आज हम बात कर रहे है एक ऐसे शब्द की जो हर व्यक्ति की ज़िन्दगी में बहुत मायने रखता है चाहे वो व्यक्ति कैसा भी हो |

 निर्णय जिसको हम इंग्लिश में बोलते है Decision

जी हाँ हम बात कर रहे है निर्णय की | ये  एक ऐसा शब्द है जो हर व्यक्ति को उलझन में डाल सकता है और उससे उभार  भी सकता है | निर्णय किसी भी परिस्थिति में क्यों नहीं लिया जाय उसका प्रभाव अलग अलग पड़ता है | निर्णय जिसको हम इंग्लिश में Decision बोलते है |

सही समय पर लिया गया सही निर्णय दिलाता है बहुत सारे प्रॉब्लम से निजात

जिसका तात्पर्य है सही समय पर सही निर्णय लेना ताकि हुए प्रॉब्लम आसानी से हल हो जाये | हर एक घर में एक निर्णय लेने वाले बुजुर्ग लोग होते है क्योंकि ऐसा माना जाता है जिनकी उम्र जितनी बड़ी होती है उनके अनुभव भी उतने ही अच्छे माने जाते है |  निर्णय लेना आसान काम नहीं होता। फिर चाहे निर्णय छोटा हो या बड़ा। निर्णय लेने की हमारी क्षमता को कई चीजें प्रभावित करती हैं |  इसलिए निर्णय एक ऐसी चीज़ है जो हमारे और आपके जीवन शैली को बदल के रख सकती है | आए हम जानते है निर्णय लेने से पहले किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिये |

निर्णय कभी भी भावुकता भरा न हो

निर्णय लेने से पहले एक बात जरूर ध्यान रखना चाहिये की वो  भावुकता भरा न हो क्योंकि ऐसा माना जाता है भावुकता से लिए गए निर्णय हमेशा गलत होते है जो आपके निर्णय के समय सही बातों पे गौर करने में बाधा का कारण बनती है |

हम जो भी काम करते हैं, उसमें हमारी भावनाएं अहम भूमिका निभाती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेते वक्त अपनी भावनाओं की अनदेखी नहीं करें। अगर आप बहुत ही ज्यादा भावुक महसूस कर रही हैं तो उस वक्त कोई भी निर्णय लेने से बचें। निर्णय लेने को कुछ देर के लिए टाल दें।

निर्णय लेते समय हमेशा मन की भी बातें सुना करें |

दूसरी बात ये है की आप कभी कभी दिल की आवाज भी सुन लिया करें क्योंकि दिल की आवाज कभी गलत नहीं होती |अगर किसी निर्णय को लेकर आपके मन में शंका है कि वह निर्णय सही साबित नहीं होगा, तो उस निर्णय को लेने से बचें।   अगर सच में किसी निर्णय को लेकर आपके मन में कोई बात खटक रही है तो अपने मन की उस बात को सुनें। उस विषय में अच्छी तरह से विचार-विमर्श करने के बाद जो उचित लगे, वैसा निर्णय लें।

 निर्णय लेने का कोई सही मतलब हो न की गलत हमेशा इस बात का रखें ध्यान

तीसरी और बहुत ही महत्वपूर्ण बात ये है की निर्णय लेने का कोई सही मतलब हो न की गलत अगर आप कोई ऐसा निर्णय लेने जा रही हैं, जिसे लेने का कारण आपको मालूम है कि सही नहीं है तो फिर बेहतरी इसी में है कि वैसा निर्णय लिया ही नहीं जाए। जिससे आपको  और दूसरों को भी असहजता महसूस हो |

निर्णय लेते समय कभी न होने दें असहजता हो हावी

चौथी सबसे जरुरी बात ये है की जब असहजता हो हावी तो अपने निर्णय लेने का प्लान ड्राप कर दें |कोई निर्णय लेते वक्त अगर आप उसके बारे में असहज महसूस कर रही हैं तो फिर वह निर्णय नहीं लें। कोई भी निर्णय लेना मानसिक और शारीरिक रूप से थकावट भरा काम होता है। अगर कोई बात आपको पहले से ही इतना परेशान कर रही है तो बेहतर होगा कि आप खुद को इस बोझ से अलग कर लें । अगर किसी विषय के बारे में असहज महसूस कर रहे  हैं तो उस निर्णय को कुछ देर के लिए टाल दें। ताकि आप उस पे अच्छे से मंथन कर के अपना सही निर्णय या विचार दे सके |