Biggest Fish Market of Bihar
                                               मछलियों के हैं अनेकों प्रकार 

“एक नदी को उसकी मछली के लिए सम्मानित किया जाता है, उसके आकार के लिए नहीं.”

अंग्रेजी की इस कहावत से मछली और उसकी महत्ता का पता आसानी से लगाया जा सकता है. बिहार के लोग मछली को शुभता का प्रतीक मानते हैं. यही कारण है कि ख़ास मेहमान के घर आने पर भी मछली खिलाया जाता है, साथ ही बेटी के तिलक में भी चांदी की मछली देने का रिवाज़ है. ऐसे में मछली-व्यापार का फलना-फूलना तो तय है. पटना स्थित मछली बाज़ार इस बात का सबसे दमदार उदाहरण है.

कहा है सबसे बड़ा मछली मार्केट

ऐसे तो पटना में कई जगह मछली बिकती हैं. पर इन सभी जगहों पर बिकने वाली मछलियां राजापुल के करीब बनें हर्तालीपुर मार्किट से आती हैं. ये मछली बाज़ार बिहार का सबसे बड़ा थोक मार्केट है. ये बाज़ार सुबह 4 बजे से ही शुरू हो जाता है, और करीब 10 बजे के लगभग एकदम खाली.

हम बाज़ार करीबन सुबह 4:15 पहुंचें थें. छोटे-छोटे मछली विक्रेताओं की भीड़ लगी थी. छोटे विक्रेता यहाँ से पसेरी के भाव में मछलियां खरीद कर अलग-अलग जगह बेचने का काम करते हैं. यानि यहाँ पर 5 किलो से कम मछली नहीं मिलती है.

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पटना के इस थोक मार्केट में लोकल और बाहर से आयी मछलियां मिलती हैं. विक्रेता डिमांड के अनुसार लोकल या फिर आंध्र प्रदेश से आयी मछलियां खरीदते हैं. व्यापारियों का कहना है कि बिहार में मछली की इतनी ज्यादा डिमांड है कि अन्य प्रदेशों से मछलियां नहीं मंगायी जाए तो पूरा ही नहीं पड़ेगा.

कैसे ढूंढे अपने पसंद की मछली

मछली मार्केट के लिए तय जगह बहुत विशाल है. यही कारण है कि अलग-अलग मछलियों के लिए जगह निर्धारित है. लोकल मछलियों के अलग और बाहर से आई मछलियों के लिए अलग काउंटर बनाए गए हैं. इसमें भी ये मछलियां साइज़ और प्रजातियों के हिसाब से अलग-अलग बेचीं जाती हैं. यहाँ मिलने वाली मछलियां आम बाजारों से सस्ती होती हैं.

Bihar's Biggest Fish Market is in Patna
                                      सुबह 4 बजे से शुरू हो जाती है भीड़ 

वैसे हमने जहां तक देखा, यहां पर रेवा, रोहू, टिकेट, बचवा, चेलवा, बांसपत्ता और टेंगरा उपलब्ध हैं. इसके अलावा सीफ़ूड जैसे कि अलग-अलग साइज़ के प्रॉन, क्रैब और समुद्री मछली मंग्रेला भी मिलती है. ये सभी सीफ़ूड और मछलियां बंगाल से लायी जाती है.

थोक विक्रेता बताते हैं कि थोक बाज़ार में ग्राहकों की डिमांड के हिसाब से दाम तय किया जाता है. यहाँ रेट फिक्स नहीं होता है. वहीँ कोरोना में लोग चिकन और मटन छोड़ कर मछली खाना ज्यादा सुरक्षित समझ रहे हैं इसलिए मछलियों का दाम बढ़ गया है.

कौन सा समय रहेगा सबसे सही

हर्तालीमोड़ पर लगने वाली बाज़ार में पहले आओ-पहले पाओ वाली पालिसी सबसे बेस्ट काम करती है. ज्यादा परिवार वाले लोग या शादी-विवाह के आयोजनों के लिए यहाँ से मछली लेना किफायती समझते हैं. वैसे सुविधा के लिए बता दें कि ये बाज़ार गुरूवार को बंद रहता है.

Prawns are even available at Bihar's biggest Fish market
झींगे की भी मिलती हैं कई प्राजतियां

अगर आप यहाँ जाने कि सोच रहे हैं तो सुबह 4 बजे से लेकर 10 बज तक ही जाए और साथ ही अपनी पैंट को घुटने तक मोड़ लें. कारण है कि मछली को जिन्दा और फ्रेश रखने के लिए बर्फ की सिल्ली या फिर पानी की जरुरत होती है, और अव्यवस्था कि मार के कारण यहाँ जल निकासी समस्या है.

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