Tag archives for कथा-संदेश

Motivational Stories

उम्मीद तो रखे पर दबाव ना डालें !

किसी शहर में एक शादी-शुदा महिला थी और उसकी 16 साल की एक बच्ची भी थी. उसके पति दूसरे शहर में नौकरी करते थे. उसने अपनी बेटी से बड़ी उम्मीदें…
Continue Reading
Motivational Stories

अपनी सीमाओं से परे

एक घोड़ा सरोवर के किनारे जल पीने जाया करता था । उस सरोवर के किनारे रहने वाली मेढकी को घोडे के खुर में लगी हुई नाल बहुत भायी । घोड़ा…
Continue Reading
Motivational Stories

विद्वता का अहंकार

महाकवि कालिदास को अपार यश, प्रतिष्ठा और सम्मान पाकर अपनी विद्वत्ता का घमंड हो गया. उन्हें लगा कि उन्होंने विश्व का सारा ज्ञान प्राप्त कर लिया है और अब सीखने को कुछ…
Continue Reading
Uncategorized

अपना अपना मूल्य

एक खिलौने वाला तीन बहुत ही सुंदर और आकर्षक गुडिया बनाकर राजा के पास बेचने के लिए गया। तीनों गुडिया देखने में एक ही जैसी थी ,कोई अन्तर मालूम नही…
Continue Reading

मछुआरा और मेंढक

कथा -संदेश एक बार की बात है समुद्र किनारे कई मछुआरे समुद्र में अपना जाल बिछाए बैठे थे। शाम होने पर सभी ने अपना जाल पानी से बाहर निकाला... लगभग…
Continue Reading

सियार का न्याय

कथा -संदेश किसी नदी के तटवर्ती वन में एक सियार अपनी पत्नी के साथ रहता था। एक दिन उसकी पत्नी ने रोहू मछली खाने की इच्छा व्यक्त की। सियार उससे…
Continue Reading

शरारती बन्दर

कथा -संदेश हिमवंत के वन में कभी एक जंगली महिष (भैंसा) रहता था। कीचड़ से सना, काला और बदबूदार। किंतु वह एक शीलवान महिष था। उसी वन में एक नटखट…
Continue Reading
12