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लोकतंत्र का महापर्व ; जिसमें लोकतांत्रिक स्याही से मिलता है मतदान का प्रमाण :- 1.339 बिलियन आबादी वाले देश मे इस बार 2019 में कुल 900 मिलियन भारतीय 17वी० लोकसभा में मतदान करने हेतू पात्र है ।

विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत मे स्थित है जोकि इस समय अपने पूरे प्रवाह में है । शब्‍द की हर दृष्‍टि से यह महापर्व है - अनूठे ड्रामा, दर्शक…
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अतीत के पन्ने पर दूरदर्शन का इतिहास जो कभी हुआ करता था कंपलीट इंटरटेनमेंट चैनल| आज के ज़माने में प्रसारित टीवी पर जो चैनल चलते है उनका आज़ादी से 90 के दशक तक तो कोई वजूद ही नहीं था , उस वक्त केवल एक सिद्धांत के वजूद के अनुसार टीवी चलता था जोकि था "दूरदर्शन" ।

आजकल के आधुनिकीकरण एवं विज्ञान - तकनीक ने जमाने को पूरी तरह से बदल दिया है । जिसका एक अद्भुत उदाहरण सूचना एवं मनोरंजन के छेत्र से ही मिलता है…
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हम 1 मई को ही मई दिवस या मजदूर दिवस ( Labour Day )के रूप में क्यों मनाते हैं? मजदूर का मतलब सिर्फ कीचड़ से सना हुआ इंसान नहीं बल्कि फाइल की बोझ से दबा हुआ इंसान भी होता है |

मजदूर  का मतलब सिर्फ कीचड़ से सना हुआ इंसान नहीं बल्कि फाइल की बोझ से दबा हुआ इंसान जो किसी संस्थान  के लिया  काम करता है और उसके बदले वो…
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पढ़ें बाबू वीर कुंवर सिंह ( Veer Kunvar Singh ) जी के जीवन की कुछ रोचक बातें एक कुशल योद्धा के रूप में प्रसिद्ध वीर कुंवर सिंह अपने छापामार युद्ध करने की कुशलता के दम पे अंग्रेजों को 7 बार पराजित किये थे

सालों की मांसपेशियों में उठा  जूनून पुराना  था, इसलिये तो लोग कहते है वो महापुरुष बड़ा सयाना था| इस वीर पुरुष के साहस की बड़ाई करते लोग  आज भी नहीं…
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जलियांवाला बाग ( Jallianwala Bagh ) की वो शर्मनाक नरसंहार, जिस पर 100 वर्ष बाद ब्रिटेन को आई शर्म ब्रितानी सरकार के रिकॉर्ड के अनुसार इस अंधाधुंध गोलीबारी में कम से कम 379 लोग मारे गए जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे | हालांकि सूत्रों का कहना है कि इसमें तक़रीबन 1000 लोगों ने अपनी जानें गंवाईं थीं

जलियांवाला बाग ( Jallianwala Bagh ) हत्याकांड ब्रिटिश इतिहास का वो बदनुमा पन्ना है जिसका जिक्र ही अंग्रेजों के लिए शर्मिंदगी का सबब है |  जो अंग्रेज भारतीयों को सभ्य…
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जानें देश में कहां कैसे मनाते हैं होली का त्योहार देश के पूर्वी इलाकों और बिहार में होली को फाग उत्सतव के नाम से जाना जाता है। यहां कई स्थातनों पर कीचड़ से भी प्रख्या्त कुर्ता फाड़ होली खेली जाती है

हमारा देश विविधताओं से परिपूर्ण है और इसका सबसे बड़ा उदाहरण है होली का त्‍योहार जो देश के सभी राज्‍यों में अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है | वैसे तो होली…
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‘जय माँ काली बखोरापुर वाली’ कभी सुने है इसके बारे में आइये आप को परिचित कराते हैं बखोरापुर के भव्य 'काली मंदिर' से और बताते हैं उनकी महिमा

अक्सर आप किसी वाहन के पीछे ‘जय माँ काली बखोरापुर वाली’ लिखा हुआ देखते हैं तो आप के मन में ये सवाल उठता होगा की आखिर बखोरापुर कहाँ है तथा…
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एसिड अटैक की शिकार औरतों के लिए नई उम्मीद हैं ये परदेशी बिहार की एसिड अटैक की शिकार अनुपमा भी करा चुकी है सर्जरी

भारत में अक्सर एसिड हमलों (Acid Attack)के मामले देखने को मिलते हैं, लेकिन इससे जुड़ा कोई विश्वसनीय आंकड़ा मौजूद नहीं है | सरकारी आंकड़ों कि माने तो एक वर्ष में…
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प्रकृति का वरदान है ‘आंवला’ महर्षि चरक के अनुसार आंवले के सेवन से रक्त के समस्त विकार मिटते हैं और आमाशय, मूत्रशय एवं फेफड़ों की बीमारियां नहीं रहती और नेत्रों की ज्योति बढ़ती है

आंवला (Amla) एक ऐसा फल है जो प्रकृति (Nature)ने हमें वरदान(Gift) के रूप में दिया है। आंवले को प्रकृति(Gift Of Nature Amla) से ऐसा वरदान प्राप्त है कि सूखने, घिसने, जलाने…
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खुद के सपनों को बच्चों पर न थोपें (लघु कथा ) बच्चों से उम्मीद तो रखे पर दबाव ना डालें,कही ऐसा ना हो की दबाव और डांट डपट के चलते वे कोई गलत कदम उठा ले और आपको भारी खामियाजा भुगतना पड़े |

किसी शहर में एक शादी-शुदा महिला थी, उस महिला के पति दूसरे शहर में नौकरी करते थे | उन्दोनो की एक 16 वर्षीय बेटी भी थी | उस महिला ने…
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