बात जब शिक्षा की आती है तो ये कहना गलत नहीं होगा की गाओं की शिक्षा अभी भी काफी पिछड़ी हुई है चाहे वो यूपी हो या बिहार |

2016  के  बैच की पुलिस कांस्टेबल है गुड्डन चौधरी

शिक्षा का स्तर दयनीय ही देखने को मिलता है | आज भी बहुत सारे ऐसे बच्चे है जो आर्थिक रूप से कमजोर होने की वजह से अपने बच्चे को शिक्षा नहीं दे पा रहे है और बाल मजदूरी करने पे मजबूर हो रहे है | ऐसे में शिक्षा की अलख जगाने का काम कर रही 2016  के  बैच की पुलिस कांस्टेबल गुड्डन चौधरी | जो की यूपी की रहने वाली है |  बुलंदशहर में गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा दे रही हैं | वहां के लोग उन्हें प्यार से  ‘पुलिस मैडम’ कह कर बुलाते है |

पुलिस अधिकारी भी इनके  नेक काम में देते है इनका  साथ

गुड्डन सिर्फ बच्चों को पढ़ाती नहीं हैं बल्कि अपनी सैलरी का एक हिस्सा इन गरीब बच्चों पर खर्च भी करती हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर है । इनके इस काम के लिए जहाँ तक हो सकता है  पुलिस अधिकारी भी उनके इस नेक काम में उनका साथ देते हैं।

गुड्डन जहाँ अपने सैलरी का कुछ भाग गरीब बच्चों मदद में खर्च  करती है वही मुफ्त  शिक्षा देती है और  कॉपी- किताब भी मुहैया कराती हैं |

 बुलंदशहर के खुर्जा पुलिस थाने में गुड्डन है पुलिस कांस्टेबल

गुड्डन पेशे से पुलिस कॉन्स्टेबल हैं लेकिन खाली समय में गरीब बच्चों को मुफ्त में पढ़ाती भी हैं | इसलिए वहाँ के बच्चे उन्हें पुलिस मैडम कह के पुकारते है | जिससे उनके  चेहरे पर  मुस्कराहट बिखर जाती है | बुलंदशहर के खुर्जा पुलिस थाने में गुड्डन पुलिस कांस्टेबल  हैं, उनके अधिकारी भी उनके इस काम से काफी खुश रहते है |

गुड्डन के अनुसार उनकी  रोजी रोटी उनके प्रफेशन (पुलिस कॉन्स्टेबल) से  चलती है जबकि  बच्चों को पढ़ने  से उन्हें संतुष्टि मिलती है।

 पिछले छह महीने से  24 गरीब बच्चे पढ़ रहे उनकी ‘पाठशाला’ में

बुलंदशहर की ”पुलिस मैडम” गुड्डन चौधरी जो गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा दे रही हैं उनके इस  ज्जबे को सलाम |बुलंदशहर के खुर्जा पुलिस स्टेशन में गुड्डन एक पुलिस कांस्टेबल के रूप में तैनात हैं। पिछले छह महीने से  उनकी ‘पाठशाला’ में 24 गरीब बच्चे पढ़ रहे हैं। गुड्डन कहती हैं, ‘ये गरीब घर के बच्चे हैं। ये गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बड़े स्कूलों में नहीं जा सकते। इसलिए मैं इन्हें यहां पढ़ाती हूं।’और साथ – साथ इन गरीब बच्चों को कॉपी- किताब भी मुहैया कराती हैं।

गुड्डन चौधरी जिन्हे बच्चों को पढ़ना और उनका भविष्य सुधारना  है पैशन

गुड्डन चौधरी जो’कॉलेज के समय से ही गरीब बच्चों को पढ़ाती आ रही है |यह पूछने पर कि पुलिस कॉन्स्टेबल के रूप में व्यस्त दिनचर्या के बावजूद बच्चों को अलग से पढ़ाने के लिए आखिर उन्हें कहां से प्रेरणा मिलती है, गुड्डन कहती हैं, ‘मैं सिर्फ अपने समय का एक छोटा सा  हिस्सा इन बच्चों को दे रही हूं क्यूंकि मै  जानती हूँ की सिर्फ शिक्षा ही है, जो इनको इस गरीबी से ऊपर उठा सकता है  जिससे इनका भविष्य संवर सकता है। भले ही  पुलिस की नौकरी में व्यस्तता अधिक होती है, पर हर कोई  अपने पैशन के लिए समय निकाल ही लेता है, मेरा भी यही पैशन है। मुझे इन बच्चों को पढ़ाकर संतुष्टि और साथ साथ खुशी भी मिलती है।

सीओ ने की प्रशंसा, बोले- नेक काम में हमेशा हम साथ है

खुर्जा के सीओ राघवेंद्र मिश्रा भी करते है  गुड्डन के कार्य की सराहना। क्यूंकि वह जानते है की ये पढ़ाने के साथ- साथ आर्थिक रूप से भी इन बच्चों की मदद करती हैं।उन बच्चों के पिता जिन्हे वो पढ़ाती  है वो  कहते हैं की ‘पुलिस की जो छवि मेरे दिल में थी, मैडम ने उसे बदल  रख  दिया है। हम लोगों के पास इतना पैसा नहीं कि हम एक बेहतर जिंदगी जी पाएं लेकिन मैडम हमारे लिए किसी नई उम्मीद की किरण की  तरह आई हैं, जो हमारे जीवन को बदल की कोशिश कर रही है । हम उनके आजीवन आभारी रहेंगे हैं।’