प्रियंका रेड्डी के साथ रेप और क्रूरता पूर्वक हत्या के केस में एक बड़ा मोड़ आया जब शुक्रवार सुबह ही चारों आरोपियों को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया  अब तक मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस जांच के लिए इन आरोपियों को मौका-ए-वारदात पर लेकर गई थी। चारों ने वहां से भागने की कोशिश की जिस पर पुलिस ने उन्हें वहीं ढेर कर दिया।

इन आरोपियों के लिए देश भर में आक्रोश था

28 नवंबर को इन चार आरोपियों की जिनकी उम्र 20 से 26 साल के बीच थी |  महिला डॉक्टर प्रियंका रेड्डी को टोल बूथ पर स्कूटी पार्क करते देखा था| और इन लोगो पर आरोप है कि इन्होने हीं  जानबूझकर उसकी स्कूटी पंक्चर की थी |  इसके बाद मदद करने के बहाने उसका एक सूनसान जगह पर लेकर गैंगरेप किया और बाद में पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया |  पुलिस के मुताबिक घटना से पहले इन लोगों ने शराब भी पी रखी थी |  रेप और मर्डर की  इस घटना के बाद पूरे देश में गुस्सा था और इस मामले की सुनवाई के लिए फॉस्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया था |

हथियार छीन भागने की कोशिश कर रहे थे आरोपी

घटना आज तड़के 3 बजे से 6 बजे के बीच हुआ है |  मिली जानकारी के मुताबिक अदालत में चार्जशीट दाखिल करने के बाद पुलिस इन चारों आरोपियों को घटनास्थल पर ले गई थी ताकि ‘सीन ऑफ क्राइम’ (रिक्रिएशन) की पड़ताल की जा सके |  लेकिन उनमें से एक आरोपी ने पुलिसकर्मी का हथियार छीन कर भागने की कोशिश करने लगा |  पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अगर यह आरोपी भाग जाते तो बड़ा हंगामा खड़ा हो जाता इसलिए पुलिस के पास दूसरा कोई रास्ता नहीं था और जवाबी फायरिंग में चारो आरोपी मारे गए |

अब बेटी की आत्मा को मिलेगी शांति

पशु चिकित्सक के पिता ने पुलिस मुठभेड़ में मारे गए चारों आरोपियों पर कहा, ‘मेरी बेटी की मौत को दस दिन हो चुके हैं। मैं इसके लिए पुलिस और सरकार के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। अब मेरी बेटी की आत्मा को शांति मिलेगी।’

वहीं, तेलंगाना के कानून मंत्री इंद्रकरण रेड्डी ने कहा कि भगवान ने इस मामले में इंसाफ किया है, जो हुआ ठीक हुआ। उन्होंने कहा कि चारों आरोपियों को घटनास्थल पर क्राइम सीन रीकंस्ट्रक्ट के लिए ले जाया गया था, लेकिन इन्होंने पुलिस के हथियार छीनकर भागने की कोशिश की जिसके बाद पुलिस कार्रवाई में सभी मारे गए।

इस एनकाउंटर की देश भर से अलग-अलग प्रतिक्रिया

इस एनकाउंटर के बाद लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रिया देखने की मिल रही है. एनडीटीवी से बात करते हुए एक्टिविस्ट और वकील वृंदा ग्रोवर ने सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि वह सभी के लिए न्याय चाहती हैं लेकिन इस तरह नहीं होना चाहिए था. वहीं इसी मुद्दे पर अनशन पर बैठीं दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि जो हुआ अच्छा है कम से कम वह सरकारी मेहमान बनकर नहीं रहेंगे जैसा कि दिल्ली के निर्भया केस में हुआ अब बेटी की आत्मा को मिलेगी शांति

निर्भया की मां ने भी किया पुलिस एनकाउंटर का समर्थन

निर्भया की मां ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि हैदराबाद पुलिस ने एनकाउंटर कर नजीर पेश की है। कम से कम अब हैदराबाद केस के पीड़ित परिवार को अब रोज-रोज आरोपियों का चेहरा तो नहीं देखना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से ये भी अपील की है कि पुलिस के खिलाफ कोई कार्रवाई न करें उन्होंने बहुत अच्छा काम किया है। निर्भया के दोषियों को अब तक फांसी न मिलने की बात पर उन्होंने कहा कि अब यह सरकार पर सवाल उठता है कि आखिर कब निर्भया के दोषियों को फांसी मिलेगी।

niraj kumar
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