Goat Farming

दोस्तों! भारत में बकरी पालन व्यवसाय (Goat Farming Business) शुरुआत से लेकर अब तक किसानों के लिए एक बहुत ही अच्छा रोजगार रहा है। कम लागत और साधारण रख रखाव होने के कारण छोटे और गरीब किसान भी बकरी पालन ( Goat Farming ) की शुरुआत कर सकते हैं। यह दुधारू होने के साथ ही मीट ( Mutton) के लिए भी इसका उपयोग भारी मात्रा में किया जाता है। सस्ते  दामों पर उपलब्ध  हो जाने के कारण इसे गरीबों  की गाय भी कहते  हैं। इसकी  देखभाल इतनी आसान होती  है कि  महिलाएं  और  बच्चे भी इसे आसानी से कर सकते हैं। जरुरत  पड़ने पर इसे बेच कर अपनी जरुरत भी  पूरी की जा सकती है। खेती के साथ भी कई किसान बकरी पालन ( Goat farming ) करते हैं।  मुख्यतः खेतों में चरते हुए भी इनके चारा का  प्रबंध हो जाता है , सूखा पड़ने पर भी आप इन्हें आसानी से चारा उपलब्ध करा सकते है | भारत में हो रहे दूध- मीट के उत्पादन में इनका बहुत बड़ा स्थान है। सीधी तौर पर अगर  बात की जाए तो बकरी पालन ( goat farming business ) बहुत ही अच्छा स्वरोजगार का माधयम है।

BSF की नौकरी छोड़ कर की बकरी पालन ( Goat Farming ) की शुरुआत

अगर आपके पास हिम्मत और कुछ कर गुजरने का हौसला हो तो आपके लिए कोई भी काम मुश्किल नहीं होता। भारत में बकरी पालन(Goat Farming) की लोकप्रियता कितनी बढ़ गयी है इस बात का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं की पटना के पालीगंज प्रखंड के रहने वाले ओंकार तिवारी जी  BSF की नौकरी छोड़कर पिछले दो वर्षों से बकरी पालन (Goat farming) कर रहे हैं।

सबसे पहले वे BSF की नौकरी कर रहे थे उसके बाद उन्होंने  Dairy Farm चलाया मगर अपेक्षित लाभ न मिलने पर फिर उन्होंने बकरी पालन (Goat farming)  का व्यवसाय शुरू किया। वे कहते हैं की बकरी पालन का व्यवसाय शुरू करना उन्हें सरल व सुगम लगा। जैसे दुधारू पशु गाय ,भैंस आदि पालते हैं वैसे ही बकरी का भी पालन किया जाता है बस रख-रखाव में थोड़ी से भिन्नता होती है। उन्होंने शुरुआत 10 ब्लैक बंगाल से की थी और वर्तमान में उनके पास कुल 40 बकरियां हैं जिसमे Cross Breed Goats भी है।

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Black Bengal Goats की विशेषता :

Black bengal goats- Goat Farming

 

Black Bangal Goat नस्ल की बकरियों की ये ख़ास विशेषता  होती है की ये साल में 2 बार बच्चे देती हैंi। Black Bangal Goat की संख्या में वृद्धि बहुत जल्दी होती है इसलिए इसका पालन एक अच्छा विकल्प माना जाता है साथ ही इसका स्वाद अच्छा होने की वजह से इसका मांस (Mutton) भी मार्किट में बहुत डिमांड में रहता है। Black Bengal Goat की एक खासियत  यह भी है कि  ये बीमार बहुत कम पड़ती है तो दवा पर भी खर्च कम ही करना पड़ता है। इसलिए Black Bengal Goat Farming बकरी पालन को खासतौर पर बहुत अच्छा माना गया है।

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बकरियों को बीमारी से बचाने के तरीके :

कुछ मौसमों में अक्सर बकरियों को खासी और जुकाम की बहुत ज्यादा शिकायत होती है ऐसे में ओंकार जी बताते हैं कि इनको इस सब से सुरक्षित रखने के लिए उनके खान-पान  का सही वक़्त निर्धारित कर देना बहुत जरुरी है। खासकर के पानी का, ज्यादातर शाम के समय में पानी पीने के कारण ही इनको खासी और जुकाम की शिकायत होती है। तो 4 बजे के बाद अगर पानी देने से बचा जाये तो उन्हें बीमारी से बचाया जा सकता है। अगर वो सर्दी जुकाम से ग्रसित हो जाएँ तो इसके लिए एंटीबायोटिक या होमियोपैथी दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है।

बकरियों का शेड निर्माण ( Shed for Goat Farm ) :

बकरियों के शेड निर्माण के सन्दर्भ में ओमकार जी बताते हैं कि शेड निर्माण मे वेंटिलेशन का ध्यान रखा जाना चाहिए।

शेड उचाई पर बनाई जानी चाहिए जिससे की बारिश का पानी किसी भी रूप में प्रवेश न कर पाए |

साफ़ पानी की व्यवस्था रखें, नियमित साफ़ सफाई का ध्यान रखें, और अपने Goat farm पर कीटनाशक दवा का नियमित छिड़काव करें।

बधियाकरण (Castration ) क्या है ?

नर जानवरों को नपुंसक बनाने की क्रिया बधियाकरण कहलाती है। दुधारू जानवरों की नस्ल सुधार के लिये बहुत जरुरी है। ऐसे इसकी कई विधियां होती हैं मगर सबसे  आधुनिक विधि है रबर के छल्ले से बधियाकरण। इससे जानवरों में ज्यादा दिक्क्त नहीं होती और इनका स्वास्थ भी ठीक रहता है।

इसकी कीमत भी बहुत ज्यादा नहीं हैं। इसकी  कीमत 2700 रुपये है जिसमे 100 रबर और एक straighter होता है। इसको अच्छे से पैक करके नमी से दूर रखा जाये तो बहुत समय तक लाभकारी रहेगा। Rubber में  पॉवडर का इस्तेमाल करके इसे नमी से आसनी से बचाया जा सकता है।

ग्रामीण इलाकों में शुरू करने के लिए Goat Farming बहुत ही  अच्छा व्यवसाय है। थोड़ी सावधानी बरतनी पड़ती है जैसे बकरी के बच्चों को कुत्तों से बचा कर रखना साथ ही फसलों का नुकसान न करें इसका ध्यान रखना आदि। तो दोस्तों  Goat farming आय का भी बहुत अच्छा स्रोत हैं। बकरी पालन घाटे का सौदा बिलकुल नहीं है। तो आप भी शुरू कर सकते है बिलकुल कम लागत से और मेहनत के दम पर बहुत अच्छा कमा सकते हैं।