5 अगस्त को यह ऐतिहासिक कदम के बाद लोकसभा (Loksabha) में 6 अगस्त को आर्टिकल 370 (Article 370) पर बहस चल रही थी, हर सांसद बारी-बारी से इस पर अपनी बात रख रहे थे, इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के युवा नेता और लद्दाख के सांसद जामयांग शेरिंग (Jamyang Tsering Namgyal) ने अपने शानदार भाषण से हर किसी का दिल जीत लिया । पलक झपकते ही सोशल मीडिया पर जामयांग शेरिंग छा गए ।हर कोई उनके भाषण की तारीफ कर रहा था

दिनांक- 05/08/19 को भारत सरकार द्वारा राज्यसभा में एक ऐतिहासिक फ़ैसला लिया गया जिसमें जम्मू-कश्मीर में आज़ादी के समय से लगी धारा 370 एवं आर्टिकल 35A को हटा दिया गया । इस फ़ैसले से देश एवं विदेशों के लोगों में एक नई उत्साह एवं खुशी की किरण जाग्रित हुई लेकिन कई जमाखोरी एवं अपर मानसिकता के लोगों की नींद इस फ़ैसले के बाद अबतक उड़ी हुई है एवं उनकी छटपटाहट की आवाज आवाम तक बखूबी आ रही है ।

◆34 वर्षीय जामयांग शेरिंग (Jamyang Tsering Namgyal) पहली बार सांसद पहुँचे ; और जीत लिया सबका दिल :-

34 साल के जामयांग शेरिंग पहली बार संसद पहुंचे हैं । जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के मुद्दे पर वो सरकार के पक्ष में अपनी बात रख रहे थे , उन्होंने लोकसभा सदस्यों से कहा, ”आज एक ऐतिहासिक दिन है… सुनने के लिए धैर्य रखें.” उनकी बातों पर लोकसभा में बैठे प्रधानमंत्री मोदी से लेकर हर किसी ने तालियां बजाई । लोकसभा में धमाकेदार भाषण देने वाले जामयांग शेरिंग ट्विटर पर ट्रेंड होने लगे।

◆सांसद जामयांग शेरिंग का राजनीतिक सफर :-

जामयांग शेरिंग ने संसद तक के सफर में लंबा रास्ता तय किया है । राजनीति के मैदान में उन्होंने पहला कदम जम्मू में रखा। वे यहां ऑल लद्दाख स्टूडेंट एसोसिेएशन (ALSA) के नेता थे , बाद में वो लेह में भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चे से जुड़े । जामयांग शेरिंग ने लद्दाख के स्टूडेंट की काफी मदद की थी ; उन्हें उन दौर में बिल्कुल नहीं पता था कि उनकी कभी पार्लियामेंट में एंट्री होगी ।

जम्मू से ग्रेजुएशन करने के बाद जामयांग लेह में बीजेपी के दफ्तर में काम करने लगे । वे पार्टी के अलग-अलग नेताओं के लिए चिट्ठियां लिखा करता था , इसके अलावा प्रेस रीलीज़ भी ड्राफ्ट करता था ।
राजनीति में उन्हें सबसे बड़ा ब्रेक जामयांग शेरिंग को उस वक्त मिला जब उन्हें लद्दाख के पूर्व सांसद थुपस्तान छेवांग के चुनावी प्रचार के दौरान मीडिया सेकरेट्री बनाया गया। इसके बाद वो LADHC में कॉउंसिलर बने , फिर वो यहां चेयरपर्सन बने और बाद में उन्हें बीजेपी ने जिले का प्रभारी बनाया ।

◆बुद्धिजीम (Buddhism) को मानते है जामयांग शेरिंग :-

जामयांग सेरिंग नामग्याल का जन्म 4 अगस्त 1985 को लद्दाख के माथो गांव में हुआ । जामयांग का परिवार बुद्धिज्म को मानता है । उनके पिता का नाम स्टैनजिन दोर्जी और माता का नाम ईशे पुतित है । जामयांग जम्मू में उस वक्त काफी चर्चा में आए थे, जब वो जम्मू यूनिवर्सिटी के कामयाब स्टूडेंट लीडर बने। वो लद्दाख के छात्र संगठन ऑल लद्दाख स्टूडेंट एसोसिएशन के 2011-12 में अध्यक्ष रहे ।
सांसद बनने के बाद जामयांग शेरिंग ने लोकसभा में कई मुद्दों पर अपनी बात रखी ; पर उनकी आवाज़ हिंदुस्तान के आम लोगो के पास तब पहुँची जब वो जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाने के पक्ष में लोकसभा में अपनी बात रख रहे थे ।।

◆ कई बिंदुओं पर उन्होंने लोकसभा में अपनी बात रखी :-

जामयांग शेरिंग ने लोकसभा में अहम बातें सबके समक्ष रखी जिसे सुनकर पूरा संसद भवन तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा उन्होंने कहा कि वे लद्धाख को यूनियन टेररोटिरी (UT) बनाने के पक्ष में है और वो सिर्फ वो ही नही पूरी लद्धाख की जनता यही चाहती है और इसी मुद्दे से वहां के लोगो ने उन्हें संसाद भवन भेजा है जो अब साकार हो गया।।

लद्धाख में आधिकारिक रूप से यूनियन टेररोटिरी के नियम 31 अक्टूबर 2019 से लागू हो जाएगी ।।

subham Gupta
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