आज की कहानी एक ऐसे गुमनाम दानवीर की है जिसने वो कर दिखाया है जो शायद हीं उस तबके का कोई इंसान करने की सोंच सकता है | अपनी गाढ़ी कमाई में से 25000 रूपए का राशन खरीद कर बिना किसी को बताये  25 जरूरतमंद परिवार के दरवाजे पर रात में रख दिया |

अगल-बगल के लोगों की स्थिति देख मिली प्रेरणा

आज जो देश में स्थिति है इसमें जो सबसे ज्यादा प्रभावित है वो है लोअर मिडिल क्लास परिवार ! चुकी गरीबों को तो कहीं न कहीं से राशन या भोजन मिल जा रहा है पर लोअर मिडिल क्लास परिवार आभाव में रहते हुए भी किसी के सामने न तो मुंह खोलते, और न हीं मदद के लिए हाँथ फैलाते हैं, और जिस गुमनाम शख्स की हम बात कर रहे हैं वो भी इसी तरह की फैमली से आता है,  और यही कारण है कि उसे समझ थी की कैसे उन लोगों के स्वाभिमान को बिना ठेस पहुंचाए मदद की जा सकती है |

ना तो अपना नाम आने दिया और ना हीं मदद लेने वाले का

इससे अच्छी बात क्या हो सकती है की उसके द्वारा मदद  तो 25 लोगों की हुई लेकिन उनमें से कोई भी उस दानवीर का नाम नहीं जानता | न तो उसे फोटो खिंचवाने का शौक है और ना हीं नाम कमाने का | यहां तक की जब बिहारस्टोरी की टीम गई तो उस लड़के ने एक हीं शब्द बोला नेकी कर दरिया में डाल ! आपको बता दें की वो लड़का मैनपुरा पटना में  एक छोटे से गुमटी में मोबाईल की मरम्मत और ईजी रिचार्ज करता है, पर उसकी सोंच कितनी बड़ी है आप समझ सकते हैं |

संभ्रांत लोगों को पढ़ा रहा है मानवता का पाठ

आज देश में गरीबों की जो स्थिति हो गई है इससे द्रवित हो एक साधारण  मोबाईल रिपेयरिंग और रिचार्ज की गुमटी चलने वाला लड़का इतना कुछ कर सकता है तो जो बिहार में कड़ोडपतियों की लम्बी लिस्ट है अगर वो लोग भी कुछ इस तरह से करने की ठान ले तो शायद हीं बिहार में कोई परिवार होगा जो भोजन के आभाव में भूखा सोएगा |