बिहार है तो देश का एक राज्य ही परन्तु बिहार पूरे देश मे बसता है , देश के कोने – कोने में बिहार की परछाई कही ना कही देखने को अवश्य मिलेगी ; हमारा आज का सवाल यह नही है हमारा आज का सवाल यह है कि जब जब देश मे किसी राज्य के ऊपर विपद आपदा आयी है बिहार साथ खड़ा रहा है ; चाहे आप देखे जब केरल में बाढ़ ( Flood ) आता है बिहार वाले साथ खड़े होते है ,उड़ीसा में तूफान आता है बिहार वाले प्रार्थना करते है , उत्तर प्रदेश में छोटी बच्ची की हत्या होती है बिहार वाले साथ होते है , कठुआ में भी बच्ची के साथ गलत होता है बिहार वाले साथ होते है लेकिन जब बिहार के मुजफ्फरपुर में 100 से ज्यादा बच्चे मर जाते है कहीं कोई कुछ नही बोलता है , बिहार का आधा राज्य बाढ़ ( Flood ) की चपेट में है इसपर भी कोई संभवित मदद के लिए आगे नही खड़ा ।। बिहार हर तरह से शारीरिक एवं आर्थिक मदद के लिए सदैव तातपर्य रहा है , परन्तु जब बात बिहार की आती है जब बिहार अपनी पीड़ा पर रोता है चाहे वो चमकी बुखार का आतंक हो या फिर आधी बिहार बाढ़ में डूबी हो तो उस संकट की घड़ी में आगे सम्भवतः बहुत कम ही राज्य आते है ; सरकारें भी अपनी आँखों मे पट्टी बांध लेती है क्योंकि उन्हें अन्य राज्य भी तो देखना है ।।

बिहार की वार्षिक पीड़ा ( Flood ) ‘बाढ़’

 Flood

अभी बिहार चमकी बुखार के आतंक से मुक्त हुआ ही नही था कि एक और संकट भरी आपदा दरवाजे पर दस्तक लिए खड़ी थी ; यह आपदा थी बाढ़ ( Flood ) की आपदा जोकि बिहार के लिए किसी नजरिये से नई नही थी , यह एक वार्षिक योजना के भाँति बन चुकी है पर यह जानकर के भी की बाढ़ हर साल दस्तक देती है इसपर भी कोई पुख्ता इंतज़ाम उपलब्ध नही होता , आखिर मदद की गुहार किससे लगाए राज्य से लेकर सरकार तक , जनता से लेकर मीडिया तक सभी हाथ धरे बैठे है ।।

बिहार एवं असम दोनों बाढ़ ग्रषित :-

बिहार और असम में बाढ़ ( Flood ) की वजह से स्थिति गंभीर हो गई है, दोनों राज्यों में बाढ़( Flood )  से मरने वालों की संख्या बढ़ कर 209 हो गई , बाढ़ के कारण बिहार और असम में 1.06 करोड़ लोग प्रभावित हुए, बिहार में बाढ़ ( Flood ) और बारिश की वजह से अब तक 127 की मौत , असम के बारपेटा में 1 मौत के साथ मृतकों की संख्या बढ़ कर 82 हो गई, ब्रह्मपुत्र सहित कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रहींो ।
बिहार और असम में बाढ़ की वजह से स्थिति गंभीर हो गई है। दोनों राज्यों में रविवार तक बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़ कर 209 हो गई है। बाढ़ के कारण बिहार Bihar और असम में 1.06 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं। बिहार में बाढ़ से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। इसकी वजह से 85 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। हालांकि, लगातार दूसरे दिन भी यहां मृतकों की संख्या 127 बनी रही। राज्य के सबसे बुरी तरह से प्रभावित जिलों में दरभंगा शामिल है, जहां अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है।Flood

बिहार की कई नदियों में ( Flood ) बाढ़ :-

नेपाल के तराई क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण नेपाल से आने वाली नदियां उफान पर हैं। बिहार का शोक कही जाने वाली नदी कोसी के अलावा बागमती, बूढ़ी गंडक, ललबकिया, कमला बलान में लगभग हर साल बाढ़ आती है और भारी जानमाल का नुकसान होता है। वैसे आंकड़ों की बात करें, तो बिहार के 38 जिलों में से सीमांचल क्षेत्र में आने वाले 18 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं।

बिहार को है अब भी उम्मीद :-

यह स्थिति के बावजूद कुछ दिल मे आस बाकी है हालांकि नजर में तो नही दिमाग मे जरूर आएगी यह स्थिति क्योंकि बिहार की जो स्थिति है यह कोई नई नही है , इसमे नया तब कहा जायेगा जब इस विघोर आपदा से निश्चित बचने का उपाय हो ।।

subham Gupta

Associate Author at BiharStory.in
एक स्टोरी राइटर, जिसका मकसद सामाजिक गतिविधियों एवं अपनी लेखनी के माध्यम से सामाजिक परिदृश्य को दिखाना ही नहीं बल्कि बदलाव के लिए सदैव प्रयासरत भी रहनाहै |
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