बिहार के मुजफ्फरपुर में जंगली जंगली शूकरों एवं नीलगायों द्वारा फसलों को लगातार नुकसान किए जाने के कारण किसानों के आन्दोलन की चेतावनी के बाद वन विभाग ने यह कवायद शुरू कर दी है और वन विभाग ने राज्य सरकार से भी अनुमति ले ली है | मूक पशुओं का ये कत्लेआम हैदराबाद के प्रोफेशनल शूटरों द्वारा  23 जनवरी को जिले के किसी एक प्रखण्ड से शुरू किया जाएगा |

किसानों के सहयोग से जिले में जंगली जानवरों के आतंक को खत्म किया जाएगा

उसके बाद बाकी के 15 प्रखण्डों में भी वन विभाग अभियान चलाएगा |दरअसल पिछले दस वर्ष से मुजफ्फरपुर जिले के किसान जंगली जानवरों के आतंक से परेशान थे तथा 3 वर्ष पूर्व  केंद्र सरकार ने  भी इन जंगली जानवरों को मारने के लिए 2 साल का वक्त दिया था, लेकिन किसानों की समस्या धरी की धरी रह गई थी |

सरैया प्रखंड से होगी शुरुआत

मुजफ्फरपुर का सबसे अधिक प्रभावित इलाका सरैया प्रखंड माना जा रहा है जहां जंग नीलगाय का सबसे अधिक आतंक है | बताया जा रहा है कि इसके बाद जिले के साहिबगंज, पारू, मोतीपुर, कांटी, औराई और मीनापुर इलाकों के अलावा जिले के उन तमाम इलाकों में वन विभाग जंगली सूअरों और नीलगायों को मारने का अभियान तेज करेगा जहां किसानों की लाख कोशिशों के बावजूद फसलों का नुकसान थम नहीं रहा |

हैदराबाद से मंगवाए गए शूटर

नीलगाय और जंगली सूअर को मारने के लिए हैदराबाद से विशेषज्ञ शूटर को मंगाया गया है | हैदराबाद के प्रोफेशनल शूटर असगर अली और मोहम्मद अली जिले के जंगली जानवरों को सफाई करने का अभियान करेंगे |  वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार दोनों सूटर प्रोफेशनल हैं और सटीक निशाना लगाकर किसानों को राहत पहुंचाएंगे |

देहरादून की टीम नीलगाय पर करेगी अध्ययन

तिरहुत वन प्रमंडल में अब तक नीलगाय के संबंध में कोई डाटा नहीं है। यह भी पता नहीं कि नीलगाय का मूवमेंट कैसे होता है? तिरहुत डीएफओ सुधीर कुमार कर्ण ने नीलगाय पर अध्ययन करने के लिए देहरादून की टीम से संपर्क किया है ताकि नीलगाय पर अध्ययन किया जा सके।

Niraj Kumar
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