अब वो बातें  गुजरे जमाने की हो गई हैं जब बेटे और बेटियों में फर्क किया जाता था | आज हमारे समाज के जागरूकता का हीं परिणाम है की हमारी बेटियों ने अपने-आप को साबित करते हुए तरक्की के हर मंजिल पर बुलंदी के झंडे गाड़े हैं | आज शायद हीं कोई क्षेत्र बचा होगा जहां बेटियों ने अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज न कराइ हो, और बेटियों के इस उपलब्धि में सबसे बड़ा हांथ हैं मार्गदर्शक का, जिनके सही मार्गदर्शन के कारण हमारी बेटियां कामयाब हो रही हैं | दोस्तों आज हम ऐसे हीं बिहार के एक युवा शिक्षाविद प्रीतम कुमार शाही की चर्चा करेंगे जो बेटियों को निःशुल्क शिक्षा देते हुए एक ससक्त मार्गदर्शक की भूमिका बखूबी निभा रहे हैं….

बेटियों को देते हैं निःशुल्क तकनिकी शिक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अनोखी मुहिम चलाई है बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ | इस मुहीम को नई दिशा दे रहे हैं बिहार तकनिकी शिक्षा रत्न से सम्मानित प्रीतम कुमार शाही जो पॉलिटेक्निक (तकनीकी) में पढ़ रही छात्राओं को मुफ्त में पढ़ाते हैं | प्रीतम कुमार शाही  लड़कियों को तकनिकी शिक्षा आर पी एस चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से बिलकुल निःशुल्क  उपलब्ध करवाते हैं |  इसके निदेशक गौतम कुमार कहते हैं कि, “आज लड़कियां किसी भी मायने में लड़कों से कम नहीं है ऐसे में लड़कियों को उचित मार्गदर्शन मिलना चाहिए. तकनिकी क्षेत्र में भी महिलाओं ने अपनी भागीदारी बढाई हैं तो ऐसे में हमारी जिम्मेवारी बढ़ जाती है कि उन युवतियों को तकनिकी शिक्षा दें जिन्हें इसकी आवश्यकता है |

“बेटियां किसी भी मायने में कम नहीं है – प्रीतम कुमार शाही

आज आप किसी भी क्षेत्र में नजर उठा कर देख लीजिये हमारी बेटियां  वहां अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुकी होती हैं | हमारी बेटियां  विज्ञान प्रोधोगिकी क्षेत्र में भी अपना परचम लहरा रही हैं |  सरकारी नौकरी से लेकर प्राइवेट सेक्टर, खेल, साहित्य, सिनेमा तथा आज तकनीक में भी पीछे नहीं है, कल्पना चावला, सुनीता विलियम्स, मिसाइल वुमन, टेसी थॉमस सरीखे कई महिला हैं जिन्होंने अपनी काबिलियत से दुनिया के सामने खुद को साबित किया और देश का नाम रौशन किया है | आज  समाज के अन्दर बेटे बेटियों की प्रति जो भावना व्याप्त है उसे दूर करने की आवश्यकता है |  लड़कियों को लड़कों के समान लाना होगा इसके लिए लड़कों के समकक्ष लाने के लिए हर क्षेत्र में खड़ा करना होगा |  तकनिकी क्षेत्र में लड़कियों की भागदारी बढ़ाने की जरुरत है |  इस तरफ हमारा एक छोटा सा कदम है |

पौधे वाले गुरूजी राजेश कुमार सुमन से मिली थी प्रेरणा

प्रीतम कुमार शाही जी को  यह प्रेरणा बिहार के समस्तीपुर स्थित रोसड़ा में राजेश कुमार सुमन जी के द्वारा चालाये जा रहे मुफ्त कोचिंग से मिली जहां राजेश कुमार सुमन बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाते हैं और गुरु दक्षिणा के रूप में 18 पौधे भेंट स्वरुप लेते हैं |  राजेश कुमार सुमन जी की सबसे ख़ास बात यह है कि वे विदेश मंत्रालय की नौकरी छोड़ समाज निर्माण का नेक कार्य कर रहे हैं |

शाही कहते हैं कि, बेटियां किसी भी मामलों में बेटों से कम नहीं है। बेटी के शिक्षित होने से मात्र एक व्यक्ति नहींबल्कि पूरा परिवार शिविर और संस्कारित होता है।’बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ अभियान को सुमन जी जैसे गुरु बिहार में जमीनी स्तर से चला रहे हैं जिसको आगे बढानें के लिए यह कदम उठाया गया है |  उनके इस कदम को हम तकनीक में भी लगा रहे हैं और बेटियों को तक

niraj kumar

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