जरा एक  स्थिति की कल्पना कीजिये की किसी व्यक्ति रात को ग्यारह बजे रोड पर एक्सीडेंट होगया है और वो दर्द से छटपटा रहा है पर उस भीड़ वाले रोड पर कोई उसकी मदद नहीं कर रहा है बल्कि सिर्फ वीडियो बना रहा है ! ठीक उसी वक्त एक साधारण से कद-काठी का ये नव युवक उस भीड़ को चीड़ कर दुर्घटना ग्रस्त व्यक्ति के पास पहुँचता है उसकी स्थिति का जायजा लेता है एम्बुलेंस की व्यवस्था करता है उसे एम्बुलेंस में डालता है उसे निकटतम अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराता है, तब जा कर उस व्यक्ति के परिवारवालों को सूचित करता है | आज के कलयुग में ऐसे इंसान को कलियुगी  भगवान् हीं कहा जायेगा |

Vinod Kumar Patna

कलयुग के मसीहा हैं

ऊपर लिखी बातें आज के समय में सिर्फ फिल्मों में हीं दिखाई देता है, पर शुक्र है भगवान् का जिन्होंने इस दुनिया में विनोद कुमार Vinod Kumar Patna जैसे नेक लोगों को भी इस धरती पर भेजा है | मूल रूप से राजधानी पटना के रहने वाले विनोद कुमार Vinod Kumar Patna को समाजसेवा की भावना विरासत में मिली है | बचपन से हीं परिवार के सामाजिक सरोकार का हिस्सा बनते देख बिनोद कुमार के मन में भी निःस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा करने का भाव जागृत हो उठा और आज हजारों लोगों की हांथ विनोद कुमार को दुआ देने के लिए उठते हैं, और कहते हैं काश मेरा भी बेटा विनोद जैसा नेक होता |

इसे भी पढ़े :-लाचारों की भूख मिटाते है पटना के गुरमीत सिंह

सरकारी नौकरी करने के बावजूद समाजसेवा के लिए निकाल लेते हैं समय

आखिर किस मिटटी का बना है यह इंसान ! सुबह पांच बजे घर से निकलना, पटना जंक्शन पहुँच गया के लिए ट्रेन पकड़ना, गया में सिचाई विभाग कार्यालय में अपना काम निपटाना, पुनः गया से पटना के लिए ट्रेन पकड़ घर वापस आना वो भी रात 9 :00  बजे | बावजूद इसके लोगों के लिए इनके पास काफी समय होता है | अगर रात ग्यारह बजे भी इनको किसी का रोड एक्सीडेंट हो गया और इनको मदद के लिए कॉल आ गया तो बिना किसी की परवाह किये निकल जाते हैं अपने घर से और शुरू हो जाती है किसी अनजान की जान बचाने की कोशिश |

Vinod Kumar Patna

 आखिर किस मिटटी का बना है यह इंसान !

सुबह पांच बजे घर से निकलना, घर वापस आना वो भी रात 9 :00  बजे | बावजूद इसके लोगों के लिए इनके पास काफी समय होता है | अगर रात ग्यारह बजे भी इनको किसी का रोड एक्सीडेंट हो गया और इनको मदद के लिए कॉल आ गया तो बिना किसी की परवाह किये निकल जाते हैं अपने घर से और शुरू हो जाती है किसी अनजान की जान बचाने की कोशिश |चंद दिनों पहले की एक घटना है महिला समाजसेविका अमृता सिंह के पति बंटी जी को कहीं से पता चला की दानापुर बस स्टैंड के पास के बुजुर्ग नग्न अवस्था में पिछले कई दिनों से लेटे हुए हैं | बंटी जी ने उस बुजुर्ग की मदद के लिए विनोद कुमार से कुछ करने को बोला साथ हीं एक एम्बुलेंस की व्यवस्था भी करवा डाली |

इसे भी पढ़े :-समाजसेवकों के प्रेरणदूत धर्मवीर सिंह बग्गा

विनोद जी बिना समय गवाए दानापुर में उस बुजुर्ग के पास गए | वो इस कदर बीमार थे की उनके मुंह से आवाज तक नहीं निकल रहा था | तत्काल उन्हें विनोद जी पी.एम.सी. एच  PMCH में  भर्ती करवाए |

Vinod Kumar Patna

खुद के पैसे से करते हैं मदद

विनोद कुमार Vinod Kumar Patna जो भी करते हैं अपने और अपने साथियों के बल पर करते हैं ! चाहे किसी को ब्लड की जरुरत हो , किसी को इलाज के लिए पैसे की जरुरत हो, या फिर रोड एक्सीडेंट में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचानी हो | हालांकि थोड़ी बहुत दिक्कत तो आती है पर ये भी सही है की सितारों पर चढ़ने की हिम्मत रखने वाले किसी पहाड़ से नहीं डरते | कुछ ऐसा हीं व्यक्तित्व है विनोद कुमार का |

Vinod Kumar Patna

लोगों से अपील

विनोद कुमार जब भी किसी की मदद करते हैं, उसकी फोटो सोशल मीडिया पर जरूर डालते हैं, पर नाम कमाने के लिए नहीं बल्कि लोगों को प्रेरित करने के लिए की आप भीड़ का हिस्सा न बने कुछ पहल करें | अगर आपकी एक छोटी सी पहल से किसी की जान बच जाये तो आप दुनिया के सबसे महान व्यक्ति हैं |

विनोद कुमार भले आज पटना में हैं, लेकिन इनके द्वारा किये गए नेक कार्यों की गूंज हर जगह सुनाई देती है | 

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
niraj kumar