भारत देश में बहुत सारे ऐसे राज्य हैं जहाँ की संस्कृति और सभ्यता एक दूसरे से भिन्न है| उन्ही राज्यों मे एक राज्य  बिहार भी है|  बिहार एक स्वादों का प्रदेश है, जहाँ एक सीमित दायरे में अलग -अलग स्वाद अपने जगहों को प्रसिद्ध करते है। इसकी महत्वाकांक्षा इतनी अधिक है कि लोग स्वादों के अनुसार जगह की व्यख्या करने लगते है। आज की स्वाद एक्सप्रेस का ठहराव बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले ( जिसे हम सब मोतिहारी जिला भी कहते है ) में रुका हुआ है जहाँ की पहचान इसके अस्तित्व कर्म पर आधारित है एवं इसकी नाम की लोकप्रियता बड़े – बड़े शहरों में रेस्टुरेंट पर लगे बैनर बोर्ड से पता चल जाता है की  पूर्वी-पश्चिमी चम्पारण का इतिहास तो वाकई गौरवशाली रहा है लेकिन अगर स्वाद की नजरिये से देखा जाए है पूर्वी चंपारण का “आहूना मीट”(Ahuna meat) सिर्फ ज़िले में ही नही बल्कि सम्पूर्ण देश-भर में प्रसिद्ध है | पटना से लेकर दिल्ली जैसे बड़े राजधानी शहरों में भी आपको 4 – 5 “चम्पारण मीट” के नाम से ढ़ाबे मिल ही जाते है जिसे देखकर हर बिहारी का मन प्रफुलित हो जाता है।

Ahuna meat

◆ख़ासियत “अहूना मीट”(Ahuna meat) की ;

पूर्वी चम्पारण , मोतिहारी जिले के स्थानीय लोगों के मुताबिक ‘अहूना मीट’(Ahuna meat) का नाम भोजपुरी भाषा के “अहून” शब्द के अनरूप पड़ा है । भोजपुरी शब्द “अहून” का मतलब होता है कि सबकुछ अच्छे से मिला देना ।
अहूना मीट(Ahuna meat) की प्रसिद्धि का कारक एक और उपलक्ष्य है कि यह मांसाहारी खाना मिट्टी की बर्तन में बनता है जिससे इसकी स्वाद की उभराऊ भीतर तक आती है । पूर्वी एवं पश्चिम चंपारण में शुरुवाती  दौर से ही माँसाहारी भोजन का अधिक परिचलन रहा है और यही कारण है कि यहाँ की प्रसिद्ध मीट की विधि केवल राज्य में ही नही देश भर में प्रयोग किए जाता है ।

◆कैसे तैयार होती है “अहूना मीट” (Ahuna meat):-

“अहूना मीट”(Ahuna meat) चम्पारण जिले की पहचान के अनरूप कार्य कर रही है ; अहूना शब्द की वितिगत मतलब सबकुछ अच्छे से मिला देना होता है ; इस भोजन को बनाने के लिए पारंपरिक तरीके से ही कार्यो को अंजाम दिया जाता है जिसमे इस भोजन को पकाने के लिए मिट्टी के बर्तन का प्रयोग किया जाता है , “अहूना मीट”(Ahuna meat) को पकाने के लिए इसपर जो मसालों का संग्रह रहता है वह “खड़ा मसालों” का मिश्रण रहता है ; इस भोजन को बनाने के लिए इसमे मिर्च का प्रयोग नही होता । सबसे पहले मटन , सरसो का तेल एवं कटे हुए प्याज़ को लिया जाता है इसके बात 4 साबूत लशुन की फलियां , मसाले (जिसमे हल्दी , गोलमिर्च , जीरा और गर्म मसाला) ; इसके बाद इसका मिश्रण तैयार किया जाता है ; जिसमे सरसो तेल जो गर्म करके उसे ठंडा किया जाता है , इसके बाद तेल में मटन , प्याज नामक एवं मसाले को अच्छे से मिलाया जाता है , मिश्रण के बाद मटन को मिट्टी के हांडी (बर्तन) में डाला जाता है , लशुन की फलियों के साथ एवं इसके बाद मिट्टी के बर्तन को ढककर उसे कुछ समय तक गर्म करने के लिए छोड़ दे इसके बाद लज़ीज अहूना मटन पक कर तैयार हो जाता है ।।

Ahuna meat

◆ पाचनतंत्र को सीमित रखता है यह भोजन ;

“अहूना मीट”(Ahuna meat) की जानकारी इकट्ठा करने में एक दिलचस्प बात सामने आई कि इस भोजन को ग्रहण करने के बाद इसकी पाचन शक्ति इतनी अत्यधिक लगती है कि भोजन करने के 1 घंटे के बाद हमे पता ही नही रहता कि हमने 1 घंटे पहले मटन का सेवन किया था ; लोगों के मुताबिक दूसरे मांसाहारी भोजन सेवन करने के 24 घण्टे बाद भी उसका असर हमारे पाचनतंत्र में मौजूद रहता है परंतु अहूना मीट(Ahuna meat) की सेवन करने के बाद ऐसा नही होता , इसका मुख्य यह भी कारक है कि अहूना मीट में सम्मिलित होने वाले मसाले हल्के क़िस्म के होते है जो हमारी पाचनशक्ति को बनाये रखती है ।।

Ahuna meat

◆”अहूना मीट”(Ahuna meat) ऐसा भोजन जोकि बाजारों में तौल कर मिलता है ;

अहूना मीट(Ahuna meat) भोजन एक पहला ऐसा मीट में भोजन होगा जोकि ढाबा , रेस्टुरेंट में किलो के हिसाब से मिलता है ,इसमे शुद्धता एवं पारंपरिक तरीक़े से इस भोजन को पकाया जाता है ।।
अहूना मीट(Ahuna meat) शुरुवाती समय मे नेपाल में प्रचलित था जोकि अपनी प्रसिद्धि से बिहार के वाल्मीकिनगर , बेतिया में आया फिर यह मोतिहारी जिले तक फैला , इस भोजन के प्रति लोकप्रियता इस हद तक बढ़ी की यह देश के बड़े-बड़े राजधानी जैसे शहरों में इसके ढाबे खुलने लगे और लोगो को यह भोजन एक अनुरूपित पारंपरिक भोजन के अनरूप लगा ।।

Ahuna meat

◆देश-भर में मशहूर है “अहूना मीट”(Ahuna meat) कई चैनलों में बताते है इसकी रेसिपी :-

चंपारण मीट नाम से मशहूर अहूना मीट(Ahuna meat) देश भर में प्रसिद्ध है , एवं यह सिर्फ ढ़ाबे – रेड़ियो तक ही सीमित नहीं कई टीवी पर प्रसारित किसी चैनल में इस भोजन को बनाने के रेसिपी भी बताते है जिसमे इस भोजन में उपयोग होने वाले बर्तन को प्रेसर कुकर की तरह उपयोग करने की बात कही जाती है , मूलरूप से अहूना मीट(Ahuna meat) बिहार स्वाद में सम्मिलित एक अभिन्न अंग है जिसे पूरा देश पसन्द करता है ।।

subham Gupta

Associate Author at BiharStory.in
एक स्टोरी राइटर, जिसका मकसद सामाजिक गतिविधियों एवं अपनी लेखनी के माध्यम से सामाजिक परिदृश्य को दिखाना ही नहीं बल्कि बदलाव के लिए सदैव प्रयासरत भी रहनाहै |
subham Gupta

Latest posts by subham Gupta (see all)