आप फिल्मों में कमांडों को दुश्मनों के छक्के छुड़ाते जरूर देखे होंगे, लगभग उसी तरह से हमारे सेना के प्रशिक्षित Commando भी हर परिस्थिति में दुश्मनों के दांत खट्टे करने में माहिर होते हैं | पर दोस्तों Commando बनना इतना आसान नहीं है क्योकि लगभग हजार में से एक सैनिक हीं कमांडों के प्रशिक्षण के काबिल होता है | ये तो बात हुई Commando Trainer कमांडों के प्रशिक्षण की, पर जितना मुश्किल कमांडों बनना है उतना हीं मुश्किल कमांडों को प्रशिक्षण देना भी होता है, और ये पति पत्नी पिछले बीस वर्षों से दे रहे हैं  कमांडों को प्रशिक्षण

Commando Trainer

पति पत्नी दोनों  हैं Commando Trainer

कहने वाले तो बहुत होते हैं पर असली दम उसमे होता है जो कर के दिखाते हैं ! जी हाँ हम बात कर रहे हैं एक भारतीय बेमिसाल जोड़ी मेजर दीपक राव और सीमा राव की जिन्होंने अब तक आई टी बी पी, वायु सेना ( indian air force) एन एस जी कमांडो,पैरामिलिट्री, इंडियन पैरा स्पेशल फोर्स,कमांडों विंग, मरीन कमांडो के  बीस हजार  से भी अधिक कमांडो  को ट्रेंड कर चुके हैं | चुकी किसी योध्दा को युद्ध के दौरान किसी भी विषम परिस्थितियों के लिए सशक्त बनाना आसान नहीं होता, इसके लिए ये पति पत्नी खुद एक दूसरे को नै-नै युद्ध तकनीकों के सक्षम बनाते हैं | यह प्रशिक्षण सिर्फ शारीरिक हीं नहीं बल्कि मानसिक भी होता है तब जा कर एक बेहतर कमांडो बनता है जो देश के लिए किसी भी परिस्थिति में देश के लिए कुछ कर गुजरने के लिए हर वक्त तैयार रहता है |

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सीमा राव को देश की पहली और इकलौती महिला Commando Trainer   होने है गौरव प्राप्त है

वैसे तो देश की पहली और इकलौती महिला कमांडो ट्रेनर सीमा राव पचास वर्ष की हो गई है पर जज्बा कहीं से कम नहीं हुआ यही कारण रहा की 50 वर्षीय डॉ. सीमा राव के इसी समर्पण एवं जज्बे को देखते हुए हाल ही में राष्ट्रपति द्वारा नारी शक्ति सम्मान-2019 से नवाजा गया है। डॉ. सीमा कहती हैं कि उम्र तो सिर्फ एक संख्या है, मेरे इरादे अब भी फौलादी हैं।

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पति मेजर दीपक राव से मिली प्रेरणा

किसी ने उम्मीद नहीं की थी कि सीमा राव जवानों को युद्ध कौशल का प्रशिक्षण दे सकेगी, लेकिन उन्होंने अपनी स्किल्स की बदौलत कॉम्बैट शूटिंग इंस्ट्रक्टर बनने में सफल रही।’इसके बाद तमाम डर को दरकिनार कर इन्होंने अमेरिका स्थित पैडी से स्कूबा डाइविंग, आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग से माउंटेनियरिंग, ताइंक्‍वाडो इत्यादि का प्रशिक्षण लिया। जब शादी हुई, तो पति मेजर दीपक राव से प्रेरित होकर उनसे मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग ली। आज ये अनआर्म्ड कॉम्बैट में सेवन डिग्री एवं इजरायली क्रव मागा में फर्स्ट डिग्री की ब्लैक बेल्ट होल्डर हैं। उन्हें एयर राइफल शूटिंग में भी महारत हासिल है।

niraj kumar