हुई और वह कर दिखाया जो किसी ने कल्पना तक नहीं की होगी|