पर्यावरण का संरक्षण और संवर्द्धन हम सबकी सामाजिक, नैतिक और राष्ट्रीय ज़िम्मेदारी है, पर हमारे देश में बिरले लोग हीं है जो इस ज़िम्मेदारी को समझते हैं और जननी धरती माँ के लिए समर्पित होकर इसे और अधिक स्वच्छ और हरित बनाने की ओर कुछ कार्य करते हैं | आज मैं जिनकी बात करने वाला हूँ वो ऐसे हीं व्यक्ति है, जो बिहार समस्तीपुर के रहने वाले हैं और पौधेवाले गुरूजी कहलाते हैं | वो सिर्फ एक अनोखे पर्यावरण प्रेमी ही नहीं बल्कि बीएसएस क्लब के नाम से निःशुल्क पाठशाला भी चलाते हैं और बच्चों से गुरुदक्षिणा में पौधे लेते है |

पौधे वाले गुरु जी ‘राजेश कुमार सुमन’

बिहार के समस्तीपुर जिला के रोसड़ा प्रखंड के कुशवाहा टोल, ढ़रहा निवासी किसान श्री राम चरित्र महतो व गृहणी श्रीमती राम कुमारी देवी के बड़े पुत्र राजेश कुमार सुमन   को बचपन से ही पर्यावरण के प्रति गहरी लगाव था | इसलिए राजेश कुमार सुमन  पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन के लिए बचपन से ही अपने माता-पिता के निर्देशन में अपने जन्मदिन के अवसरों पर महंगे केक न काटकर उसी पैसे का पेड़ खरीदकर पौधारोपण करते आ रहे हैं |

“सेल्फी विद् ट्री” अभियान के माध्यम से दुनिया को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाले बिहार समस्तीपुर  के रहने वाले राजेश कुमार सुमन पौधा वाले गुरूजी भी कहलाते हैं |

हर जगह सराहा गया “सेल्फी विद् ट्री” अभियान

पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए राजेश कुमार सुमन और रामलाल प्रसाद के नेतृत्व में चलाये जा रहे अभियान “सेल्फी विद् ट्री” की टीम में आज बिहार के अलग-अलग जिलों में दर्जनों उर्जावान और उत्साही युवाओं की टीम है जो चाहे शादी हो, मुंडन हो, या फिर जनेऊ इस तरह के तमाम मांगलिक अवसरों पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा देते हैं तथा महंगे गिफ्ट के बदले पेड़-पौधे भेंट करते हैं |

टीम के सदस्यों के द्वारा वहां पर उपस्थित जन समूहों को भी इस तरह के आयोजनों पर पौधारोपण करने के लिए प्रेरित किया जाता है |

राजेश जी का मानना है अगर आप किसी को जो गुलदस्ता भेंट करते हैं वो पेड़ की पत्ती  और फूल से बनता है जिससे पौधे का नुकसान होता है, अगर आप गुलदस्ता के बदले फूल का पौधा भेंट करते हैं तो एक तो वो गुलदस्ते से सस्ता होगा और दूसरी बात काफी लम्बे समय तक याद भी रखा जायेगा |

इसी तरह विवाहोत्सव के समय होने वाले फलदान के जगह पर पांच फलदार पौधा दिया जाये जिससे की आने वाली पीढ़ी भी उस फल का स्वाद ले सके |

बचपन से हीं पेड़ो से लगाव ने दिया “सेल्फी विद् ट्री” का विचार

सुमन जब 28 वर्ष के हुए थे, तो 28 विभिन्न प्रकार के फलदार और छायादार पेड़ अपने जन्मदिन पर लगाये थे | उसी पेड़ों में से एक वर्ष बाद यानि कि जब सुमन 29 वर्ष के हो गये तो एक अमरूद के पेड़ में 29 फल लगा |

जब उनका ध्यान उस पेड़ के फलों पर गया तो उसी समय उन्होंने सोचा कि आज के युवा वर्ग बड़े-बड़े नेताओं और अभिनेताओं के साथ सेल्फी लेकर फेसबुक पर पोस्ट करते है, तो उन्होंने इससे हटकर पर्यावरण संरक्षण का अनोखा संदेश देने के लिए उस पेड़ के साथ एक सेल्फी लेकर अपने फेसबुक पेज पर शेयर पर करने का मन बना लिया और वही से इस मुहीम की शुरुवात हुयी  जिसका नाम  है “सेल्फी विद् ट्री” (Selfie with Tree)

राजेश कुमार सुमन के इस अभियान को बिहार के  उप-मुख्यमंत्री सह वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री सुशील कुमार मोदी ने भी सराहा है और बूके के बदले इको फ्रेंडली उपहार के रूप में पौधे के साथ सेल्फी भी खिचवाई |

गुरुदक्षीणा में लेते हैं पौधे

राजेश कुमार सुमन बीएसएस क्लब के नाम से निःशुल्क पाठशाला भी चलाते हैं, जहाँ  पीछे दस वर्षो से बेटियों, दिव्यांगो और गरीब बच्चों को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिया जा रहा है | बीएसएस क्लब से अबतक लगभग तीन हजार बच्चे शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं जिनमे से चार सौ से अधिक बच्चे विभिन्न सरकारी नौकरियों में चयनित हो चुके हैं | यहाँ बच्चे जब अपनी शिक्षा पूरी कर लेते हैं तब अपने गुरु राजेश कुमार सुमन को गुरुदक्षीणा के रूप में पौधा भेंट करते हैं |

सेल्फी विद् ट्री” के संस्थापक Paudha Vaale Guroojee Rajesh Kumar Suman राजेश कुमार सुमन का कहना है कि अगर विश्व के तमाम देशों के लोग अपने-अपने जन्मदिन पर पौधारोपण करना शुरू कर दें तो प्रतिवर्ष 7 अरब से अधिक पौधारोपण हो सकता है |

Niraj Kumar
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