वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान ( Valmiki National Park ) टाइगर रिजर्व और वन्यजीव अभयारण्य, बिहार का एक मात्र टाइगर रिजर्व अभ्यारण्य है जो बिहार के उत्तर-पश्चिमी पश्चिम चंपारण जिले में स्थित है। चम्पारण जिले का नाम दो शब्दों चंपा और अरण्य से लिया गया है जिसका अर्थ है चंपा के पेड़। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगलों में दर्जनों तरह के जीव  पाए जाते हैं जिसमे जंगली स्तनधारी टाइगर, स्लोथ भालू, तेंदुआ, जंगली कुत्ता, बाइसन, जंगली सूअर आदि प्रमुख हैं |

कमाल की है Valmiki National Park में जंगली पशुओं की विविधता

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगलों में पाए जाने वाले जंगली स्तनधारी टाइगर, स्लॉथ भालू, तेंदुआ, जंगली कुत्ता, बाइसन, जंगली सूअर,हिरण और मृग की कई प्रजातियां हिरणों के झुंड, चित्तीदार हिरण, हॉग हिरण, सांभर पाए जाते हीं हैं यहां नील गायें भी भारी संख्या में आपको दिख जायेंगे इसके अलावा  मदनपुर वन खंड में बड़ी संख्या में भारतीय उड़ान लोमड़ियों को भी देखा जा सकता है |

 

Valmiki National Park

एडवेंचर के हिसाब से बहुत बढ़िया है Valmiki National Park का सीमा ट्रैक

इसका नाम सीमा ट्रैक इस लिए पड़ा क्योंकि यह सोमेश्वर रेंज का रिज भारत और नेपाल के बीच की सीमा है | एडवेंचर से भरपूर सीमा ट्रैक के सफर के दौरान आपको नदी के पहाड़ी नदी के धाराओं को पार करना पड़ता है, साथ हीं खड़ी ढलानों पर भी विजय प्राप्त करनी होती है और संकरे मार्ग से चलना पड़ता है। पर ध्यान रहे 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यहाँ आने की अनुमति नहीं है।

 

Valmiki National Park

 

रोहुआ नाला (गंडक नदी की सहायक नदी) में नौका विहारका लुत्फ़

यह साइट मदनपुर रेंज में स्थित है। मदनपुर रेंज में भांग के साथ-साथ वेटलैंड, दलदलों और मिश्रित वन के रूपों में विविधता पायी जाती है। गैंडे जो की नेपाल के चितवन रिजर्व फॉरेस्ट से यहां आते है उनको आप आसानी से देख सकते है।इस क्षेत्र को भारतीय पक्षी संरक्षण नेटवर्क द्वारा महत्वपूर्ण पक्षी क्षेत्र (आईबीए) के रूप में भी नामित किया गया है।

 

Valmiki National Park

मनोर ट्रेक –

यह छोटा ट्रेक (1.5 किलोमीटर) पर्यटकों के लिए खुला है। मैनर वॉच टॉवर के घने जंगल के साथ खूबसूरत ट्रेक का आनंद ले सकते हैं। लकड़ी के टॉवर से मनोर नदी का राजसी दृश्य और हिमालय की पहाड़ियों (नेपाल) की पहाड़ियों का दृश्य काफी दर्शनीय है।

परेवा ट्रैक –

स्थानीय में “परेवा” या “परबा” का अर्थ है कबूतर और “दाह” का अर्थ है जल निकाय। बाघ रिजर्व के सबसे खूबसूरत स्थानों में से एक, यह सोमेश्वर मंदिर के रास्ते पर है। एक पन्ना नीले क्रिस्टल स्पष्ट पानी में कई मछलियों को देख सकता है। झरने के नीचे लगातार पानी बहता रहता है। इस जगह के आसपास के ऊंचे चबूतरे पर सैकड़ों की संख्या में रहने वाले कबूतर और मधुमक्खी खाने वाले झुंड में रहते हैं। इस जगह पर आए बिना कोई भी जंगल पूरा नहीं होता।

सोमेश्वर चोटी –

बेस कैंप से 14 किलोमीटर की ट्रेकिंग कर यहां पहुंचा जा सकता है और यह 2884 फीट की ऊंचाई पर स्थित वीटीआर की सबसे ऊंची चोटी है। । रास्ते में टाइटेनिक पॉइंट और हिल टॉप है, जहाँ से नज़ारा शानदार है। अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर एक प्राचीन मंदिर है जो भगवान सोमेश्वर या शिव और देवी काली को समर्पित है। मंदिर के नीचे ऋषि भर्तृहरि की धर्मशाला के खंडहर हैं।

भेरियारी वॉच टॉवर

यह लकड़ी का वॉच टॉवर भेरियारी ग्रासलैंड में स्थित है जहाँ शाकाहारी जानवरों के झुंड उनके प्राकृतिक आवास में देखे जा सकते हैं।

धार्मिक महत्व के स्थान –

वाल्मीकि आश्रम
जटाशंकर मंदिर
नारदेवी मंदिर
मदनपुर देवी अस्थाना
सोफा मंदिर।
सोमेश्वर मंदिर
सुभद्रा देवी मंदिर

और भी बहुत सारी जगह है यहाँ जहाँ आप प्रकृति के करीब खुद को पाएंगे

कैसे पहुंचे –

बाया रोड –

पटना >>>>>> बेतिया ( आप जाहे तो यहाँ भी रुक सकते है , यहाँ से १ घंटे की दुरी पे वाल्मीकि नगर है )>>>>>वाल्मीकि नगर

कहाँ रुके –
१. बेतिया
२. वाल्मीकि नगर

नोट – जाने के पहले आप गोवेर्मेंट की तरफ से बनाई गयी वेबसाइट पे सारी डिटेल देख सकते बुकिंग भी केर सकते है।