बिहार पूर्वी भारत मे बसा हुआ एक छोटा सा राज्य है  जो नेपाल की सीमा पे स्थित है। यह गंगा नदी द्वारा विभाजित है|यहाँ बहुत सारे तीर्थ स्थल है जिसमे  महत्वपूर्ण बौद्ध तीर्थ स्थल है जिसका नाम बोधगया के महाबोधि मंदिर हैं,जहाँ  बुद्ध ने कथित रूप से ध्यान लगाया था। बिहार की राजधानी पटना में, महावीर मंदिर है जो  मंदिर हिंदुओं द्वारा पूजनीय है|

Bihari language

विशिष्ट लहजे में बोली जाने वाली बिहारी’ भाषा (Bihari language) शब्दावली का यह अनूठा समूह है जो हमेशा के लिए हर बिहारी वासियों के  साथ रहता है|

हमारे बिहार में बहुत कुछ है जो  कई मुद्दों पे  राष्ट्र की बात करता रहा है जिसके कारण इसे अपना एक विशेष वर्ग दिया गया हैं। प्रसिद्ध ‘बिहारी’ भाषा (Bihari language) भोजपुरी उनमें से एक है। जिस तरह से हम लोग एक-दूसरे को बधाई देते हैं, दिन-प्रतिदिन जीवन शैली में बात करते हैं|

जब भी हमलोग किसी से  भी बात करते है तो उसमे हमारी बिहारी भाषा सम्मिलित होती है ,चाहे वो भोजपुरी, हो मैथिलि हो या कोई अन्य बिहारी भाषा (Bihari language) हो |  बहुत कम लोग जानते हैं कि ‘बिहारी’ (Bihari language) हमारी भाषा में नहीं है! भोजपुरी, मैथिली, मगही आदि कुछ भाषाएँ व्यापक रूप से बोली जा रही हैं लेकिन,  बिहारी ’कोई भाषा नहीं है। यह आम तौर पर विशिष्ट लहजे में बोली जाने वाली शब्दों की एक विशिष्ट पसंद है| जिससे आपस मे प्यार और सम्मान झलकता है | बिहारी पूर्वी हिन्द–आर्य भाषाओं का पश्चित्मी समूह है जो मुख्यतः भारत में बिहार एवं इसके अन्य पड़ोसी राज्यों में बोली जाती है।

त्रुटिहीन अंग्रेजी हो या कोई उस उच्च श्रेणी से संबंधित हो, हर कोई इस ‘बिहारी’ भाषा’ (Bihari language) के साथ धन्य है, यहां।

बिहारी (Bihari language) शब्द को भाषा के मायने जोड़ने का प्रथम प्रयास अंग्रेज भाषा-वैज्ञानिक सर जार्ज अब्राहम ग्रियर्सन द्वारा देखा जाता है। ग्रियर्सन ने पहली बार अपने लिंग्विस्टिक सर्वे ऑफ इंडिया में वर्तमान उत्तरी बिहार और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश में बोली जाने वाले भाषाओं के सम्मिलित स्वरुप जो वहाँ की क्षेत्रिय हिन्दी में परिलक्षित होता है, उसे बिहारी नाम दे दिया है। इस क्षेत्र में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाओं में – मैथिली, भोजपुरी, मगही, अंगिका, बज्जिका, नागपुरिया इत्यादि भाषायें हैं। इन भाषाओं को मातृभाषा के तौर पर प्रयोग करने वाले जब हिन्दी को अपनी दूसरी प्रमुख भाषा के रूप में इस्तेमाल करते हैं तो उनकी हिन्दी में व्याकरण और उच्चारण के स्तर पर कई समानतायें पायी जाती है इस प्रभाव को आम तौर पर हिन्दी फिल्मों और आम बोल-चाल में “बिहारी” (Bihari language) नाम दे दिया गया है। ऐसा ही प्रभाव उस क्षेत्र के अंग्रेजी बोलने वालों की अंग्रेजी में भी परिलक्षित होता है। सामाजिक एवं राजनैतिक परिप्रेक्ष्य में बिहारी (Bihari language)  शब्द का प्रयोग नकारात्मक विशेषण के रूप में होने लगा है। ये सभी भाषाएँ हिन्द-यूरोपीय भाषा-परिवार में आती हैं।

Bihari language

प्रत्येक वाक्य की शुरुआत बिहारी भाषा जोड़ना मानो जैसे सदियों से बिछड़ा कोई दोस्त बुला रहा हो।

इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि किसी के पास त्रुटिहीन अंग्रेजी है या कोई उस उच्च श्रेणी से संबंधित है, हर कोई इस ‘बिहारी’ भाषा (Bihari language) के साथ धन्य है, यहां। शब्दावली का यह अनूठा सेट हमेशा के लिए हर बिहारी वासियों के  साथ रहता है,चाहे हम किसी भी बड़े महानगर में क्यों न रह रहे हों | अपने घरों में लौटते ही अपने शीर्ष पर पहुँच जाता है।

कुछ रोचक बोलचाल की भाषाएँ, जो हम सभी अंग्रेजी पढ़े-लिखे बिहारियों को घर से दूर रहने में बुरी तरह से याद आती हैं और अपने क्षेत्र  के किसी व्यक्ति से मिलते ही या घर वापस आने के दौरान मानो वह सूखा ज्वालामुखी की तरह  फट जाता है |

“ऐ भाई सुनो …” प्रत्येक वाक्य की शुरुआत में बोलना मानो जैसे सदियों से बिछड़ा कोई दोस्त बुला रहा हो।  मुख्य के बजाए हम्म  के रूप में आपका जिक्र …

ऐसे बहुत सारे शब्द है जो हर एक बिहारवासी अपनी निजी ज़िन्दगी मे उपयोग करते है और चाहे किसी  दूर महानगरी मे ही क्यों न मिल रहे हों |

“भोजपुरी” के सुंदर शब्द जब आप अपने दादा-दादी आदि से बात करते हैं … वाक्य में “बा” का उपयोग करते हुए … ठीक  बा आदि …

“कहला” हर पूछताछ के लिए एक छोटे विकल्प के रूप में।