Author Archives: niraj kumar - Page 2

Doing The Different

50 वर्षीय अमर सिंह जो बीस वर्षों से बचा रहे हैं लोगों की जिंदगी अपनी स्वेच्छा से 73 बार रक्तदान करने वाले अमर सिंह राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में 330 रक्त दान शिविरों का आयोजन भी करा चुके हैं

  एक अनपढ़ और देहाड़ी मजदूरी करने वाला पचास वर्षीय मजदुर जिसके कदम पिछले बीस वर्षों से जिंदगियां बचाने के जुनून में कभी नहीं ठिठके | 50 वर्षीय अमर सिंह बेशक एक अनपढ़ देहाड़ी मजदूर हैं…
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Doing The Different

दो सौ दिव्यांग बच्चों की जिंदगी संवार रही है ‘सविता सिंह’ अब ये दिव्यांग बच्चे ही सविता की जिंदगी हैं, सविता जीती हैं तो बस इन बच्चों के लिए

कौन कहता है कि सफलता सिर्फ उन्हीं के कदम चुमती है जो शारीरिक रुप से मजबूत व स्वस्थ होते हैं? सच तो यह है कि सफलता उस वृक्ष के समान…
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Dynamic Youths

साईकिल वाले गुरूजी – आदित्य कुमार आदित्य स्कूल न जा सकने वाले बच्चों के लिए, मलिन बस्तियों में 20 वर्षों से लगा रहे हैं 'साइकिल पाठशाला'

दोस्तों आज की कहानी एक नौजवान की है, जिसके के मन में शिक्षा की अलख जगाने का कुछ ऐसा जुनून पैदा हुआ कि उसने साइकिल को हीं मोबाइल पाठशाला बना…
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Bihar

क्रिकेट की दुनिया का नया सितारा पृथ्वी शॉ बिहार के गया जिले में मानपुर गांव के रहने वाले हैं पृथ्वी के पिता पंकज शॉ

भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बनने का सपना संजोये हजारों खिलाड़ी रोजाना आते हैं, और इन्ही खिलाड़ियों में से कोई अपने प्रतिभा के बल पर क्रिकेट की दुनिया में अपनी…
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Doing The Different

पौधा वाले गुरूजी ‘राजेश कुमार सुमन’ का शौक नहीं उनके दीवानगी का दूसरा नाम  है “सेल्फी विद् ट्री” पेड़-पौधे से धरती संवारने की कसम खाई है समस्तीपुर के इस युवा ने और सिर्फ अब तक हज़ारों पेड़ लगाया ही नहीं बल्कि तोहफे में भी देते है

जहाँ हरियाली, वहां खुशहाली को आधार मानकर समस्तीपुर के युवा अपने अनोखे मुहीम “सेल्फी विद् ट्री” अभियान के माध्यम से धरती माँ का श्रृंगार कर रहे है | वृक्षरोपण  और…
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Entrepreneurship / Business

बिहारी युवा इंजीनियर ने खोला स्टार्टअप जहाँ 55 तरह की चाय एक छत के निचे मिलती है : ‘ देसी चाय ‘ गया जिले के आदित्य प्रकाश सिंह के देसी चाय ने पटना के लोगों को बनाया दीवाना - बोरिंग रोड में खोला आउटलेट

हमारे देश में चाय के जितना अपना कोई नहीं , टेंशन की दवा चाय , मेहमाननवाजी की रस्म चाय , डेटिंग पे बुलाना हो तो चाय ,  रिश्ते निभाना हो…
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Doing The Different

पिछले पैंतीस वर्षों से गरीबों को महज एक रूपए में कराया जा रहा है भर पेट भोजन गरीबों को भोजन कराने का विचार आपातकाल के दौरान ही जन्मा था

पांच रुपए में अम्मा थाली और दीनदयाल रसोई के बारे में तो आपने खूब सुना होगा, लेकिन विदिशा मध्यप्रदेश में सार्वजनिक सेवा समिति भी 35 साल से गरीबों को एक…
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Doing The Different

‘वाक फॉर लाइफ’ के जरिए डायबिटीज मुक्त भारत बनाने के रास्ते पर है पुरुषोत्तम सिंह डायबिटीज जागरूकता के लिए कई शहरों और कस्बों में अब तक हज़ारों कैम्पेन कर चुकी है आस्था फाउंडेशन (Astha Foundation)

ईज्जत तो कड़वेपन की भी करनी होगी | मीठे से इश्क इतना भी न करों कि आप मीठे के ही शिकार हो जाये और वो हत्यारा दबे पाँव आपके घर…
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Doing The Different

लावारिश लाशों के मुक्ति दाता ‘जन सेवा दल’, अब तक 8000 लाशों को मुक्ति दे चुकी है जिन लावारिस लाशों को कोई छूता नहीं, उनका अंतिम संस्कार कर गंगा में प्रवाहित करते हैं फूल

कहते हैं जिनका कोई नहीं होता उनकी सहायता के लिए भी ईश्वर किसी न किसी को नियुक्त करता है | भिलाई शहर में 1980 से काम कर रही जन सेवा…
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Doing The Different

‘करन यादव’ जिन्हें दिव्यांगो का सहारा बनने के आगे रास नहीं आई विदेश की नौकरी करन खुद एक दिव्यांग हैं और दिव्यांगों की मदद के लिये हमेशा आगे रहते

दिव्यांगो को देखते हीं मन में दया का भाव उभड़ने लगता हैं, पर दिव्यांगों को सहानुभूति नहीं, सहयोग की जरूरत है | इनके भीतर छिपी प्रतिभा को निखारने का प्रयास…
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