बस कुछ हीं दिन बचे हुए हैं वर्ष 2019 के, और फिर हो जायेगा आगाज़ वर्ष 2020 का | दोस्तों ख़ुशी और गम के मिले-जुले इस माहौल को आप कैसे यादगार बनाएंगे इसी बात पर हम आज चर्चा करेंगे | 2019 के जाने का गम और और 2020 के आने की ख़ुशी में आप बिहार पटना में मौजूद किस जगह पर जाना आपके लिए सबसे बेहतर होगा, आइये जानते हैं

Escapade Island

वैसे तो पटना में बहुत सारे होटल और क्लब है जहाँ आप वर्ष 2020 का स्वागत संगीत एवं लजीज व्यंजनों के साथ कर सकते हैं | लेकिन अगर आप फन के साथ एडवेंचर के भी शौक़ीन हैं तो आपके लिए सबसे बढ़िया जगह है Escapade Island  जो पटना के दीघा रेल सड़क पूल से जब गंगा नदी को पार करते हैं तो आपको पूल के अंतिम छोड़ पर पहुँचने पर आपके दाहिने तरफ दिखाई देगा यह   Escapade Island  जिसका रास्ता आपको थोड़ा सा आगे बढ़ने पर यादव मोड़ के पास से मिलेगा | एडवेंचर के शौकीनों के लिए यहाँ पर सब कुछ है जैसे Zip Cycling, Hot Air Baloon, Horse Riding, Go Carting, का रोमांच हासिल कर सकते हैं इसके अलावा बच्चों के लिए भी यहाँ बहुत कुछ है |

राजधानी वाटिका

भारत के बेहतरीन और खूबसूरत पार्क में एक नाम पटना स्थित राजधानी वाटिका का भी आता है जिसे पटना वासी इको पार्क के नाम से भी जानते हैं | हर तरह के सुविधाओं से लैस यह पार्क छुट्टी के दिनों में लोगों की पहली पसंद होती है | खास कर 31 दिसंबर और 1 जनवरी को यहाँ की छटा देखते बनती है |

संजय गाँधी जैविक उद्दान

संजय गाँधी जैविक उद्यान (जिसे संजय गाँधी वनस्पति और प्राणि उद्यान या पटना चिड़ियाघर के नाम से भी जाना जाता है) पटना, बिहार, भारत में बेली रोड पर स्थित है। इस पार्क को 1973 में एक चिड़ियाघर के रूप में जनता के लिए खोला गया था। यह पार्क पटना का सबसे पसंदीदा  पिकनिक स्थलों में से एक हैं ,जहां 2019  में अकेले नए साल के दिन 75000 से अधिक आगंतुक आए थे |

एनर्जी पार्क पटना

बिजलीकंपनी द्वारा बनाया गया यह पार्क आज पटना वासी के दिलों पर राज करता है | हालाँकि इसका प्रवेश शुल्क थोड़ी अधिक है बावजूद इसके यहाँ परिवार संग छुट्टिया मनाने वालों की कोई कमी नहीं है | पटना के राजवंशी नगर स्थित बोर्ड कॉलोनी में 11 एकड़ जमीन पर 10 करोड़ की लागत से बना यह पार्क नए साल के जश्न के लिए आपके लिए बेहतर साबित होगा | इस  पार्क की हरियाली मन को मोहने वाली है ही साथ हीं छोटी सी झील का किनारा कम मनमोहक नहीं लगता । पार्क का फव्वारा तो इसकी खूबसरती में चार चांद लगा देता है। शाम को यहां पहुंचने पर लगता है किसी दूसरे देश में पहुंच गए हैं। जो भी दर्शक यह आते हैं खूब मस्ती करके जाते हैं। फव्वारे के साथ फोटो खिंचवाने और सेल्फी लेने वालों की भीड़ लगी रहती है। यह पार्क बच्चों के साथ ही बड़ों के लिए भी खास आकर्षण है। यहां आने पर सकारात्मक ऊर्जा तन और मन को उत्साह से भर देती है। यहां टहलने के लिए भी ट्रैक है। साथ ही साथ वाहनों की पार्किंग के लिए भी अच्छी जगह है। पार्क के मुख्य द्वार से भीतर तक हर जगह मनोरम है। पथ के दोनों तरफ चंपा के पौधे ओर शाम को  झरने की रंगीन रोश

niraj kumar