हरे-भरे पेड़ पौधे  खुशनुमा मौसम का एहसास कराते हैं जो हर इंसान को अच्छा लगता है, लेकिन ये पेड़ पौधे उगेंगे कैसे इस पर किसी का ध्यान नहीं जाता | इसी महत्वपूर्ण कड़ी को ध्यान में रखकर मूलरूप से बिहार के छपरा के रहने वाले वेद प्रकाश लोगों को जागरूक करने के लिए एक अनोखे तरीके का इस्तेमाल करते हैं  वेद प्रकाश सार्वजनिक अवकाश के दिन या फिर किसी खुशनुमां शाम को वेद प्रकाश पर्यावरण से संबंधित प्लेकार्ड के साथ दिल्ली के किसी इलाके में नजर आ जाते हैं और लोगों को स्वस्छ्ता सफाई और पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने का संदेश देते हैं।

कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है

अपनी प्रेमिका से बेइंतेहा मोहब्बत करने वाले बिहार के वेद प्रकाश दिल्ली-एनसीआर में लोगों को खूबसूरत जिंदगी बिताने के लिए पर्यावरण से जुड़ने की सीख दे रहे हैं। सार्वजनिक अवकाश के दिन या फिर किसी खुशनुमां शाम को वेद प्रकाश पर्यावरण से संबंधित प्लेकार्ड के साथ दिल्ली के किसी इलाके में नजर आ जाते हैं। इन्हें दूर से देखकर गुजर जाने वाले इन्हें दीवाना कहते हैं, तो करीब से जानने वाले इस काम के लिए जरूर तारीफ करते हैं। इन दिनों इनका ताजा प्ले कार्ड ‘गर्लफ्रेंड के नाम पर पेड़ लगाइए, कभी ब्रेकअप नहीं होगा’ चर्चा में है। गर्लफ्रेंड ही क्यों? इस पर वेद प्रकाश कहते हैं- ‘यह शब्द कम से कम युवाओं को खूब अपील करता हैं। इस उम्र में हम अपनी गर्लफ्रेंड की बात जरूर मानते हैं।’

पर्यावरण संरक्षण को बना लिया जिंदगी का मकसद

पिछले तकरीबन 5 साल से दिल्ली-एनसीआर के साथ मुंबई में भी लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश देने वाले वेद प्रकाश पेशे से होटल इंडस्ट्री से जुड़े हैं और फिलहाल दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित होटल लीला में बतौर असिस्टेंट मैनेजर (हाउसकीपिंग) कार्यरत हैं। पिछले कुछ सालों से उन्होंने अपने प्लेकार्ड के जरिये स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की मुहिम छेड़ रखी है। वेद प्रकाश कहते हैं- ‘इस कुदरत ने हम मनुष्यों को बहुत कुछ दिया है- जीवन तक दिया है। ऐसे में हमारा भी फर्ज है कि हम भी उसकी रक्षा करें। यह वजह है कि मैंने पर्यावरण संरक्षण का बीड़ा उठाया है।’

लोगो का सहयोग भी मिलता है और तिरस्कार भी

मूलरूप से बिहार के छपरा के रहने वाले वेद प्रकाश को जब भी मौका मिलता है दिल्ली के कनॉट प्लेस में जाकर लोगों को स्वस्छ्ता, सफाई और पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने का संदेश देते हैं। यह अलग बात है कि इस दौरान उन्हें बहुत सी परेशानी भी होती है। कुछ लोग उन्हें ताना मारते हैं तो कुछ लोग उनके इस कदम की सराहना भी करते हैं। वहीं, दिक्कत तब शुरू हो जाती है जब पुलिस वाले उन्हें ऐसा करने से रोक देते हैं। वेद इस पर कहते हैं- ‘हम एक बेहतर संदेश देते हैं लोगों को-समाज को, लेकिन पुलिस की हरकत से ऐसा लगता है कि जैसे हम कोई अपराध कर रहे हैं।’ वेद प्रकाश आगे कहते हैं- ‘ जब भी मैं कनॉट प्लेस आकर लोगों को जागरूक करता हूं तो पुलिस का डर लगा रहता है। पूर्व में मुझे पुलिस इस तरह का संदेश देने पर थाने तक ले जा चुकी है।’ वह कहते हैं कि एक तरफ गंदगी फैलाने वालों पर तो कोई कार्रवाई नहीं की जाती है  वहीं, यदि कोई स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने का बीड़ा उठाता है तो पुलिस उसे जेल में बंद कर देती है।

‘इन दिनों चर्चा में वेद प्रकाश का नया प्ले कार्ड

पर्यावरण के प्रति उनकी यह दीवानगी किसी जुनून से कम नहीं है। इन दिनों उनका एक प्ले कार्ड खूब चर्चा में है। दरअसल, ‘गर्लफ्रेंड के नाम पर पेड़ लगाइए, कभी ब्रेकअप नहीं होगा’ का प्ले कार्ड लोगों को खूब आकर्षित कर रहा है। वेद इस पर कहते हैं -‘पर्यावरण एक गंभीर मुद्दा है, लेकिन क्या यह जरूरी है कि गंभीर मुद्दों को गंभीर ढंग से ही उठाया जाए यह जरूरी नहीं, इसीलिए मैंने इस मुद्दे पर लोगों को जागरूक करने के लिए नया तरीका अपनाया है। इसके तहत मैं फनी अंदाज में प्ले कार्ड के जरिये लोगों से अपील करता हूं ताकि वे अपने पर्यावरण के प्रति भी जिम्मेदार बनें।’मलाला को अपना प्रेरणस्रोत मानने वाले वेद प्रकाश कहते हैं- ‘मैं भी चाहता हूं कि समाज-देशहित में कुछ अपना योगदान दूं। इस मामले में मुझे पाकिस्तान की हिम्मती लड़की मलाला युसुफ़ज़ई से प्रेरणा मिली है कि उन्होंने विपरीत हालात में कैसे अपनी हिम्मत-हौसले को जिंदा रखा।’ 30 वर्षीय वेद प्रकाश अपने प्ले कार्ड में स्लोगन लिखने के दौरान अपनी गर्लफ्रेंड का जरूर जिक्र करते हैं। अपने कैंपेन को लेकर उनका कहना है कि उन्हें उनकी गर्लफ्रेंड ने ही

गर्लफ्रेंड की कसम देश को गंदा नहीं होने दूंगा

‘तकरीबन चार साल पहले मुंबई में नौकरी करने के दौरान बैंड्रा बीच के पास तवा रेस्तरां में गर्लफ्रेंड का बर्थडे सेलिब्रेड कर रहा था। इस दौरान मैंने पाया कि मुंबई में बहुत गंदगी है। इस बीच अपनी बातचीत में मैंने कहा ‘गर्लफ्रेंड की कसम देश को गंदा नहीं होने दूंगा’। फिर पहली बार मुंबई तवा के बाहर पहले कैंपेन किया था। इसके बाद नौकरी छोड़नी पड़ी तो दिल्ली में आकर यह कैंपेन जारी रखा। उनकी गर्लफ्रेंड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत बड़ी फैन है। वह प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत अभियान से खासी प्रभावित है, इसलिए उनकी गर्लफ्रेंड ने उन्हें भी कुछ ऐसा करने के लिए कहा, जिससे लोग स्वच्छता के प्रति जागरूक हो सके। इसके बाद वेदप्रकाश ने ग्रुप बनाया और साथ ही प्लेकार्ड के जरिये लोगों को जागरूक करने में जुट गए।

 

सप्ताह में छुट्टी वाले दिन तीन से चार घंटे निकालकर कनॉट प्लेस, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन व धौलाकुआं में से किसी एक जगह पर जाकर प्लेकार्ड के जरिये लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हैं

उनके पास इसी प्रकार के 30 से 35 प्लेकार्ड हैं। इनमें ‘कटप्पा ने बाहुबली को इसलिए मारा क्योंकि वह गंदगी ज्यादा करता था’, ‘गर्लफ्रेंड की कसम मैं देश को गंदा नहीं होने दूंगा’, ‘तंबाकू गुटखा छोड़िए गर्लफ्रेंड से नाता जोड़िए’ लिखे हुए प्लेकार्ड हैं।

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
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