मुर्गी पालन(Poultry Farming) पिछले 5000 वर्षों से भारत में हो रहा है और यह एक अत्यंत लाभदायक बिज़नेस है। कहा जाता है की मौर्या वंश के प्रमुख उद्योगों में से एक उद्योग मुर्गी पालन (Poultry Farming)  भी था ,लेकिन भारत में अभी भी देसी मुर्गी की उत्पादकता कम है जबकि मांग ज्यादा है। मुर्गी पालन (Poultry Farming) एक ऐसा व्यवसाय है जो कम लागत ,कम समय ,कम जमीन और ,कम जमीन में भी शुरू किया जा सकता है। अभी वर्तमान में मुर्गी पालन (Poultry Farming) बहुत ही ज्यादा तेजी से बढ़ने वाला व्यवसाय है और इसको करने के लिए कोई बहुत ख़ास तकनीक भी नहीं होती बस मेहनत करना है और छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना।

पटना के विक्रम प्रखंड में रहने वाले नवनीस जी Vanraja Desi Murgi Paalan कर रहे हैं उन्होनें मुर्गों में बीमारी के चलते  नुकसान भी झेला मगर हिम्मत नहीं हारी और लगे रहे। वो बताते हैं की 500 Vanraja murgi से 100,000 तक की कमाई आसानी से हो जाती है।

वनराजा मुर्गी (Vanraja murgi) की विशेषता:

vanraja murgi paalan

वनराजा मुर्गी बहुवर्षीय एवं आकर्षक पक्षी है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता होने के कारण रोगग्रस्त होने की संभावना कम है।

वनराजा का मांस स्वादिष्ट एवं काम चर्बी वाला होता है।

यह फ्री रेंज में उत्तम प्रदर्शन करता है।

वनाराजा मुर्गी फ्री रेंज (खुला विचरण) में उत्तम प्रदर्शन करता है।

वनाराजा मुर्गी का प्रदर्शन

एक दिन के चूजे का वजन                                                34 से40 ग्राम

6 सप्ताह में शरीर भार                                         700 से 850 ग्राम

एक कि.गा. शरीर भार प्राप्तकरने का काल          7-8 सप्ताह

अंड़ा की प्रतिशतता                                             72

अंड़ा उत्पादन आरम्भ                                       175 -180 दिन

अंडो से चूजे का उत्पादन                                      80 प्रतिशत

अंडो का औसत वनज                                           55 -63 ग्राम

अंडों को देशी मुर्गी के द्वारा सेने से चुजा प्राप्त किया जा सकता है।

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मुर्गी पालन (Poultry Farming) के लिए जगह की आवश्यकता :

Poultry Farming लिए जगह की आवश्यकता आपके मुर्गी पालन के तादाद पर निर्भर करता है। अनुमान अनुसार 1 मुर्गी पर 1.50 फुट की जगह अनिवार्य है।

Poultry Farm के लिए जगह साफ़-सुथरी और हवादार होनी चाहिए साथ ही इस बात का ध्यान रखना जरुरी है की फार्म उचाई पर हो जिससे की बारिश का पानी किसी भी तरह से प्रवेश न कर पाए।

जगह सुखी होनी चाहिए।

Poultry Farming में किन बातों का रखें ध्यान

रख-रखाव में थोड़ी से लापरवाही के कारण उन्हें बहुत नुक्सान झेलना पड़ा। बहुत तरह की सावधानियां बरतनी पड़ती है जिससे की मुर्गियों स्वस्थ और सुरक्षित रहे। चप्पल और जूतों के साथ लोगों को फार्म में प्रवेश न करने दें। अगर आपने मुर्गियों की वैक्सीनेशन करवा दी है तब भी आपको उन्हें सुरक्षित रखने की बहुत जरुरत है।

पोल्ट्री फार्म (Poultry Farm) के मार्केटिंग के लिए क्या सलाह देते हैं नवनीस जी :

vanraja

Vanraja Desi Murgi Paalan के मार्केटिंग के सन्दर्भ में नवनीस जी कहते हैं कि शुरू के वक़्त में थोड़ा सा नुक्सान झेलना पड़ता है। उसके लिए डरने या हिचकिचाने की जरूरत नहीं है। मार्किट बनाने के लिए शुरुआत में मुर्गियों का रेट थोड़ा कम करना पड़ता है ,मगर एक बार जब मार्किट और कस्टमर बन जाएँ तब बहुत फायदा होगा। वो बताते हैं की Vanraja Desi Murgi Paalan का व्यवसाय बहुत ही फायदा का व्यवसाय है बशर्ते आप  मेहनत करें, मुर्गियों का अच्छे से रख रखाव करें और किसी भी तरह की लापरवाही न करें।  थोड़ी सी भी लापरवाही मुर्गियों में बिमारी की वजह बन सकती है और इससे काफी नुक्सान झेलना पड़ सकता है।

मुर्गी पालन(Poultry Farming) में बीमारियों के चलते हो रहे नुक्सान के विषय में वो कहते हैं की ये कोई बहुत ज्यादा घबराने वाली बात नहीं है ,व्यवसाय में मुनाफा और नुक्सान तो लगा ही रहता है। और इस तरह का वक़्त हमें आगे के लिए बहुत कुछ सिखाता है की इन मुश्किलों को कैसे संभालें और नुक्सान न होने दें। इनके मुताबिक़ (Poultry Farming) मुर्गी पालन एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है ,इसमें बहुत मुनाफा है और साधारण पढ़े लिखे लोगों के लिए तो ये नौकरी से अच्छा विकल्प है क्यूंकि अपने मर्जी से काम कर सकते हैं ,घर छोड़ के कहीं जाने की भी जरुरत नहीं होती और साथ ही मुनाफा भी बहुत अधिक है।