स्वच्छता में ही भगवान वास करते हैं ये बात देर से हीं सही पर हमारे पटना वासी को समझ में आ गया  | अब गिने चुने जगहों पर हीं आपको खुले में या रोड के किनारे कचड़ा मिलेगा और इसका ज्यादातर श्रेय पटना नगर निगम को भी  जाता है जो प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को  बेहद व्यस्थित ढंग से चला रहे हैं | 

हर गली में पहुँचती है कचड़े वाली गाड़ी |

पहले लोग जगह के आभाव में अपने घर के कूड़ा-कचड़े को रोड के किनारे कहीं भी फेंक देते थे जिसके कारण रोड पर हर जगह कचड़ा फैला रहता था, और यह स्थिति बरसात के मौसम में और भी भयावह हो जाती थी क्योकि कचड़े के कारण  सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता था | पर अब इस समस्या से निजाद दिलाने  पटना के हर छोटी-बड़ी गलियों में हर सुबह लोगों को जागरूक करने वाली गीत बजाते हुए आ पहुँचती हैं |

गीत सुनते हीं लोग आ जाते हैं कचड़ा लेकर घर से बाहर |

आज स्थिति ये है की जैसे हीं कानों में कचड़े वाली गाड़ी के गीत की आवाज़ पड़ती है लोग अपने अपने डस्ट बीन को लेकर घरों से बाहर निकल आते हैं | एक गृहणी ने बताया की कचड़े वाली गाड़ी के आ जाने से हम लोगों की बहुत बड़ी समस्या का निवारण हो गया है नहीं तो पहले मज़बूरी में न चाहते हुए भी  रोड के किनारे हीं कचड़ा फेंकना पड़ता था, कभी-कभी तो कचड़ा फेंकने के कारण लड़ाई-झगडे  तक की नौबत आ जाती थी पर अब इसकी नौबत नहीं आती |

जागरूकता के आभाव में खुले में फेंक देते थे कचड़ा |

ऐसा नहीं है की कचड़े वाली गाड़ी के आने से पहले कचड़े को संग्रह करने की व्यवस्था नहीं थी पर लोग जागरूकता के आभाव में कहीं भी कचड़ा फेंक देते थे, लेकिन अब वो बात नहीं है लोग अब कचड़े को कचड़े वाली गाड़ी में हीं डालते हैं | और सुविधा के लिए लोगों को मात्रा एक रूपए प्रति दिन के हिसाब से शुल्क देना होता है  जो तीन-तीन महीने पर पटना नगर निगम के कर्मचारी घर पर आ कर ले जाते हैं और उसकी रसीद देते हैं |

गली-मोहल्लों में फैले कचरे को हटाना है शहर की सुंदरता को बढ़ाना है |

स्वच्छता आज की बड़ी जरूरत है। इसलिए हमें इस अभियान से जुड़कर इसे कामयाब बनाना चाहिए। आज गली-मोहल्लों में जहां भी कूड़ा-करकट दिखाई देता है उसे अपना कर्तव्य समझते हुए साफ करना चाहिए तथा अपने घर के आसपास सफाई रखनी जरूरी है। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था से मनुष्य स्वस्थ रहता है वहीं शहर की सुंदरता बढ़ती है इसलिए हमें न केवल स्वंय की स्वच्छता को बढ़ावा देना चाहिए बल्कि अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।

स्वच्छता का मतलब केवल सफाई तक ही सीमित नहीं है। बल्कि खुले में शौच मुक्त करना, पानी की निकासी, गेहूं धान के अवशेषों को जलाना, पॉलीथिन पर पाबंदी पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाना है।

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
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