Author Archives: niraj kumar

Doing The Different

दिव्यांग होने के बावजूद तारा बाई ने एक मिशाल पेश की है पौधों की पतियां को छूकर समझ जाती है कि पौधा किस सब्जी का है |

ब्रेल लिपि के सहारे दुष्टिहिन व्यक्ति पढ़-लिख कर आगे बढ़ सकता है आत्मनिर्भर बन सकता है लेकिन इन दुष्टिहिन ग्रामीण महिलाओं के लिए ब्रेल लिपि उतनी सहायक नही हो सकती…
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Doing The Different

अपने स्वरोजगार से युवाओं का लिए बन रहे है प्रेरणा के श्रोत : कविन्द्र सिंह पशुओं से प्राप्त गोबर का सही इस्तेमाल करने के लिए उन्होंने तीन टन का गोबर गैस प्लांट लगाया इससे उन्हें रोजाना 30 किलोग्राम गैस मिलती है

दोस्तों आज-कल हर युवा को नौकरी के पीछे भागते देखा जा सकता है अगर वो नौकरी उसे मिल भी जाता है हो उससे वो अपने सपने पुरे नहीं कर सकता…
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Doing The Different

गांवों में कर रहे हैं स्वस्थ भारत का निर्माण : डॉ. सुमित दुबे इन्होने ग्रामीण क्षेत्रों में डेंटल चिकित्सा कैंप लगाकर न केवल लोगों का समय बचाया है बल्कि कम पैसों में इलाज़ देकर उनका पैसा भी बचाया है।

आधुनिकीकरण के इस दौर में जहाँ लोग इंसानियत तक को भूल गये हैं वहीं आज भी कुछ लोग हैं जिन्होंने अपनी मानवता पूर्वक कार्य  से मानवता की एक अलग परिभाषा…
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Doing The Different

मीनाक्षी शर्मा के नए प्रयोग ने प्राथमिक  विद्यालय की तस्वीर बदल डाली , ईजाद की बच्चों को पढ़ाने की अद्भुत कला शिक्षिका ने कठपुतली व कलाकृति से बदल दी प्राथमिक विद्यालय की तस्वीर, जहां दीवारें और क़िताबे तक नाचती है |

हंसते, खिलखिलाते बचपन के लिए अभिभावकों की डांट के साथ-साथ दुलार और सही मार्गदर्शन भी बच्चों के लिए बेहद जरूरी होता है। बच्चों का मन कोमल होता है जो पढाई…
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Doing The Different

विज्ञान का सहारा लेकर करते है लोगो को जागरूक :मधुबनी के मंटू अन्धविश्वास के खिलाफ जागरूक करने के लिए सक्सेस साइंस फॉर सोसाइटी का गठन किया

दोस्तों आज हम बता रहे है बिहार के एक ऐसे शख्स के बारे में जो विज्ञान के माध्यम से लोगो को अन्धविश्वास के खिलाफ जागरूक करने का काम करते है…
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Doing The Different

उम्र 92 वर्ष की थीं जब एक लाख से अधिक डिलिवरी कराने वाली पद्मश्री डॉ. भक्ति यादव का निधन हुआ 2017 में ही पद्मश्री सम्मान से नवाजी गई थी महान समाजसेवी डॉक्टर भक्ति यादव

आज भारत की जनसँख्या एक अरब इक्कीस करोड़ है, पर इतने लोगो में कुछ एसे शख्स होते है जो अपने जीवन काल में कुछ एसा कर गुजरते हैं जिसकी गूंज…
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Featured

बिना हाथों के लकीरों वाली बसंती कुमारी ने अपना सुनहरा भविष्य अपने बुलंद हौसलों से बनायीं है विद्यालय में शिक्षिका के रूप में कार्यरत यह महिला बच्चों को हाथ से नहीं पैर से लिखकर पढ़ाती है |

ना कमी, तुझमें कोई,अब कर ले तू, खुद पे यकीं, जीतेगा तू, हर कदम,बस करना है, खुद पे यकीं | विकलांगता कोई अभिशाप नहीं है, न ये आपके पूर्वजन्मों के…
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Entrepreneurship / Business

5 रूपये से 15 मिलियन डॉलर का सफ़र : अपना भाग्य विधाता खुद बनी ज्योति रेड्डी You are the creator of your own destiny

ये संघर्ष की कहानी है एक जुझारू महिला की जो आंध्र प्रदेश के छोटे से गाँव में जन्मी और 5 रूपए के मजदुरी से अपना सफ़र शुरू  की और 5…
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