अगर आप मछली खाने के शौकीन हैं और अपने घर से दूर है तो पटना शहर में आप के लिए ढूंढ कर लाएं हैं हम एक अनोखा ढाबा जहां आपको खुद ही मनपसंद जिंदा मछली को पकड़ना होगा और पकाने के लिए शेफ को देनी होगी |  इस अनोखे अहसास को महसूस करने और जायके का लुत्फ उठाने के लिए आपको पटना बेली रोड स्थित गोला रोड की राह पकड़नी होगी | तीन वर्ष पहले पटना  में खुला ये फिश ढाबा, मछली के शौकीनों की पहली पसंद बन गया है | यहां मीठे पानी की 10 से भी अधिक मछली की  किस्में उपलब्ध हैं |  खाने के साथ यहां ग्राहक मछलियों के साथ सेल्फी का शौक भी पूरा कर सकते हैं | दनियावां फिश ढाबा का दावा है कि आपके द्वारा चुनी हुई मछली 25 मिनिट के भीतर एक बेहतरीन डिश के रूप में आपके सामने होगी |

खुद पकड़िए बनवाइये और खाइये

पटना का यह फिश ढाबा बिहार का इकलौता फिश ढाबा है जहां आप खुद अपने हांथों से मछली पकड़ेंगे और शेफ को पकाने के लिए देंगे, और आधे घंटे के अंदर वो मछली आपके खाने के टेबल पर होगी | और कुशल कारीगरों द्वारा तैयार इस मछली को खाते हीं मुंह से अपने-आप निकल जायेगा ! वाह गजब का स्वाद है |

हर मछली के नाम पर अलग-अलग झोपडी

इस ढाबे में आप जैसे हीं कदम रखेंगे आपको अंदर बहुत सारे झोपडी दिखाई देंगे, और उन सब के नामकरण भी मछलियों के नाम पर हीं रखे गए हैं | रोहू, कतला, झींगा, बचवा, चेल्हवा इत्यादि नामों के झोपड़ियों में बैठ ताज़ी मछली का लुत्फ़ उठाना आपको एक अलग रोमांच का एहसास कराएगा | और सफाई ऐसी की मछली का ढाबा होते हुए भी यहां आपको नाम मात्र का भी मछली का गंध नहीं मिलेगा, पूछने पर वहां के मैनेजर ने बताया की यहां साफ-सफाई का ख़ास ध्यान रखा जाता है, साथ हीं मछलिया ताज़ी रहती है तो दुर्गन्ध का सवाल हीं नहीं होता |

काफी किफायती भी है

आप किसी भी रेस्टोरेंट में मछली खाने चले जाएं आपको मछली की गुणवत्ता और कीमत देख निराशा हीं हांथ लगेगी, पर दनियावां फिश ढाबा में ऐसा नहीं है ! अगर आपके जेब में 100 रुपया भी है तो आप यहां दो पीस मछली के साथ चावल या रोटी खा सकते हैं |

वही अगर लाइव फिश की बात करें तो यहां आप जो मछली पकड़ेंगे तो उसी समय उसका वजन होगा जो है 600 प्रति किलो, इसी कीमत में पकाने का भी खर्च भी समाहित है

Niraj Kumar
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