भारतीय संस्कृति के साथ देवी-देवताओं के मंदिर भी दुनियाभर में हैं | दुनिया के लगभग हर देश में हिन्दू देवताओं के मंदिर मजूद हैं | इनमे से कुछ मंदिर ऐसे हैं जो उन देशों के लिए पर्यटन का बड़ा केंद्र भी बन गए हैं। बाली, बैंकाक, श्रीलंका, पाकिस्तान आदि में तो मंदिर हैं ही, अमेरिका, साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड सहित अधिकतर देशों में हिंदु देवी-देवताओं को पूरे सम्मान के साथ पूजा जाता है। कई मंदिरों में तो भारतीय भक्त कम विदेशी ज्यादा हैं। आइए, आज आपको ऐसे ही कुछ विदेशों में बने भव्य मंदिरों के बारे में बताते हैं।

अंगकोर वट (कंबोडिया)

अंगकोर वट दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक स्मारकों में से एक है। इसका निर्माण लगभग 12 वीं सदी में खमेर राजा सूर्यवर्मणाम द्वितीय ने कराया था।

श्रीसुब्रमन्यम देवस्थान (मलेशिया)

बातू गुफा कुआलालंपुर के उत्तर में लगभग 13 कि.मी. की दूरी पर है। 1890 में लालकृष्ण पिल्लई ने इस गुफा के बाहर भगवान मुरुगन की प्रतिमा की स्थापना की थी। गुफा के द्वार पर खड़ी भगवन मुरुगन की यह प्रतिमा दुनिया में उनकी सबसे ऊंची प्रतिमा मानी जाती है।

मुरुगन मंदिर (ऑस्ट्रेलिया)

भगवान मुरुगन का मंदिर सिडनी के न्यू साउथ वेल्स के पहाड़ों पर स्तिथ है। सिडनी में मरुगन भगवन के मंदिर का निर्माण यहां रह रहे तमिल व्यक्ति ने करवाया था। इस मंदिर की देखभाल शैव-मनराम नाम की हिन्दू सोसायटी करती है।

अफ़्रीकी हिंदू मठ (घाना)

अफ़्रीकी हिन्दू मठ की स्थापना धनानंद सरस्वती ने की थी। यह हिन्दू मठ होने पर भी यहां के बहुत ही कम भक्त हिन्दू हैं। इस मंदिर के अफ़्रीकी भक्त सख्ती से धार्मिक नियमों और हिन्दू रीती-रिवाजों का पालन करते हैं।

श्री वेंकटेश्वर बालाजी मंदिर (इंग्लैंड)

श्री वेंकटेश्वर बालाजी मंदिर यूरोप में भगवान वेंकटेश्वर का पहला मंदिर था। इस मंदिर का उद्घाटन 23 अगस्त 2006 में किया गया था। यहां स्तिथ भगवान विष्णु की मूर्ति लगभग 12 फ़ीट ऊंची है।

श्री स्वामीनारायण मंदिर (लंदन)

इस मंदिर का उद्घाटन 1995 में किया गया था। इसका निर्माण और देखभाल श्री बोछासंवासी अक्षर पुरुषोत्तम संस्था करती है। मंदिर के निर्माण में जिन पत्थरों का प्रयोग हुआ था, वह पहले किसी हिन्दू मंदिर के निर्माण में प्रयोग नहीं किए गए थे।

राधा माधव धाम (अमेरिका)

यह मंदिर भारत के बाहर स्तिथ सबसे विशाल हिन्दू मंदिरों में से एक है। यह मंदिर लगभग 3300 वर्ग मीटर के क्षेत्र में बना हुआ है। इस मंदिर की स्थापना स्वामी प्रकाशानंद ने 1990 में की थी। इस मंदिर के गुम्बदों की ऊंचाई लगभग 90 फ़ीट की है।

श्री स्वामीनारायण मंदिर (अमेरिका)

यह भारत के बाहर स्थित हिंदू मंदिरों में सबसे विशाल मंदिरों में से एक है। इस मंदिर के कुछ स्तम्भ लगभग 75 फ़ीट ऊंचे है। मंदिर का निर्माण पारंपरिक रूप के नक्काशीदार पत्थर से किया गया है।

पशुपतिनाथ मंदिर, (नेपाल)

यह काठमांडू का सबसे पुराना हिन्दू मंदिर है। इसका निर्माण 11वी सदी में करावाया गया था। बाद में 12वीं और 17वीं सदी में पुनर्निर्माण किया गया था। मंदिर के गर्भ गृह में भगवान शिव की लगभग 1 मीटर ऊंची चार मुंह वाली प्रतिमा है।

तनह लोट मंदिर,(इंडोनेशिया)

भगवान विष्णु को समर्पित यह मंदिर इंडोनेशिया के बाली में एक विशाल समुद्री चट्टान पर बना हुआ है। अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध यह मंदिर16वीं में निर्मित बताया जाता है। यह मंदिर अपनी खूबसूरती के कारण इंडोनेशिया के मुख्य आकर्षणों में से एक माना जाता है। यह मंदिर बाली द्वीप के हिन्दुओं की आस्था का बड़ा केंद्र हैं।

प्रम्बाननमंदिर, जावा (इंडोनेशिया)

मध्य जावा में बना प्रम्बनन मंदिर इंडोनेशिया का सबसे बड़ा और विशाल हिंदू मंदिर है। यह मंदिर मुख्य रूप से भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा को समर्पित है। यह मंदिर यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल है। दुनिया भर के पर्यटकों के लिए प्रम्बनन मंदिर आकर्षण का केंद्र रहता है। इस मंदिर में त्रिदेवों के साथ ही उनके वाहनों के भी मंदिर बने हुए