अब खरीदें मछली का जीरा

आज बिहार में मछली  की जो दैनिक खपत होती है उसका अस्सी प्रतिशत हिस्सेदारी बिहार में बाहर से आने वाली मछलियों का है, तो सोंच कर देखिये कितना बड़ा अवसर आपके बिहार में है |  अब बारी आती है मछली के जीरा की तो अब बिहार में मछली पालने वालों को मछली के बच्चा ( Fish Seeds ) खरीदने के लिए बिहार से बाहर नहीं जाना पड़ेगा बिहार अरवल के भीखनपुर धवई गांव के रहने वाले प्रणव सिंह का स्टार्टअप लोगों के बिच काफी लोकप्रिय हो रहा है | अब जो लोग बिहार में मछली पालन का कार्य कर रहे हैं उनको अब बंगाल या ओडिशा से मछली का जीरा लाने की जरुरत नहीं पड़ेगी  

हर किस्म की मछली का जीरा

अब उन्नत किस्म का मछली का जीरा जैसे  की खरीदारी आप बिहार में हीं कर सकते हैं बिहार के अरवल जिला के वलीदाद पंचायत के भीखनपुर धवई गांव के रहने वाले युवा प्रणव सिंह Pranav Singh  का ये स्टार्टअप लोगों को वाजिब कीमत में उन्नत किस्म की मछली का बच्चा उपलब्ध कराता है, जैसे रोहू, कतला एडवांस कतला पंगास ,सिंघी तिलापिया ग्रास कार्प कॉमन कार्प मछली का सीड्स ( Fish Seeds ) उपलब्ध कराते हीं हैं साथ में प्रणव सिंह किसानों को तीन दिन तक सिक्योरिटी भी देते हैं अगर इस अवधि में किसानों के तालाब में मछली के कुछ बच्चे की मृत्यु हो जाती है तो उस जोखिम का भार प्रणव सिंह खुद लेते हैं, इसके अलावा मछली फार्मरों ( Fish Farmer ) को बेहतर दिशा निर्देश भी देते हैं |

बिहार में Best Quality Fish Seeds के लिए इस वीडियो को देखें

बाहर में हो जाते हैं लोग ठगी के शिकार

प्रणव सिंह कहते हैं कि बहुत से मछली पालक ( Fish Farmer ) बिना सोंचे समझे फिश सीड्स ( Fish Seeds ) की खरीददारी के लिए बंगाल चले जाते हैं और ठगी के शिकार हो जाते हैं, अगर आपके पास अनुभव नहीं है तो आप वहां न जाएँ क्योंकि वहां पर सिक्योरिटी के नाम पर कुछ भी नहीं मिलता साथ हीं गिनती भी वहां की कम होती है इसलिए जो लोग मछली पालन की शुरुवात कर रहे हैं वे बंगाल से मछली का बच्चा ( Fish Seeds ) न ले, जब आपके पास प्रयाप्त हो जाये तभी खुद से खरीददारी बंगाल या ओडिशा जा कर करें |

युवाओं को आगे आना होगा

बिहार में मछली की माँग और मछली के उत्पादन  के बीच भारी अन्तर है। इस अन्तर को भरा जा सकता है और यह अन्तर बिहार के बेरोजगार युवकों के लिये एक अवसर भी बन सकता | अपार संभावनाओं से परिपूर्ण रहते हुए भी आज बिहार में काफी बेरोजगारी है और इसकी सबसे बड़ी वजह लोगों का स्वरोजगार को छोड़ नौकरी की तरफ अंधाधुन भागना है | स्वरोजगार में कितनी सम्भावना है इसका सबसे सटीक उदाहरण मछली पालन और यहाँ खेती से बीस गुणा अधिक आमदनी हासिल की जा सकती है

Niraj Kumar
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