Tag archives for प्रेरक-प्रसंग

खिचड़ी से भी ज्ञान

एक बार खेतड़ी नरेश ने स्वामी  विवेकानंद को अपने यहाँ भोजन पर आमंत्रित किया   . उन्हें खिचड़ी बहुत पसंद था इस लिए उन्हें गरम-गरम खिचड़ी परोसी गयी. खिचड़ी में ढेर सारी घी होने कि वजह से काफी अच्छी खुशबू आ रही थी जो स्वामी जी के  मन को…
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करारा जबाब

प्रेरक प्रसंग बंगाल के महान शिक्षाविद सर आशुतोष मुखर्जी एक बार सीधे-सादे कपड़ों में प्रथम श्रेणी के डिब्बे में यात्रा कर रहे थे । उसी डिब्बे में एक अँगरेज़ भी…
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नैतिक जिम्मेदारी

प्रेरक प्रसंग जब आचार्य प्रफुल्ल चन्द्र राय ने ‘बंगाल केमिकल्स’ की स्थापना की थी । उस समय लोगों की आम धारणा थी कि विदेशी दवाओं के सामने देशी दवाएँ टिक…
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कुछ करते रहो

प्रेरक प्रसंग एक व्यक्ति को अपने किसी कार्य सें संतष्टि नही होती थी। उसे ऐसा लगा करता था कि कही न कही त्रुटि रह गई है। एक बार वह बेंजामिन…
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धन का अभिमान

प्रेरक प्रसंग यूनान में आल्सिबाएदीस नामक एक बहुत बड़ा संपन्न जमींदार था । उसकी जमींदारी बहुत बड़ी थी । उसे अपने धन-वैभव एवम जागीर पर बहुत अधिक गर्व था ।…
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नानक और काजी

प्रेरक प्रसंग एक बार गुरु नानक सुल्तानपुर पहुंचे। वहां उनके प्रति लोगों की श्रद्धा देख वहां के काजी को ईष्‍या हुई। उसने सूबेदार दौलत खां के खूब कान भरे और…
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संत तिरूवल्लुवर का धैर्य

प्रेरक प्रसंग दक्षिण के महान् संत तिरूवल्लुवर क्रोध को जीत चुके थे और सभी के साथ प्रेमपूर्ण व्यवहार करते थे। उन दिनों जब वे अपनी आजीविका चलाने के लिए कपडे…
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प्रेमचंद जी का पत्र

प्रेरक प्रसंग उस समय भारत पर अंग्रेजी हुकूमत थी। अंग्रेज गवर्नर ने सुप्रसिद्व साहित्यकार मुंशी प्रेंमचंद को उपाधि देने का ऐलान किया। जब प्रेमचंदजी ने सुना तो वह दुखी हो…
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गाल्फार्ड की शिष्या

प्रेरक प्रसंग फ्रांस के प्रसिद्ध संगीतकार गाल्फार्ड के पास उनकी एक शिष्य संगीत सिखने के लिए आया करती थी । वह देखने में अत्यन्त कुरूप थी । एक दिन उसने…
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महात्मा और कन्फ्यूशियस

प्रेरक प्रसंग कन्फ्यूशियस पदयात्रा पर निकले। मार्ग में एक महात्मा पेड़ की छाया में विश्राम कर रहे थे । उन्होंने उन महात्मा से पूछ- "महात्मन ! आप नगर छोड़ कर…
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