आज बिहार में भी टिक-टॉक एप के प्रति युवाओ की दीवानगी इस कदर बढ़ गई है की लोग पैसे और लोकप्रियता के लिए अंजाम जाने बगैर खतरनाक स्टंट भी करने लगे हैं, आज कितने हीं युवा हैं जो अपनी पढ़ाई चौपट कर टिक-टॉक वीडियो बनाने के के चक्कर में गंभीर दुर्घटना के शिकार हुए तो कइयों को अपनी जान से हांथ तक धोना पड़ा | ऐसे में बच्चों के अभिभावकों की जिम्मेवारी है की अपने बच्चों को इस वाहियात एप से दूर रखे | हाल के दिनों में कुछ ऐसे मामले सामने आएं हैं जिसमे कोई ट्रेन के सामने वीडियो बनाने के चक्कर में ट्रेन से कट कर मर गया तो कोई गंगा नदी में गहराई में जाकर डुब गया |

हाल में हुई कुछ घटनाएं

वीडियो बनाने के चक्कर में हाल में हीं बिहार में घटित कुछ घटनाओं पर नजर डालते हैं जिसमे पहली घटना दरभंगा जिले की है | 26 जुलाई को दरभंगा के अदलपुर गांव में तीन दोस्त बाढ़ के पानी की तेज धारा में छलांग लगाते हुए फोटो खींचने लगे, तभी अफजल नाम का लड़का टिक-टॉक के लिए खतरनाक स्टंट करने लगा, इस दौरान वो नदी में दुब गया | अफलज की लाश तीन दिन के बाद बरामद हुई |

30 जुलाई को हाजीपुर-सोनपुर रेलखंड के जगजीवन राम रेल पल के पास 18 वर्षीय विवेक का टिक-टॉक पर वीडियो बनाने के कारण ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मृत्यु हुई | 12 अगस्त को दीघा थाना के पाटी पुल पर तीन दोस्त टिक-टॉक के लिए वीडियो बना रहा था | बनाने के क्रम में तीनो नदी में डूबने लगे जिसमे से दो लड़को को स्थानीय लोगों ने किसी तरह बचा लिया पर तीसरा लड़का डूब गया जिसकी लाश भी नहीं मिली | इस तरह के दर्जनों मामले हैं जिसमे बच्चों को अपनी जान से हांथ धोना पड़ा है |

 

बच्चो की पढाई भी हो रही है प्रभावित

टिक-टॉक पर वीडियो बनाने की दीवानगी के चक्कर में आज की युवा पीढ़ी का भविष्य अधर में लटका हुआ है | आज कई युवा यहां तक की बच्चे भी अपनी पढ़ाई छोड़ पूरा दिन वीडियो बनाने में हीं लगे रहते हैं | कई युवाओं को तो वीडियो बनाने के चक्कर में जेल की हवा तक खानी पड़ी | कहा जाता है की “अति सर्वत्र वर्जयेत्” इस संसार की सबसे पुरानी मान्यता है की किसी भी चीज की अधिकता हितकारी नही होती है इसलिए हर क्षेत्र में अति का निषेध किया गया है | अतः वीडियो बनाने के क्रम में इतना भी खो जायें की आप को अपनी जान से हाँथ धोना पड़ जाएं |

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
niraj kumar