इसमें कोई शक नहीं है की बकरी पालन (Goat Farming ) एक बढ़िया स्वरोजगार (Good Self Employment ) है, और अगर आप बकरी पालन (Goat Farming ) में अपना करियर बनाना चाहते हैं और लाखों कमाने का सपना देख रहे हैं तो आज की जानकारी आपके लिए काफी लाभप्रद होगी, क्योंकि  आज हम आपको मिलवाएंगे बिहार नवादा जिले के एक ऐसे व्यक्ति से जिन्होंने मात्र एक बकरी से अपने बकरी फार्म की शुरुवात की थी और तीन वर्ष के बाद सलाना पांच लाख की कमाई करते हैं

तीन वर्ष पूर्व डाले थे आदर्श गोट फार्म की नीव

बिहार (Bihar)के नवादा जिले (Nawada District ) के वीरनामां गांव (Veerannam Village ) में स्थित आदर्श गोट फार्म ( Adarsh Goat Farm ) के सफर की शुरुवात मात्र एक बकरी से तीन वर्ष पूर्व हुई थी | आदर्श गोट फार्म ( Adarsh Goat Farm ) के मालिक जितेंद्र कुमार वर्मा (Jitendra Kumar Varma ) जिनका मुख्य पेशा सोने-चांदी के गहनों से जुड़ा हुआ है पर जीतेन्द्र कुमार की बकरी पालने का शौक बचपन से हीं था जिसे उन्होंने अपने उम्र के पैंतीसवें वर्ष में पूरा किया | तीन वर्ष पूर्व मात्र एक बकरी से शुरू हुई आदर्श गोट फार्म ( Adarsh Goat Farm ) में आज सिर्फ बकरियों (Goats ) की संख्या पचास के करीब है जिसमे से बरबरी प्रजाति (Barbari Goats ) की दस बकरी Central Institute Of Research On Goat (Cirg ) की है और बाकी बकरियां भी बरबरी प्रजाति की है जिससे प्रति वर्ष जितेंद्र जी सौ से भी अधिक बकरिया (Goats ) बेच देते हैं जिसकी कुल कीमत लगभग पांच लाख होती है |

ब्रीडर का चयन सावधानी पूर्वक करते हैं

नवादा (Nawada ) स्थित इस आदर्श गोट फार्म ( Adarsh Goat Farm ) की सबसे ख़ास बात है की जितेंद्र जी अपने बकरी फार्म (Goat Farm ) में ब्रीडर ( Breeder ) का चयन बहुत सावधानी से करते है अभी इनके फार्म में अफ्रीकन बोर नस्ल का ब्रीडर (African Boer Breeder ) है इससे पहले इस बकरी फार्म में Central Institute Of Research On Goat (Crig ) से प्राप्त बरबरी नस्ल का ब्रीडर (Barbari Goat Breeder ) था जो 65 Kg का था | क्योंकि जितेंद्र जी इस बात को अच्छी तरह से जानते हैं की बकरी फार्म की सफलता काफी हद तक बकरी के ब्रीडर पर निर्भर करता है | अगर बेहतर ब्रीडर नहीं होगा तो बेहतर बच्चे नहीं आएंगे और अगर बच्चे बेहतर नहीं होंगे तो आपको रेट बढ़िया नहीं मिलेगा

मिलिए उस किसान से जिसने GOAT FARMING की शुरुवात सिर्फ एक बकरी से की पर अब बेचते है लाखों की बकरियां

बकरी के नस्ल का चयन (Goat Breed Selection )-

बकरी फार्म की सफलता (Goat Farm Success) बकरी के नस्ल (Goat Breed )और बकरी की गुणवत्ता (Quality Of Goat )  पर पूरी तरह से निर्भर है साथ हीं आप बकरी फार्म (Goat Farm ) की शान होता है बकरी का ब्रीडर (Goat Breeder) | अगर अच्छे नस्ल की बकरी हो बकरी का ब्रीडर (Goat Breeder) उच्च कोटि का हो तो बकरी पालन में आपकी सफलता (Your Success In Goat Farming ) को कोई नहीं रोक सकता |

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बकरी का खान-पान-

अगर आप बकरी पालन (Goat Farming ) कर रहे हैं तो बकरी के खान-पान (Goat Food)पर आपको विशेष ध्यान देने की जरूरत है अगर आपके पास बकरी (Goats )को चराई कराने का समय नहीं है तो आप बकरी के वैसे प्रजाति का चयन करें जो स्टॉल फीड (Stall Feed )  पर आसानी से सेट कर जाए

बकरी का टीकाकरण (Goat Vaccination ) :-

अगर आपकी बकरियों का टीकाकरण (Goat Vaccination ) नहीं हुआ है तो आप भारी नुकसान में पद जायेंगे ! बकरी के फार्म  (Goat Farm ) में बकरियों का सघन पालन (Intensive Rearing Of Goats )हो ता है ऐसे में उन्हें संक्रमित होने का खतरा काफी बढ़ जाता है ऐसी स्थिति में बकरियों का टीकाकरण (Goat Vaccination ) सुरक्षा कवच का काम करता है | बकरी का टिका आपको अपने अनुमंडल से निःशुल्क मिल जायेगा अन्यथा किसी विश्वशनीय दूकान से इसे खरीदें | जीतेन्द्र कुमार के पास बकरी फार्मिंग ( Goat Farming ) का तीन वर्षों का अनुभव है और बिहार के इकलौते फार्मर है जिनके पास (Cirg ) Central Institute For Research On Goats ब्लड लाइन की बरबरी प्रजाति ( Barbari Goat ) की बकरियां हैं

Niraj Kumar