घरेलु हिंसा की शिकार महिलाओं की खामोशी तो समझ में आती है कि वो डरती हैं या फिर उनका इतना सशक्तिकरण नहीं हुआ है कि वो आगे आकर इसके खिलाफ आवाज उठाएं लेकिन ये बात बिल्कुल समझ में नहीं आती कि आखिर उनके परिवार के लोग किस वजह से घरेलु हिंसा की शिकार महिलाओं का साथ देने से कतराते हैं |पर इसी समाज में कुछ वैसे लोग भी हैं जो इन महिलाओं की आवाज बन कर उभरी हैं | उन्ही नामों में एक नाम उत्तरप्रदेश की  फ़रहत नकवी  का भी आता है जो  घरेलू हिंसा, मारपीट, तीन तलाक, दहेज की बढ़ती मांग से तंग महिलाओं के हक के लिए  लड़ती हैं |  

 Farhat Naqvi

मेरा हक फाउंडेशन के जरिये करती हैं लोगों की मदद

फरहत नकवी ( Farhat Naqvi ) का मेरा हक फाउंडेशन Mera haq foundation ऐसे महिलाओं की आवाज़ उठा रहा है, जिनकी आवाज को घर की चारदीवारी के बीच दबाने की कोशिश हो रही है |   फरहत नकवी ( Farhat Naqvi )  2006 से अपना केस लड़ रही थी जब फरहत नकवी कोर्ट में बैठती थी तो देखती थी कि मेरी तरह कितनी एसी महिलाएं है जो पूरा दिन बैठती हैं यहां पर,  जब वो महिलाएं फरहत नकवी को  देखती थीं तो उनके पास आ कर  राय लेती थीं मुझसे और धीरे-धीरे मुझे लगने लगा की इन लोगों के लिए मुझे आगे बढ़ना चाहिए |

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तब उन्होंने मेरा हक फाउंडेशन की नीव डाली जहां से फरहत नकवी घरेलु हंसा की शिकार महिलाओं की आवाज़ बनती है | आपको बताते चले की फरहत नकवी भारत के मशहूर राजनेता मुख्तार अब्बास नकवी की बहन हैं |

 Farhat Naqvi

अब तक सैकड़ों महिलाओं की मदद कर चुकी हैं Farhat Naqvi 

फरहत नकवी ( Farhat Naqvi ) के  पास अभी 100 से ज्यादा महिलाओं के केस है, जिसके हक की लड़ाई में हम उनके साथ है, 4 केस का कॉम्प्रोमाइज करवा चुकी हैं  जिनमें से 2 हिन्दू लड़कियां है और 2 मुस्लिम महिलाएं है |  मेरा हक फउंडेशन हर सात दिन में उनके घर जाकर ये चेक भी करता है कि वो लड़किया ठीक से अपने घर पर रही है या नहीं।

 Farhat Naqvi

फ़रहत की शादी 18 साल की उम्र में हुई थी कुछ परेशानी के चलते उन्होंने अपने पति से अलग होने का फैसला किया। कानूनी लड़ाई में भी काफी परेशानी आई पर माता, पिता, की मदद से कानूनी लड़ाई शुरू की। फ़रहत ऐसी हिन्दू और मुस्लिम महिओं की मदद करती हैं जो पैसे से या किसी और परेशानी से अपना केस नहीं लड़ पाती |

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
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