दोस्तों आज बात करेंगे एक ऐसे उत्पाद की जिसकी बिहार में उत्पादन कम पर मांग ज्यादा है, और इस मांग की पूर्ति दूसरे राज्यों जैसे आँध्रप्रदेश और बंगाल से होती है | जी हाँ हम बात कर रहे हैं मछली (Fish Farming )की जिसकी बिहार में पालन की अपार संभावनाएं रहते हुए भी बिहार (Bihar )को मछली के लिए दूसरे राज्य की ओर देखना पड़ता है | और इस कमी को आसानी से पूरा किया जा सकता है जब किसान आपके आप में बदलाव लाएं एवं युवा मछली पालन (Fish Farming ) की तरफ अपना ध्यान आकर्षित करें |

जहानाबाद के भगवान पुर गांव में हो रही है उन्नत तरीके से मछली का पालन

आज जिस मछली पालक की चर्चा करने जा रहे हैं वो बिहार जहानाबाद जिले के सेवनन  रेलवे हाल्ट के नजदीक भगवानपुर गांव के रहने वाले अजय कुमार सिंह जी (Ajay Kumar Singh )हैं जो अपने गांव के उप मुखिया भी हैं और पिछले पांच वर्षों से उन्नत तरीके से मछली पालन (Fish Farming In Advanced Ways )कर अच्छी-खासी कमाई कर रहे हैं |

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मुखिया जी दो एकड़ में PANGASIUS और IMC FISH का उन्नत तरीके से MACHHLI PALAN करते हैं

दो एकड़ में फैले अपने तालाब से सालाना आठ लाख की आमदनी कर रहे हैं | इनसे प्रेरित हो कर आज इनके गांव में आधा दर्जन से अधिक किसान मछली पालन (Fish Farming )कर रहे हैं |

पंगास Pangasius और आई एम सी Imc का पालन करते हैं एक हीं तालाब में

अजय कुमार जी अपने तालाब में एक साथ चार तरह के मछली पंगास (Pangasius Fish ) रोहू (Rohu Fish ) कतला ( Katla Fish ) ग्रास कार्प ( Grass Carp ) का पालन करते है जिससे उनको एक साथ अच्छी आमदनी हो जाती है | कैट फिश (Cat Fish Marketing  ) और आई एम सी फिश के मार्केटिंग (Imc Fish Marketing )के बारे में पूछने पर अजय जी बताते हैं की कम कीमत के कारण पंगास के मार्केटिंग (Pangasius Fish Marketing )में थोड़ी बहुत दिक्कत आती है पर रोहू (Rohu Fish Marketing )मछली और कतला  मछली (Katla Fish Marketing )के मार्केटिंग में कोई दिक्कत नहीं आती ये आसानी से बिक जाती है |

जरूरत है युवाओं को आगे आने की

फिश फार्मिग (Fish Farming )एक ऐसा व्यवसाय है जिसे हर कोई कर सकता है इसमें शुरुवाती दौड़ में हीं थोड़ा ज्यादा पैसे की जरूरत पड़ती है पर ये भी सच है की अगर आप सही तरीके से ट्रेनिंग ले कर मछली पालन (Fish Farming Training )करेंगे तो आपका पैसा एक वर्ष में वसूल हो जायेगा |

पंगास Pangasius के जगह पर आई एम सी Imc पालें

अजय जी बताते हैं की अगर कोई युवा मछली पालन (Fish Farming ) करना चाहते हैं तो वे पंगास मछली (Pangasius Fish Farming )से शुरुवात न करें बल्कि आई एम सी मछली (Imc Fish Farming )जैसे रोहू मछली (Rohu Fish Farming )कतला मछली (Katla Fish Farming ) ग्रास कार्प (Grass Carp Farming )का पालन करें तो ज्यादा लाभ होगा

Niraj Kumar
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