जैसे ही Marine शब्द आता है तो लोग सीधे Merchant navy समझते हैं। Merchant Navy और Inland Vessels दोनों बिलकुल अलग-अलग शब्द हैं। Merchant Navy वो जहाज होते हैं जो लम्बी दुरी तय करते हैं और Inland Vessels वो जहाज होते हैं जो छोटी-छोटी दुरी तय करते हैं जैसे पटना से कोलकाता , पटना से बनारस ,मुंबई से गोवा इत्यादि।मर्चेंट नेवी में वर्तमान में  भीड़ बहुत ज्यादा है वहीँ दूसरी और Inland Vessels में अभी भीड़ बहुत ही कम है जिससे इसमें रोजगार के अवसर ढूंढ़ना आसान है।

प्रेम कुमार ने बिहार की राजधानी पटना के राजा बाज़ार स्थित चाणक्यपुरी कॉलोनी में Shreya Marine Academy की स्थापना कर बिहार के युवाओं को आधुनकि पोत एवं जलयानों के संचालन का प्रशिक्षण दे रहे हैं। आने वाले समय में इस क्षेत्र में बहुत से प्रशिक्षित युवाओं की जरुरत होगी। इसलिए कौशल विकास योजना के तहत विद्यालय स्तर तक की अच्छी पढ़ाई करने वाले युवाओं का इस कोर्स में नामांकन लिया जा रहा है। नामांकन करने के बाद प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को क्षात्रवृति की व्यवस्था भी कराई जाती है। Shreya Marine Academy के प्रशिक्षक प्रेम कुमार जी बताते हैं की उनकी अकादमी देश भर में सबसे सस्ती है। केवल 25000 की Admission Fee और इस Fee में रहने और खाने की व्यवस्था भी कराई जाती है। इसके आलावा 3 साल तक 12-12000 Processing Fee देनी होती है।

Inland Vessels

इनलैंड वेसल्स (Inland Vessels) की आवश्यकता :

लगातार बढ़ती हुई आबादी के कारण कई विकास कार्य जलमर्गों के निकट होने जा रहे हैं। इसके लिए बहुत भारी उपकरणों की आवश्यकता होती है जिसे सड़क मार्ग से लाना संभव नहीं है खासकर बिजली इकाइयों में बाइवलर ,ट्रांसफर्मर ,स्टेटर्स जैसे उपकरण या तो आयत किये जाते हैं या फिर BAHEL के कारखानों में बनते हैं। कई ओवर डाइमेंशनल कार्गो का वजन 100 टन से अधिक होता है इसको लाना सड़क या रेल से संभव नहीं होता। रास्ते में पुल और टनल होने के कारण जलमार्ग ही एकमात्र साधन होते हैं। आज के वक़्त में राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या एक ,दो और तीन पर इस तरह के काफी उपकरण ढोये जा रहे हैं।

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मर्चेंट नेवी Merchant Navy और इनलैंड वेसल Inland Vessels  में अंतर :

Merchant Navy और Inland Vessels  दोनों एक सेक्टर होते हुए भी इनमें बहुत से अंतर हैं।

जिस जहाज पे CDC और पासपोर्ट जरुरी है वो Merchant Navy के अंदर में आती है और जिनमे इन डाक्यूमेंट्स की आवश्यकता नहीं होती वे Inland Vessels  में आते हैं।

Merchant Navy के जहाज आकर में बहुत बड़े होते हैं जबकि Inland Vessels  में 100 में से 90 जहाज छोटे होते हैं और बाकि 10 थोड़े बड़े भी होते हैं।

Merchant Navy अन्तर देशिये होते हैं तथा Inland Vessels  अंतर राज्यीय जहाज होते हैं।

Inland Vessels के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया :

ये प्रशिक्षण पूर्णतः प्रैक्टिकल है। ये देश के बंदरगाहों पर दी जाती है। ये प्रशिक्षण लेने के लिए website : www.smplmarine.com पे जाकर फॉर्म अप्लाई कर दें। उसके बाद होने वाले Demo Classes अटेंड करें जिसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थिओं को Inland Vessels के बारे में और आगे इस क्षेत्र में क्या Career Opportunities हैं इस विषय में जानकारी देना है। डेमो क्लासेज की अवधि 2 से 3 घंटे की होती है। फॉर्म अप्लाई और Demo Classes पूर्णतः निशुल्क है। Admission लेने से पहले डेमो क्लासेस लेना जरुरी है जिससे की विद्यार्थी नामांकन से पहले सब कुछ जान लें और फिर चुनाव करें उन्हें आगे करना है या नहीं वो संतुष्ट हैं या नहीं।

Inland Vessels में ट्रैंनिंग की प्रक्रिया :

Inland Vessels

एडमिशन लेने के 15 दिन के अंदर निर्धारित तारीख और बंदरगाह जहाँ प्रशिक्षण दिया जाना है वहां पहुँच जाना है। वहां जाने के बाद 3 साल तक रहना खाना फ्री रहने के साथ ही हर महीने 8000 की स्कालरशिप भी उपलब्ध कराई जाती है। इसकी ये बात इस प्रशिक्षण को सबसे अलग बनाती है।

1st Year में जहाज का इंट्रोडक्शन उसके बारे में सबकुछ जानना और उसके रख-रखाव का काम सीखना होता है। इसमें २ side होते हैं Dek Side और Engine Side बिल्कुल मर्चेंट नेवी के तरह। 2nd Year में आपको ये तय करना है की आप Dek Side में काम करना चाहते हैं या Engine Side में। अगर आप Dek Side में काम करना चाहते हैं तो Dek Side में जो भी एकुविप्मेंट हैं उसको ऑपरेट करना सीखना होगा और अगर आप Engine Side में हैं तो Engine को ऑपरेट करना सीखना होगा। 3rd Year में आपको जहाज में अपने साइड में एक्सपर्ट हो जाना है और उसको पूरी तरह खुद चलाना है।

प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद सरकार परीक्षा (COC – Certificate of Compontency) लेती है जिसको देने पर आपको जहाज का लाइसेंस मिलता है वो परीक्षा आपको देनी है। यह परीक्षा अलग-अलग समय पर अलग-अलग जगहों में होती रहती है जिसके बारे में आप website : www.smplmarine.com पर देख सकते हैं।

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Inland Vessels में मौके और Income:

इसमें सरकारी और प्राइवेट दोनों मौके है। सरकारी में IWAI -Indian Water Authority Government Of India का जो वेबसाइट है उसपे रिक्रूटमेंट आता है। IWT-Inland water ways से भी रिक्रूटमेंट आती है। इसके अलावा DCI – Draging Corporation of india और Port Trust में भी मौके हैं। प्राइवेट में लगभग हर बंदरगाह पर जरूरत होती है। इसकी सैलरी लगभग 2nd  क्लास मास्टर या ड्राइवर हैं तो 25 से 30000 तक की इनकम होती है और अगर आप 1st  क्लास में हैं तो आपकी इनकम 60 से 70000 के करीब होती है। मतलब 6 से 7 लाख सालाना आमदनी। इस प्रशिक्षण को प्राप्त करके COC  सर्टिफिकेट लेने के बाद आप किसी और देश में भी Inland Vessels में काम कर सकते हैं।

बेरोजगारी के इस बढ़ते दौर में Inland Vessels युवाओं के लिए बहुत अच्छा अवसर है। यहाँ भीड़ भी कम है, बहुत ज्यादा पैसे भी खर्च नहीं करने पड़ते और आपको बहुत ज्यादा डिग्रीओं की भी आवश्यकता नहीं है। तो इसके पहले यहाँ भी भीड़ बढ़ जाए आगे आइये और अपनी जगह बना लीजिये।