दोस्तों वर्ष 2019 अब हम सब के लिए कुछ हीं घंटे का मेहमान है | और इस बीते साल के कुछ खट्टे तो कुछ मीठे पल भी हैं | पर आज हम चर्चा करेंगे कुछ वैसे पलों की जिसे आप 2020 में याद करना नहीं चाहेंगे |

15 दिनों तक पटना वासी बने थे जल कैदी

वर्ष 2019 के सितम्बर महीने के अंतिम सप्ताह में हुई बारिश ने बिहार सरकार की सारी पोल खोल कर रख दी | भरी बारिश की वजह से हुए जल जमाव ने पटना के अधिकांश इलाकों में लोगों को जल कैदी बना कर रख दिया था | आलम यह था की उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी से लेकर शारदा सिन्हा सहित कई अन्य गणमान्य लोग भी इस कहर के शिकार हुए थे |

पटना में बरपा डेंगू का कहर

पटना में हुए भारी बारिश से उत्पन्न जल जमाव ने जाते-जाते पटना वासियों को डेंगू बुखार के रूप में सौगात देता गया | आलम यह था की पी.एम.सी.एच सहित पटना के सारे अस्पताल डेंगू मरीजों से भरी हुई थी | वैसे तो डेंगू के चपेट में पूरा पटना का इलाका था पर कंकड़बाग राजेंद्र नगर, मंदिरी, पटना बाईपास एरिया एवं पाटलिपुत्र कॉलोनी डेंगू का कहर कुछ ज्यादा हीं था | और इस कहर का आलम यह था की इस एरिया में शायद हीं कोई घर बचा था जिसके यहाँ डेंगू के मरीज न हो |

राजीव नगर में हुई थी वर्ष की सबसे बड़ी डकैती

वर्ष 2019 के 21 जून को पटना के राजीव नगर इलाके में हुई थी इस वर्ष की सबसे बड़ी डकैती | राजीव नगर थाना के दायरे में स्थित पंचवटी ज्वेलर्स में नौ से भी अधिक हथियारबंद  अपराधियों ने दिनदहाड़े दूकान में घुस हथियार के बल पर तक़रीबन चार करोड़ का सोना लूट कर चलते बने | हालाँकि कुछ हीं दिनों के बाद पुलिस की तत्परता के कारण अपराधी पकडे गए और तक़रीबन एक करोड़ का सोना भी बरामद हुआ |

पटना में हिंसा व् आगजनी

इस वर्ष राजधानी पटना में हिंसा और आगजनी की कई घटनाएं हुई, जिसमे प्रमुख है दशहरा के समय मूर्ति विसर्जन के दौरान हुए हिंसक झड़प | आलमगंज में मूर्ति विसर्जन को लेकर हुए हिंसक झड़प में दोनों पक्षों की तरफ से गोलियां चली थी तथा लगभग पांच घंटे तक पथराव भी हुआ था | उसके बाद पंद्रह दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ, अशोक राज पथ से लेकर कारगिल चौक तक आंदोलनकर्ताओं द्वारा जम कर बवाल किया गया था | इस बवाल के दौरान उपद्रवियों ने कारगिल चौक पर स्थित पुलिस की अस्थाई चौकी को आग के हवाले कर दिया था इसके अलावा वहां मौजूद तक़रीबन एक दर्जन मोटर साइकल को भी राख में बदल दिया था | मजबुरन  उपद्रवियों  को तीतर-बितर करने के लिए पुलिस को गोली तक चलानी पड़ी थी |

पटना में मंत्री व् अफसरों का भी कटा चलान

वैसे तो पुरे देश में मोटर वाहनों का संशोधित कानून लागु हुआ था पर इस कानून का सबसे ज्यादा असर पटना में पड़ा | इस दौरान दर्जनों मंत्रियों एवं अफसरों यहां तक की पुलिस कर्मियों का भी चालान काटा गया | इस जाँच अभियान के तहत सिर्फ पटना जिले में हीं रिकॉर्ड 67 हजार वाहनों का चालान काटा गया, जिससे पुलिस ने 39995762 रूपए वसूले इसके अलावा तक़रीबन 3.76 करोड़ रूपए बकाया राशि भी शामिल है |

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
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